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Rewari News: किसान बोले-एमएसपी रेट पर नहीं हो रही बाजरे की खरीद
Fri, 18 Sep 2026 11:30 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 18 Sep 2026 11:30 PM IST
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अनाज मंडी में किसानों के बीच पहुंचे मंच के सदस्य। स्त्रोत: मंच
रेवाड़ी। अनाज मंडी में बाजरे की आवक शुरू हो गई है। इसको लेकर लोक सेवा मंच के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को अनाज मंडी का दौरा कर किसानों से उनकी समस्याएं जानीं। किसानों ने कहा कि सरकारी खरीद नहीं होने से उन्हें एमएसपी से कम भाव पर बाजरा बेचना पड़ रहा है। मंडी में बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं।
मंच ने बाजरे की खरीद एमएसपी दर पर करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र भेजने का निर्णय लिया। सामाजिक कार्यकर्ता अशोक प्रधान ने कहा कि देश और समाज को मजबूत बनाने में किसानों की अहम भूमिका है।
सरकार को किसानों के उत्पादन की उचित कीमत सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने बाजरा का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2900 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है, इसलिए इससे कम भाव पर खरीद नहीं होनी चाहिए। किसानों ने आरोप लगाया कि मंडी में बाजरा करीब 2000 से 2150 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर खरीदा जा रहा है।
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मंच ने मंडी में किसानों के लिए पेयजल, शौचालय और खान-पान जैसी बुनियादी सुविधाएं निशुल्क उपलब्ध कराने की मांग की। साथ ही खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता और नियमों की निगरानी के लिए अनाज मंडियों में सिविल सोसायटी के प्रतिनिधियों के साथ कृषि एवं मार्केटिंग बोर्ड के उच्च अधिकारियों तथा विजिलेंस टीमों की तैनाती की मांग उठाई।
बैठक में महेश कौशिक, बीके राम सिंह, राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, दयाराम आर्य, नंदलाल यादव, डॉ. सुरेश कुमार और जगमोहन यदुवंशी सहित अन्य मौजूद रहे। मंच ने सितंबर-अक्तूबर में मंडी का कई बार दौरा कर खरीद प्रक्रिया की निगरानी करने का निर्णय लिया।
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मंच ने बाजरे की खरीद एमएसपी दर पर करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र भेजने का निर्णय लिया। सामाजिक कार्यकर्ता अशोक प्रधान ने कहा कि देश और समाज को मजबूत बनाने में किसानों की अहम भूमिका है।
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सरकार को किसानों के उत्पादन की उचित कीमत सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने बाजरा का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2900 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है, इसलिए इससे कम भाव पर खरीद नहीं होनी चाहिए। किसानों ने आरोप लगाया कि मंडी में बाजरा करीब 2000 से 2150 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर खरीदा जा रहा है।
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मंच ने मंडी में किसानों के लिए पेयजल, शौचालय और खान-पान जैसी बुनियादी सुविधाएं निशुल्क उपलब्ध कराने की मांग की। साथ ही खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता और नियमों की निगरानी के लिए अनाज मंडियों में सिविल सोसायटी के प्रतिनिधियों के साथ कृषि एवं मार्केटिंग बोर्ड के उच्च अधिकारियों तथा विजिलेंस टीमों की तैनाती की मांग उठाई।
बैठक में महेश कौशिक, बीके राम सिंह, राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, दयाराम आर्य, नंदलाल यादव, डॉ. सुरेश कुमार और जगमोहन यदुवंशी सहित अन्य मौजूद रहे। मंच ने सितंबर-अक्तूबर में मंडी का कई बार दौरा कर खरीद प्रक्रिया की निगरानी करने का निर्णय लिया।