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स्मॉग से आंखों में जलन और घुटन से परेशानी

Sun, 03 Nov 2019 12:42 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 03 Nov 2019 12:42 AM IST
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eye irritation by
दीपोत्सव पर खराब हुई जिले की हवा की गुणवत्ता और बढ़ती जा रही है। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि शनिवार को दिनभर आसमान में छाये स्मॉग से आंखों में जलन के साथ लोगों को घुटन महसूस होती रही।
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सुप्रीम कोर्ट की पर्यावरण कमेटी की ओर से हवा की गुणवत्ता को खराब होता देख हेल्थ इमरजेंसी जारी की जा चुकी है। बावजूद इसके शहर में जिम्मेदारों ने रोकथाम के लिए जरूरी कदम नहीं उठाए हैं। धारुहेड़ा में जरूर प्रदूषण विभाग की पहल पर हाईवे से लेकर पेड़ों पर जमा मिट्टी को हटाने के लिए पानी का छिड़काव किया गया। शुक्रवार को हालात इतने बिगड़े कि हवा गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) खतरनाक स्तर 446.22 पर पहुंच गया। वहीं शनिवार को सूचकांक 139.5 अंक गिरकर 306.72 पर पहुंचा, लेकिन स्मॉग से पहली बार शहर गैस के चेंबर जैसा दिखाई दिया। वहीं 2.5 पीएम 220 से 35 अंक घटकर 185.16 पर पहुंच गया लेकिन लोगों को राहत नहीं मिली।
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सांस और हार्ट मरीजों के लिए जानलेवा
स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी जिला के लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। सीएमओ डॉ. कृष्ण कुमार ने कहा कि सांस और हार्ट के रोगियों के लिए स्मॉग जानलेवा हो सकता है। ऐसे में इस तरह के रोगियों को घर से निकलने में परहेज करना चाहिए। सीएमओ ने कहा कि जरूरी होने पर मास्क लगाकर घर से बाहर निकलें। बताया कि शनिवार को अस्पताल में आंखों में जलन से लेकर मन घबराने जैसी बीमारियों से पीड़ित लोग उपचार के लिए आए।
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हवा में धूल व धातु के सुक्ष्म कणों को बताता है पीएम-10 व 2.5
पीएम-10 को रेस्पायरेबल पर्टिकुलेट मैटर कहते हैं। इन कणों का साइज 10 माइक्रो मीटर होता है। इससे छोटे कणों का व्यास 2.5 माइक्रोग्राम क्यूबिक मीटर या कम होता है। इसमें धूल, गर्द और धातु के सूक्ष्म कण शामिल होते हैं। इन कणों को पीएम-2.5 कहते हैं। बता दें कि पीएम-10 की मात्रा धूल, कंस्ट्रक्शन और कूड़ा जलाने से बढ़ती है। वहीं पटाखे आदि चलाने से भी इसके स्तर में इजाफा होता है। पीएम-10 की मात्रा 100 व पीएम-2.5 की मात्रा 60 से अधिक नहीं होनी चाहिए।
प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अधिकारी धारुहेड़ा में सड़कों पर
देश के सबसे प्रदूषित शहरों में से एक भिवाड़ी से सटे धारुहेड़ा में शुक्रवार को हालात ज्यादा खराब हो गए थे। धारुहेड़ा का एक्यूआई स्तर 400 के पार पहुंच गया था। इसको देखते हुए शनिवार को प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अधिकारी हाईवे पर उड़ती धूल पर नियंत्रण पाने के लिए नगर परिषद व दमकल विभाग के साथ पानी का छिड़काव करते नजर आए।
कूड़ा जलाने पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश
प्रदूषण विभाग ने खराब होती हवा को देखते हुए निर्देश जारी किए गए हैं। धारुहेड़ा स्थित क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण विभाग के एसडीओ हरीश ने कहा कि यदि कहीं पर भी कोई कूड़ा जलाता पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि 5 नवंबर तक स्टोन क्रेशर, कंपनियों में जलाए जाने वाले पैटकोक, व जिगजैग के अलावा अन्य भट्टों के संचालन पर रोक लगा दी गई है। एसडीओ ने कहा कि बिना मास्क घर से बाहर निकलने से लोगों को बचना चाहिए।
स्मॉग के चलते बच्चों में खांसी जुकाम के बढ़े मामले
बच्चा रोग विशेषज्ञ डॉ. अजीत यादव ने कहा कि स्मॉग का सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ रहा है। बीते पांच दिनों के दौरान बच्चों में खांसी-जुकाम के मामले बढ़े हैं। यादव ने बताया कि बच्चों को बचाने के लिए जागरूकता जरूरी है। बच्चों को धूल-मिट्टी से बचाने के साथ ही घर से कम बाहर निकलने दें।

दिनभर सांस लेने में परेशानी के साथ आंखों में रही जलन
गढ़ी बोलनी रोड स्थित एक दुकानदार ने बताया कि दिनभर आसमान में धुंआ छाये रहने से आंखों में जलन रही। इसके अलावा सांस लेने में परेशानी के साथ दम घुटने जैसा रहा। सड़क पर उड़ती धूूल ने परेशानी को और बढ़ा दिया। वहीं शहर की अनाज मंडी में दुकानदार ने बताया कि दिवाली के बाद से परेशानी थी, लेकिन शनिवार को दम घुटने की शिकायत रही। इसके चलते मन घबराने से दिन भर परेशानी का सामना करना पड़ा।
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