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किसानों का फूटा गुस्सा, अनिश्चितकालीन धरना शुरू.
अमर उजाला ब्यूरो/रेवाड़ी
Updated Tue, 12 Jan 2016 12:30 AM IST
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भूमि अधिग्रहण मामले में कम मुआवजे से नाखुश तीन गांवों के किसानों ने सोमवार को सेक्टर-4 बाईपास स्थित कर्नल रामसिंह चौक पर मास्टर रामकुमार के नेतृत्व में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया।
किसानों का कहना है कि वे दो करोड़ से कम कीमत पर एक इंच भी जमीन सरकार को नहीं देंगे। इसके लिए वह संघर्ष के लिए तैयार हैं। धरने की सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंची।
इस दौरान किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। धरने में कोनसीवास, बेरियवास और शहबाजपुर के किसान शामिल हुए हैं। क्योंकि रेवाड़ी से नेशनल हाइवे-8 तक बनने वाले 120 फीट चौड़ी सड़क के लिए जो जमीन अधिग्रहण की गई है, वह इन्हीं गांवों की है।
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किसान यहां हर दिन सुबह दस बजे से शाम चार बजे तक हर दिन धरना देंगे। यहां बता दें कि आसलवास मेें भूमि अधिग्रहण मामले में किसानों व पुलिस के बीच खूनी संघर्ष भी हो चुका है, जिसमें कई किसान व पुलिसकर्मी घायल हुए थे। इस अवसर पर कोनसीवास निवासी सुबेदार श्रीराम, अजय यादव, दलीप नंबरदार,गजराज, अशोक, बैरियावास निवासी पूर्व सरपंच शमशेर सिंह, उमराव सिंह, भजनलाल, राम स्वरूप, शहबाजपुर निवासी पूर्व सरपंच मुखराम, धर्म, कालू व पवन सहित अनेक किसान उपस्थित रहे।
एक साल पहले एक करोड़ से ज्यादा, अब मात्र 58 लाख
रेवाड़ी के सेक्टर-4 स्थित कर्नल रामसिंह चौक से लेकर नेशनल हाईवे संख्या-8 तक 120 मीटर चौड़े व लगभग साढ़े पांच किमी लंबे सड़क मार्ग बनाया जाना था। इसके लिए दो साल पहले सरकार ने कोनसीवास, बेरियावास, शहबाजपुर व साहलावास गांव के किसानों की 100 एकड़ जमीन का अधिग्रहण करने के लिए प्रक्रिया शुरू की थी।
पांच जनवरी को हुड्डा कार्यालय में किसानों को उनकी जमीन का 58 लाख अवार्ड सुनाया गया, जिसमें कोनसीवास, बेरियावास व शहबाजपुर के किसानों ने कम मुआवजा बताकर कार्यालय में हंगामा कर दिया था। किसानों का नेतृत्व कर रामकुमार ने कहा कि बीते वर्ष ही कोनसीवास गांव की सेक्टर-18,19 के लिए अधिग्रहण की जमीन का मुआवजा एक करोड़ 59 लाख दिया गया था,जो कि अब ब्याज सहित डेढ़ करोड़ से ज्यादा बनता है।
आरोप है कि सरकार षड़यंत्र केे तहत उनकी जमीन कोड़ियों के दामों में हड़पना चाहती है। वह दो करोड़ से कम कीमत पर एक इंच जमीन भी सरकार को नहीं देंगे। इसके लिए वह आंदोलन भी करेंगे। इस दौरान मॉडल टाउन थाना प्रभारी कर्मबीर खटाना पुलिस बल के साथ पूरे दिन धरना स्थल पर मौजूद रहे। उच्च पुलिस अधिकारियों ने भी मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया।
केंद्रीय मंत्री के आगमन के चलते किया भारी पुलिस बल तैनात
रविवार सुबह दस बजे ही किसान कर्नराम सिंह चौक पर धरने पर बैठ गए थे। सेक्टर चार बाईपास से होकर ही महेंद्रगढ़ के लिए जा रही केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी को वहां से गुजरना था। किसी बवाल से बचने के लिए साढ़े दस बजे ही डीएसपी बीरेंद्र सैनी भारी पुलिस बल के साथ कर्नल राम सिंह चौक पर पहुंच गए। जैसे ही ग्यारह बजे मंत्री का काफिला वहां से गुजरा तो पुलिस बल धरने वाली जगह को कवर कर लिया तथा मंत्री का काफिला वहां से गुजर गया। पुलिस को सूचना मिली थी किसान मंत्री का रास्ता रोक सकते हैं।
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किसानों का कहना है कि वे दो करोड़ से कम कीमत पर एक इंच भी जमीन सरकार को नहीं देंगे। इसके लिए वह संघर्ष के लिए तैयार हैं। धरने की सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंची।
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इस दौरान किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। धरने में कोनसीवास, बेरियवास और शहबाजपुर के किसान शामिल हुए हैं। क्योंकि रेवाड़ी से नेशनल हाइवे-8 तक बनने वाले 120 फीट चौड़ी सड़क के लिए जो जमीन अधिग्रहण की गई है, वह इन्हीं गांवों की है।
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किसान यहां हर दिन सुबह दस बजे से शाम चार बजे तक हर दिन धरना देंगे। यहां बता दें कि आसलवास मेें भूमि अधिग्रहण मामले में किसानों व पुलिस के बीच खूनी संघर्ष भी हो चुका है, जिसमें कई किसान व पुलिसकर्मी घायल हुए थे। इस अवसर पर कोनसीवास निवासी सुबेदार श्रीराम, अजय यादव, दलीप नंबरदार,गजराज, अशोक, बैरियावास निवासी पूर्व सरपंच शमशेर सिंह, उमराव सिंह, भजनलाल, राम स्वरूप, शहबाजपुर निवासी पूर्व सरपंच मुखराम, धर्म, कालू व पवन सहित अनेक किसान उपस्थित रहे।
एक साल पहले एक करोड़ से ज्यादा, अब मात्र 58 लाख
रेवाड़ी के सेक्टर-4 स्थित कर्नल रामसिंह चौक से लेकर नेशनल हाईवे संख्या-8 तक 120 मीटर चौड़े व लगभग साढ़े पांच किमी लंबे सड़क मार्ग बनाया जाना था। इसके लिए दो साल पहले सरकार ने कोनसीवास, बेरियावास, शहबाजपुर व साहलावास गांव के किसानों की 100 एकड़ जमीन का अधिग्रहण करने के लिए प्रक्रिया शुरू की थी।
पांच जनवरी को हुड्डा कार्यालय में किसानों को उनकी जमीन का 58 लाख अवार्ड सुनाया गया, जिसमें कोनसीवास, बेरियावास व शहबाजपुर के किसानों ने कम मुआवजा बताकर कार्यालय में हंगामा कर दिया था। किसानों का नेतृत्व कर रामकुमार ने कहा कि बीते वर्ष ही कोनसीवास गांव की सेक्टर-18,19 के लिए अधिग्रहण की जमीन का मुआवजा एक करोड़ 59 लाख दिया गया था,जो कि अब ब्याज सहित डेढ़ करोड़ से ज्यादा बनता है।
आरोप है कि सरकार षड़यंत्र केे तहत उनकी जमीन कोड़ियों के दामों में हड़पना चाहती है। वह दो करोड़ से कम कीमत पर एक इंच जमीन भी सरकार को नहीं देंगे। इसके लिए वह आंदोलन भी करेंगे। इस दौरान मॉडल टाउन थाना प्रभारी कर्मबीर खटाना पुलिस बल के साथ पूरे दिन धरना स्थल पर मौजूद रहे। उच्च पुलिस अधिकारियों ने भी मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया।
केंद्रीय मंत्री के आगमन के चलते किया भारी पुलिस बल तैनात
रविवार सुबह दस बजे ही किसान कर्नराम सिंह चौक पर धरने पर बैठ गए थे। सेक्टर चार बाईपास से होकर ही महेंद्रगढ़ के लिए जा रही केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी को वहां से गुजरना था। किसी बवाल से बचने के लिए साढ़े दस बजे ही डीएसपी बीरेंद्र सैनी भारी पुलिस बल के साथ कर्नल राम सिंह चौक पर पहुंच गए। जैसे ही ग्यारह बजे मंत्री का काफिला वहां से गुजरा तो पुलिस बल धरने वाली जगह को कवर कर लिया तथा मंत्री का काफिला वहां से गुजर गया। पुलिस को सूचना मिली थी किसान मंत्री का रास्ता रोक सकते हैं।