{"_id":"69da8f2d2eae2452880ae790","slug":"farmers-protest-against-biometric-slot-system-raise-their-voices-at-the-mandi-rewari-news-c-198-1-rew1001-236590-2026-04-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: बायोमीट्रिक स्लॉट सिस्टम के विरोध में किसानों का प्रदर्शन, मंडी में उठाई आवाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: बायोमीट्रिक स्लॉट सिस्टम के विरोध में किसानों का प्रदर्शन, मंडी में उठाई आवाज
विज्ञापन
मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन करते किसान संगठन। स्रोत : संगठन
- फोटो : सांकेतिक
रेवाड़ी। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर शनिवार को प्रदेशभर में अनाज मंडियों में किसानों पर लागू किए जा रहे बायोमीट्रिक स्लॉट सिस्टम और अन्य शर्तों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। रेवाड़ी अनाज मंडी में भी किसानों ने प्रदर्शन कर अपनी नाराजगी जताई।
प्रदर्शन की अध्यक्षता संयुक्त किसान मोर्चा के नेता भयसिंह फिदेड़ी ने की। इस दौरान जय किसान आंदोलन, ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन और भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मंडी व्यवस्था में किए जा रहे बदलावों को किसान विरोधी बताया।
संयुक्त किसान मोर्चा के नेता राजेंद्र सिंह एडवोकेट ने कहा कि सरकार सुधार के नाम पर किसानों की आजादी छीन रही है। बायोमीट्रिक प्रणाली के तहत किसानों को फसल बेचने से पहले मशीन पर अंगूठा लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। बिना सत्यापन के किसान अपनी फसल नहीं बेच सकता।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि कई बार तकनीकी खराबी या अंगूठे का मिलान न होने के कारण किसानों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। इसके अलावा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, फसल की मात्रा पर पाबंदी और बटाईदार किसानों को बाहर रखने जैसे नियमों से छोटे और गरीब किसान सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
प्रदर्शन में रामकुमार नीमोठ, पृथ्वी सिंह सालियर खुर्द, अमर सिंह राजपुरा, राकेश कुमार सुनारिया, राजकुमार लाधुवास, गजराज सिंह, धर्मपाल सहित अन्य किसानों ने भी अपने विचार रखे।
-- -- -- -- -- -- --
बड़े कॉरपोरेट को पहुंचा रहे फायदा
किसान नेताओं का आरोप है कि इन नियमों के जरिए धीरे-धीरे मंडी व्यवस्था को कमजोर कर बड़े कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि बायोमीट्रिक प्रणाली और स्लॉट सिस्टम को तुरंत समाप्त किया जाए। साथ ही गाड़ी और ट्रैक्टर नंबर की अनिवार्यता खत्म करने, सभी किसानों की फसल बिना शर्त एमएसपी पर खरीदने और एमएसपी को कानूनी गारंटी देने की मांग उठाई।
विज्ञापन
प्रदर्शन की अध्यक्षता संयुक्त किसान मोर्चा के नेता भयसिंह फिदेड़ी ने की। इस दौरान जय किसान आंदोलन, ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन और भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मंडी व्यवस्था में किए जा रहे बदलावों को किसान विरोधी बताया।
विज्ञापन
संयुक्त किसान मोर्चा के नेता राजेंद्र सिंह एडवोकेट ने कहा कि सरकार सुधार के नाम पर किसानों की आजादी छीन रही है। बायोमीट्रिक प्रणाली के तहत किसानों को फसल बेचने से पहले मशीन पर अंगूठा लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। बिना सत्यापन के किसान अपनी फसल नहीं बेच सकता।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि कई बार तकनीकी खराबी या अंगूठे का मिलान न होने के कारण किसानों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। इसके अलावा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, फसल की मात्रा पर पाबंदी और बटाईदार किसानों को बाहर रखने जैसे नियमों से छोटे और गरीब किसान सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
प्रदर्शन में रामकुमार नीमोठ, पृथ्वी सिंह सालियर खुर्द, अमर सिंह राजपुरा, राकेश कुमार सुनारिया, राजकुमार लाधुवास, गजराज सिंह, धर्मपाल सहित अन्य किसानों ने भी अपने विचार रखे।
बड़े कॉरपोरेट को पहुंचा रहे फायदा
किसान नेताओं का आरोप है कि इन नियमों के जरिए धीरे-धीरे मंडी व्यवस्था को कमजोर कर बड़े कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि बायोमीट्रिक प्रणाली और स्लॉट सिस्टम को तुरंत समाप्त किया जाए। साथ ही गाड़ी और ट्रैक्टर नंबर की अनिवार्यता खत्म करने, सभी किसानों की फसल बिना शर्त एमएसपी पर खरीदने और एमएसपी को कानूनी गारंटी देने की मांग उठाई।