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16 दिन में 337 मरीज मिले, इनमें 20 -40 वर्ष आयु वर्ग के 202 मरीज
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अमित विश्वकर्मा
रेवाड़ी। एक से 16 अप्रैल के बीच जिले में कुल 337 मरीज संक्रमित मिल चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकलन के अनुसार इसमें से 60 प्रतिशत अर्थात 202 मरीज 20 से 40 आयु वर्ग के हैं। जबकि कोरोना की पहली लहर में 60 से ज्यादा उम्र के लोग कोरोना की चपेट में ज्यादा आए थे।
कोरोना का नया स्ट्रेन अब युवाओं को अपनी गिरफ्त में ले रहा है। ऐसे में युवाओं को ज्यादा सतर्कता के साथ मास्क व सामाजिक दूरी पर ध्यान दिए जाने की जरूरत है। बढ़ते कोरोना की मार इस बात से समझी जा सकती है कि वीरवार तक आईसीयू के कुल 75 में से 16 प्रतिशत 12 बेड भर चुके हैं। मार्च से लेकर एक अप्रैल तक जिले में कुल 23 एक्टिव केस थे, जो 16 अप्रैल तक 262 पर पहुंच चुके हैं। वहीं बीते 16 दिन में 75 मरीज ठीक हुए हैं।
अब तक बेडों की संख्या की स्थिति
जिले में कोविड मरीजों के लिए कुल 75 बेड आईसीयू में आरक्षित किए गए हैं, इनमें 12 भर चुके हैं। ऑक्सीजन युक्त बेड की संख्या 223 हैं, इनमें महज तीन प्रतिशत बेड पर ही मरीज हैं। इसके अलावा बिना ऑक्सीजन वाले 277 बेड कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित हैं, इसमें भी महज 8.2 ही भरे हुए हैं। कुल 262 मरीजों में से 223 मरीज होम आइसोलेशन में हैं। 12 मरीज आईसीयू व 27 मरीज अन्य अस्पतालों में भर्ती हैं।
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लापरवाही संक्रमण बढ़ने का बड़ा कारण
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि पहली लहर के मुकाबले दूसरी कोरोना लहर में लोग लापरवाह हो गए हैं। मास्क व सामाजिक दूरी का पालन नहीं किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सैंपलिंग के लिए 25 टीम बनाई गई हैं, बाजारों में जाकर बिना मास्क वालों के सैंपल लिए गए तो उनमें पॉजिटिव होने की दर 5 प्रतिशत तक आई है। लोगों को अब ज्यादा सतर्क होने की जरूरत है, तभी अपने व अपनों को कोरोना की चपेट में आने से बचाया जा सकता है।
वर्जन
बुधवार तक लिए गए सैंपल में संक्रमित पाए मरीजों का आंकलन करने पर पता चला कि करीब 60 प्रतिशत मरीज 20-40 आयु वर्ग के हैं। इसका मतलब है कि इस बार कोरोना की चपेट में युवा आ रहे हैं। अभी संक्रमण और ज्यादा बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है, ऐसे में सभी को पहले से भी ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। जिला में बेड आदि की कोई कमी नहीं है, अब सभी अस्पतालों में 50 प्रतिशत बेड कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित किए जाएंगे।
- डॉ. दीपक कुमार, अर्बन कोविड-19 नोडल अधिकारी।
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रेवाड़ी। एक से 16 अप्रैल के बीच जिले में कुल 337 मरीज संक्रमित मिल चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकलन के अनुसार इसमें से 60 प्रतिशत अर्थात 202 मरीज 20 से 40 आयु वर्ग के हैं। जबकि कोरोना की पहली लहर में 60 से ज्यादा उम्र के लोग कोरोना की चपेट में ज्यादा आए थे।
कोरोना का नया स्ट्रेन अब युवाओं को अपनी गिरफ्त में ले रहा है। ऐसे में युवाओं को ज्यादा सतर्कता के साथ मास्क व सामाजिक दूरी पर ध्यान दिए जाने की जरूरत है। बढ़ते कोरोना की मार इस बात से समझी जा सकती है कि वीरवार तक आईसीयू के कुल 75 में से 16 प्रतिशत 12 बेड भर चुके हैं। मार्च से लेकर एक अप्रैल तक जिले में कुल 23 एक्टिव केस थे, जो 16 अप्रैल तक 262 पर पहुंच चुके हैं। वहीं बीते 16 दिन में 75 मरीज ठीक हुए हैं।
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अब तक बेडों की संख्या की स्थिति
जिले में कोविड मरीजों के लिए कुल 75 बेड आईसीयू में आरक्षित किए गए हैं, इनमें 12 भर चुके हैं। ऑक्सीजन युक्त बेड की संख्या 223 हैं, इनमें महज तीन प्रतिशत बेड पर ही मरीज हैं। इसके अलावा बिना ऑक्सीजन वाले 277 बेड कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित हैं, इसमें भी महज 8.2 ही भरे हुए हैं। कुल 262 मरीजों में से 223 मरीज होम आइसोलेशन में हैं। 12 मरीज आईसीयू व 27 मरीज अन्य अस्पतालों में भर्ती हैं।
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लापरवाही संक्रमण बढ़ने का बड़ा कारण
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि पहली लहर के मुकाबले दूसरी कोरोना लहर में लोग लापरवाह हो गए हैं। मास्क व सामाजिक दूरी का पालन नहीं किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सैंपलिंग के लिए 25 टीम बनाई गई हैं, बाजारों में जाकर बिना मास्क वालों के सैंपल लिए गए तो उनमें पॉजिटिव होने की दर 5 प्रतिशत तक आई है। लोगों को अब ज्यादा सतर्क होने की जरूरत है, तभी अपने व अपनों को कोरोना की चपेट में आने से बचाया जा सकता है।
वर्जन
बुधवार तक लिए गए सैंपल में संक्रमित पाए मरीजों का आंकलन करने पर पता चला कि करीब 60 प्रतिशत मरीज 20-40 आयु वर्ग के हैं। इसका मतलब है कि इस बार कोरोना की चपेट में युवा आ रहे हैं। अभी संक्रमण और ज्यादा बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है, ऐसे में सभी को पहले से भी ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। जिला में बेड आदि की कोई कमी नहीं है, अब सभी अस्पतालों में 50 प्रतिशत बेड कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित किए जाएंगे।
- डॉ. दीपक कुमार, अर्बन कोविड-19 नोडल अधिकारी।