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पूर्व सैनिक व उसके रिस्तेदार ने नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक
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दो लोगों को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक पूर्व सैनिक ने अपनी पत्नी और साले के साथ मिलकर उसके साथ ही फौज में नौकरी कर चुके पूर्व सैनिक के साथ 15 लाख रुपये की ठगी कर दी। शिकायत के बाद खोल थाना पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी शिकायत में पूर्व सैनिक मामड़िया अहीर निवासी जलदीप ने बताया कि उसके साथ राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के भादरा निवासी सुरेश कुमार फौज में नौकरी करता था। दोनों रिटायर्ड होने के बाद एक दिन आपस में बैठकर बात कर रहे थे। इसी दौरान सुरेश कुमार ने जलदीप को बताया कि उसका साला सरकारी नौकरी लगवाता है। आरोपी सुरेश ने एक आदमी को नौकरी दिलाने के नाम पर साढ़े 7 लाख रुपये की मांग की। पीड़ित जलदीप ने अपने रिश्तेदारों से बात कर 9 जुलाई 2019 को एक लाख 22 हजार रुपये पहली बार सुरेश कुमार के कहे अनुसार श्रीश्याम कंप्यूटर के नाम से एक खाते में ट्रांसफर कर दिए। उसके बाद तीन लाख एक बार और फिर तीन लाख रुपये अगले महीने सुरेश कुमार के कहने पर एक बजरंग नाम के शख्स को दिल्ली में उसके क्वार्टर पर कैश दिया। सुरेश ने बताया था कि बजरंग ही रांची जाकर उसका काम करेगा। इसके बाद अक्टूबर 2019 में आगे की कार्रवाई के लिए 7 लाख 78 हजार रुपये आरोपी सुरेश कुमार उसके घर से कैश लेकर गया।
व्हॉट्सएप से भेजे नौकरी के फर्जी दस्तावेज
आरोप है कि 15 लाख रुपये की नकदी देने के बाद आरोपी सुरेश कुमार व्हाट्सएप के जरिए उसे नौकरी से संबंधित फर्जी दस्तावेज भेजता रहा। काफी दिन बाद भी जलदीप के दोनों में से कोई भी रिश्तेदार नौकरी नहीं लगे तो उसने सुरेश से पैसे वापस मांगे, पहले तो आरोपी अपने साले का बहाना बनाकर उसे गुमराह करता रहा, लेकिन जब उसने दबाव बनाया तो आरोपी सुरेश ने अपनी पत्नी के जरिए झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। खोल पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
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पुलिस को दी शिकायत में पूर्व सैनिक मामड़िया अहीर निवासी जलदीप ने बताया कि उसके साथ राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के भादरा निवासी सुरेश कुमार फौज में नौकरी करता था। दोनों रिटायर्ड होने के बाद एक दिन आपस में बैठकर बात कर रहे थे। इसी दौरान सुरेश कुमार ने जलदीप को बताया कि उसका साला सरकारी नौकरी लगवाता है। आरोपी सुरेश ने एक आदमी को नौकरी दिलाने के नाम पर साढ़े 7 लाख रुपये की मांग की। पीड़ित जलदीप ने अपने रिश्तेदारों से बात कर 9 जुलाई 2019 को एक लाख 22 हजार रुपये पहली बार सुरेश कुमार के कहे अनुसार श्रीश्याम कंप्यूटर के नाम से एक खाते में ट्रांसफर कर दिए। उसके बाद तीन लाख एक बार और फिर तीन लाख रुपये अगले महीने सुरेश कुमार के कहने पर एक बजरंग नाम के शख्स को दिल्ली में उसके क्वार्टर पर कैश दिया। सुरेश ने बताया था कि बजरंग ही रांची जाकर उसका काम करेगा। इसके बाद अक्टूबर 2019 में आगे की कार्रवाई के लिए 7 लाख 78 हजार रुपये आरोपी सुरेश कुमार उसके घर से कैश लेकर गया।
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व्हॉट्सएप से भेजे नौकरी के फर्जी दस्तावेज
आरोप है कि 15 लाख रुपये की नकदी देने के बाद आरोपी सुरेश कुमार व्हाट्सएप के जरिए उसे नौकरी से संबंधित फर्जी दस्तावेज भेजता रहा। काफी दिन बाद भी जलदीप के दोनों में से कोई भी रिश्तेदार नौकरी नहीं लगे तो उसने सुरेश से पैसे वापस मांगे, पहले तो आरोपी अपने साले का बहाना बनाकर उसे गुमराह करता रहा, लेकिन जब उसने दबाव बनाया तो आरोपी सुरेश ने अपनी पत्नी के जरिए झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। खोल पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
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