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बिना परमिशन के ही हो रही थी खोदाई, कठोर कार्रवाई करेंगे:एसडीएम
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मलबे को हटाते बचाव दल के सदस्य।
- फोटो : Rewari
रेवाड़ी। जिस बिल्डिंग के बेसमेंट की खोदाई के समय दीवार गिरने से मजदूर दबे हैं उसकी खोदाई की अनुमति नहीं ली गयी थी। इस संबंध में कोई भी अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। वहीं एसडीएम से मिली जानकारी में पता चला है कि इस बिल्डिंग में काम करने की अनुमति नहीं ली गई थी। बिल्डिंग मालिक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम ने कहा कि इसकी गहनता से जांच की जाएगी।
राहत कार्य में बिजली भी बनी बाधक:
बिजली गायब होने और अंधेरा होने के कारण जहां राहत कार्य में परेशानी हो रही थी। वहां पर जेसीबी की लाइट में राहत कार्य चल रहा था। लोग मोबाइल व अन्य वाहनों की लाइट जलाकर काम कर रहे थे। बताया गया कि यहां ठेकेदार बृजेश पिछले करीब 15 दिनों से खोदाई करा रहा था। इसके लिए उसने लोकल प्रेम ठेकेदार को भी अपने साथ लगा रखा था। बताया जाता है कि जिस बिल्डिंग के लिए खोदाई हो रही थी वह रेवाड़ी के ही एक व्यापारी जयकुमार की है।
बदहवास था लक्ष्मी का पिता:
बेटी के दबे होने की जानकारी मिलते ही उसके पिता रामू चक्रधर जो दूसरी जगह काम कर रहे थे भाग कर घटनास्थल पर पहुंचे। जब उनको पता चला कि दबे मजदूरों में उसकी बेटी लक्ष्मी भी है तो वह वहीं गिर पड़े। उनके साथ आए लोगों ने उन्हें संभाला।
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पास की दो बिल्डिंगें खाली कराईं
घटना के बाद प्रशासन ने ऐहतियातन आसपास की दो बिल्डिंगों को खाली करा दिया है। चूंकि, ये दोनों ही बिल्डिंग बेसमेंट से सटी हुईं हैं। इसको देखते हुए प्रशासन ने यह कदम उठाया है। प्रशासन के आदेश पर दोनों बिल्डिंगों में रहने वाले लोग तत्काल बाहर निकल कर चले आए हैं।
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राहत कार्य में बिजली भी बनी बाधक:
बिजली गायब होने और अंधेरा होने के कारण जहां राहत कार्य में परेशानी हो रही थी। वहां पर जेसीबी की लाइट में राहत कार्य चल रहा था। लोग मोबाइल व अन्य वाहनों की लाइट जलाकर काम कर रहे थे। बताया गया कि यहां ठेकेदार बृजेश पिछले करीब 15 दिनों से खोदाई करा रहा था। इसके लिए उसने लोकल प्रेम ठेकेदार को भी अपने साथ लगा रखा था। बताया जाता है कि जिस बिल्डिंग के लिए खोदाई हो रही थी वह रेवाड़ी के ही एक व्यापारी जयकुमार की है।
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बदहवास था लक्ष्मी का पिता:
बेटी के दबे होने की जानकारी मिलते ही उसके पिता रामू चक्रधर जो दूसरी जगह काम कर रहे थे भाग कर घटनास्थल पर पहुंचे। जब उनको पता चला कि दबे मजदूरों में उसकी बेटी लक्ष्मी भी है तो वह वहीं गिर पड़े। उनके साथ आए लोगों ने उन्हें संभाला।
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पास की दो बिल्डिंगें खाली कराईं
घटना के बाद प्रशासन ने ऐहतियातन आसपास की दो बिल्डिंगों को खाली करा दिया है। चूंकि, ये दोनों ही बिल्डिंग बेसमेंट से सटी हुईं हैं। इसको देखते हुए प्रशासन ने यह कदम उठाया है। प्रशासन के आदेश पर दोनों बिल्डिंगों में रहने वाले लोग तत्काल बाहर निकल कर चले आए हैं।