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Rewari News: किसान बोले- अगली फसल की बुआई के लिए नहीं बची पूंजी, अब मुआवजा की आस
Tue, 09 Sep 2025 12:06 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 09 Sep 2025 12:06 AM IST
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फोटो : 13नायब तहसीलदार अशोक कुमार को ज्ञापन सौंपते किसान। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
बावल। क्षेत्र में हुई बारिश और जलभराव से किसानों की खेत में खड़ी फसल बर्बाद हो गई है। किसानों के सामने आर्थिक संकट गहरा गया है। उनका कहना है कि अगली फसल की बुआई के लिए भी पूंजी नहीं बची है। अब मुआवजे की आस है। वहीं, भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने बावल कस्बे में बैठक कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन नायब तहसीलदार अशोक कुमार को सौंपकर मुआवजा देने की मांग की है।
किसानों की बैठक सोमवार को आंबेडकर पार्क में भाकियू जिलाध्यक्ष भजनलाल खटाना की अध्यक्षता में हुई। बैठक में आसपास के गांवों के किसान पहुंचे और अपनी समस्याएं साझा कीं। किसानों का कहना था कि लगातार हुई बारिश ने खेतों में फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। अब उनकी स्थिति यह हो गई है कि अगली फसल की बुआई के लिए भी उनके पास पूंजी नहीं बची है।
भाकियू के प्रदेश सचिव रामकिशन महलावत ने कहा कि किसानों की कमर टूट चुकी है। फसल बर्बाद होने के बाद वे कर्ज की दलदल में फंसने लगे हैं। सरकार को तुरंत किसानों के नुकसान की गिरदावरी करवाकर उचित मुआवजा देना चाहिए।
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इस अवसर पर महेंद्र ककरावत, सुमेर बनीपुर, महेंद्र थानेदार, भागमल, रामकिशन किशनपुर, अतर सिंह नेहरा सहित कई गांवों के किसान मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में प्रशासन से तत्काल राहत राशि उपलब्ध कराने की मांग की।
मुआवजा जल्द किसानों के खातों में डाला जाए
बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास कर प्रशासन से यह मांग की गई कि बारिश से प्रभावित किसानों की फसलों का विशेष सर्वे कराया जाए और मुआवजा जल्द किसानों के खातों में डाला जाए। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द कदम नहीं उठाया तो किसानों को आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। ज्ञापन सौंपते समय किसान नेताओं ने स्पष्ट कहा कि पहले भी इस बाबत ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं, लेकिन कार्रवाई न होने से किसान बेहद निराश हैं। अबकी बार यदि समय रहते मुआवजा नहीं दिया गया तो आंदोलन और व्यापक रूप धारण करेगा।
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बावल। क्षेत्र में हुई बारिश और जलभराव से किसानों की खेत में खड़ी फसल बर्बाद हो गई है। किसानों के सामने आर्थिक संकट गहरा गया है। उनका कहना है कि अगली फसल की बुआई के लिए भी पूंजी नहीं बची है। अब मुआवजे की आस है। वहीं, भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने बावल कस्बे में बैठक कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन नायब तहसीलदार अशोक कुमार को सौंपकर मुआवजा देने की मांग की है।
किसानों की बैठक सोमवार को आंबेडकर पार्क में भाकियू जिलाध्यक्ष भजनलाल खटाना की अध्यक्षता में हुई। बैठक में आसपास के गांवों के किसान पहुंचे और अपनी समस्याएं साझा कीं। किसानों का कहना था कि लगातार हुई बारिश ने खेतों में फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। अब उनकी स्थिति यह हो गई है कि अगली फसल की बुआई के लिए भी उनके पास पूंजी नहीं बची है।
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भाकियू के प्रदेश सचिव रामकिशन महलावत ने कहा कि किसानों की कमर टूट चुकी है। फसल बर्बाद होने के बाद वे कर्ज की दलदल में फंसने लगे हैं। सरकार को तुरंत किसानों के नुकसान की गिरदावरी करवाकर उचित मुआवजा देना चाहिए।
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इस अवसर पर महेंद्र ककरावत, सुमेर बनीपुर, महेंद्र थानेदार, भागमल, रामकिशन किशनपुर, अतर सिंह नेहरा सहित कई गांवों के किसान मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में प्रशासन से तत्काल राहत राशि उपलब्ध कराने की मांग की।
मुआवजा जल्द किसानों के खातों में डाला जाए
बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास कर प्रशासन से यह मांग की गई कि बारिश से प्रभावित किसानों की फसलों का विशेष सर्वे कराया जाए और मुआवजा जल्द किसानों के खातों में डाला जाए। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द कदम नहीं उठाया तो किसानों को आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। ज्ञापन सौंपते समय किसान नेताओं ने स्पष्ट कहा कि पहले भी इस बाबत ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं, लेकिन कार्रवाई न होने से किसान बेहद निराश हैं। अबकी बार यदि समय रहते मुआवजा नहीं दिया गया तो आंदोलन और व्यापक रूप धारण करेगा।