{"_id":"69fb88651c68c5e0b2043e2c","slug":"farmers-organization-protested-against-the-increase-in-fertilizer-prices-rewari-news-c-198-1-rew1001-237998-2026-05-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: उर्वरकों के दाम बढ़ने पर किसान संगठन ने किया विरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: उर्वरकों के दाम बढ़ने पर किसान संगठन ने किया विरोध
विज्ञापन
रेवाड़ी। ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के जिला प्रधान रामकुमार नीमोठ ने कहा कि एनपीके उर्वरकों की कीमतों में बढ़ोतरी किसानों की लागत को बढ़ाएगी। उन्होंने कहा कि किसान पहले ही घाटे में चल रहे हैं। सरकार ने एक अप्रैल से उर्वरकों के नए रेट लागू कर दिए हैं जिससे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि एनपीके 20:20:0:13 की कीमत 1500 रुपये से बढ़ाकर 1800 रुपये प्रति बैग कर दी गई है। इसी तरह 10:26:26, 12:32:16, 14:35:14 और 19:19:19 ग्रेड के उर्वरकों में भी लगभग 225 रुपये प्रति बैग की वृद्धि की गई है। म्यूरेट ऑफ पोटाश के दाम में 125 रुपये की बढ़ोतरी हुई है।
रामकुमार ने कहा कि खेती की लागत पहले ही काफी बढ़ चुकी है और अब उर्वरकों के दाम बढ़ने से किसानों की स्थिति और खराब होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि डीएपी और यूरिया समय पर उपलब्ध नहीं होते, और किसानों को अन्य उत्पाद खरीदने के लिए मजबूर किया जाता है।
विज्ञापन
उन्होंने सरकार से बढ़े हुए दाम तुरंत वापस लेने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि ऐसा नहीं होने पर किसान संगठन आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। साथ ही किसानों से भी विरोध में आवाज उठाने की अपील की गई है।
विज्ञापन
उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि एनपीके 20:20:0:13 की कीमत 1500 रुपये से बढ़ाकर 1800 रुपये प्रति बैग कर दी गई है। इसी तरह 10:26:26, 12:32:16, 14:35:14 और 19:19:19 ग्रेड के उर्वरकों में भी लगभग 225 रुपये प्रति बैग की वृद्धि की गई है। म्यूरेट ऑफ पोटाश के दाम में 125 रुपये की बढ़ोतरी हुई है।
विज्ञापन
रामकुमार ने कहा कि खेती की लागत पहले ही काफी बढ़ चुकी है और अब उर्वरकों के दाम बढ़ने से किसानों की स्थिति और खराब होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि डीएपी और यूरिया समय पर उपलब्ध नहीं होते, और किसानों को अन्य उत्पाद खरीदने के लिए मजबूर किया जाता है।
विज्ञापन
उन्होंने सरकार से बढ़े हुए दाम तुरंत वापस लेने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि ऐसा नहीं होने पर किसान संगठन आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। साथ ही किसानों से भी विरोध में आवाज उठाने की अपील की गई है।