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युवक के पास भेजा फर्जी नियुक्ति पत्र, एसपी को शिकायत देगा

Sun, 11 Sep 2022 12:48 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 11 Sep 2022 12:48 AM IST
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Fake appointment letter sent to youth, will complain to SP
रेवाड़ी। गांव लाखनौर में शुक्रवार को एक युवक को मिनिस्ट्री ऑफ लॉ एंड जस्टिस के अधीन डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस का फर्जी नियुक्ति पत्र भेजा गया है। उसने सतर्कता बरतते हुए इसकी संपूर्ण जानकारी अपने अधिवक्ता को दी। इस पर उन्होंने युवक को एसपी से शिकायत करने की बात बताई है। अधिवक्ता के अनुसार यह ठगी करने का तरीका हो सकता है।
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जिले के गांव लाखनौर निवासी युवक अनुराग उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहा है। उसके पास शुक्रवार देर शाम एक नियुक्ति पत्र आया, जिसे देखकर वह चौक गया। इसमें संपर्क करने के लिए नंबर भी दिया गया है। साथ ही एक आवेदन पत्र भी संलग्न है, जिसकी वजह से उसे इस पर शक हुआ। तीन पन्नों की डाक में उक्त युवक को मिनिस्ट्री ऑफ लॉ एंड जस्टिस के अधीन डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस द्वारा उपरोक्त पद (क्लर्क एवं चपरासी) के लिए चयनित कर लिया गया है। पत्र में कहा गया कि यह नियुक्ति पत्र आवेदक को केंद्र सरकार द्वारा जारी किया गया है। जिन आवेदकों ने सन 2021 में जिला कोर्ट में (क्लर्क एवं चपरासी) पदों के लिए आवेदन किया था।
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पत्र में कहा गया कि डिपार्टमेंट द्वारा आवेदक को भविष्य में किसी भी प्रकार का कोई इंटरव्यू व परीक्षा नहीं होगी। केवल 15 दिन की प्री-ट्रेनिंग होगी। उसके बाद आवेदक की उसी के राज्य में ट्रेनिंग होगी व उसी के राज्य में उसको नियुक्त करा जाएगा। डिपार्टमेंट द्वारा आवेदन को वेतन 29340 रुपये व पे बैंड पीबी - 1 (5200-20200) की दर से भुगतान होगा। जो प्रत्येक वर्ष 10 प्रतिशत की दर से बढ़ाया जाएगा। आवेदक का कार्यकाल 60 वर्ष तक की आयु होने तक रहेगा। अनुच्छे 24/ बी एक्ट के तहत आवेदक को पेंशन का लाभ नहीं मिलेगा।
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जानकार बोले-फर्जी नियुक्ति पत्र भेजना कानूनन गलत
किसी युवक को किसी भी तरीके से फर्जी नियुक्ति पत्र भेजना कानूनन गलत है। यह अपराध की श्रेणी में आता है। भारतीय शासकीय निशान का गलत इस्तेमाल भी कानून की दृष्टि से सही नहीं माना जा सकता। ऐसा करने वाले के विरुद्ध लिखित शिकायत करने पर या अधिकारी के संज्ञान में आने के बाद खुद अधिकारी भी केस दर्ज कराकर संबंधित को दंडित किया जा सकता है।
- शमशेर यादव, बार प्रधान रेवाड़ी।
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