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Rewari News: रोजका गांव में आज महापंचायत में शामिल होंगे जिले के किसान
Fri, 04 Jul 2025 11:40 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 04 Jul 2025 11:40 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। मेवात के रोजका गांव में 5 जुलाई को होने वाली किसानों की महापंचायत में जिले के ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल होंगे।
यह जानकारी ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के जिला सचिव राकेश कुमार और जिला उपाध्यक्ष अमरसिंह राजपुरा ने दी।
किसान नेता अमरसिंह राजपुरा ने कहा कि जिला नूंह के गांव रोजका मेव, धिरदोंका, खेड़ी, रूपहेड़ी, महरोला, कवरसीका, बढ़लाकी, रिवासन, खोड़ बसई समेत 9 गांवों की कृषि जमीन को तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने अधिग्रहण किया था।
सरकार ने पहले कुल 25 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा निर्धारित किया था। किसानों ने इस पर नाराजगी जताते हुए मांग की थी कि गुरुग्राम और फरीदाबाद जिलों में अधिग्रहित जमीन के हिसाब से हमें भी मुआवजा दिया जाए।
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गुरुग्राम और फरीदाबाद में एक करोड़ से ज्यादा मुआवजा दिया गया है। किसानों से बातचीत के दौरान तत्कालीन हरियाणा सरकार ने 71 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से किसानों से समझौता कर लिया था।
समझौता इकरार के अनुसार किसानों को 46 लाख प्रति एकड़ के हिसाब से अतिरिक्त भुगतान करना था। उन्हें केवल 21 लाख रुपये प्रति एकड़ ही दिए गए। जब किसानों ने बकाया 25 लाख बकाया बारे पूछा तो सरकार ने कहा कि 25 लाख रुपये बाद में दिए जाएंगे।
किसान नेता ने कहा है कि सरकार ने 46 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से फाइनल इकरार बता कर पल्ला झाड़ लिया। अदालतों में सेक्शन 18 भूमि अधिग्रहण के तहत लंबित किसानों के केसों को भी वापस करवा दिया। ऐसा कर किसानों के साथ बड़ा धोखा किया गया।
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रेवाड़ी। मेवात के रोजका गांव में 5 जुलाई को होने वाली किसानों की महापंचायत में जिले के ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल होंगे।
यह जानकारी ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के जिला सचिव राकेश कुमार और जिला उपाध्यक्ष अमरसिंह राजपुरा ने दी।
किसान नेता अमरसिंह राजपुरा ने कहा कि जिला नूंह के गांव रोजका मेव, धिरदोंका, खेड़ी, रूपहेड़ी, महरोला, कवरसीका, बढ़लाकी, रिवासन, खोड़ बसई समेत 9 गांवों की कृषि जमीन को तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने अधिग्रहण किया था।
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सरकार ने पहले कुल 25 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा निर्धारित किया था। किसानों ने इस पर नाराजगी जताते हुए मांग की थी कि गुरुग्राम और फरीदाबाद जिलों में अधिग्रहित जमीन के हिसाब से हमें भी मुआवजा दिया जाए।
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गुरुग्राम और फरीदाबाद में एक करोड़ से ज्यादा मुआवजा दिया गया है। किसानों से बातचीत के दौरान तत्कालीन हरियाणा सरकार ने 71 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से किसानों से समझौता कर लिया था।
समझौता इकरार के अनुसार किसानों को 46 लाख प्रति एकड़ के हिसाब से अतिरिक्त भुगतान करना था। उन्हें केवल 21 लाख रुपये प्रति एकड़ ही दिए गए। जब किसानों ने बकाया 25 लाख बकाया बारे पूछा तो सरकार ने कहा कि 25 लाख रुपये बाद में दिए जाएंगे।
किसान नेता ने कहा है कि सरकार ने 46 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से फाइनल इकरार बता कर पल्ला झाड़ लिया। अदालतों में सेक्शन 18 भूमि अधिग्रहण के तहत लंबित किसानों के केसों को भी वापस करवा दिया। ऐसा कर किसानों के साथ बड़ा धोखा किया गया।