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Rewari News: अतिक्रमण...मोती चौक से रेलवे रोड तक लग रहा जाम
Sat, 03 Jan 2026 12:02 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 03 Jan 2026 12:02 AM IST
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गोकल बाजार में लगा अतिक्रमण। संवाद
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रेवाड़ी। शहर के सबसे मुख्य बाजार मोती चौक से रेलवे रोड तक अतिक्रमण के चलते आए दिन जाम लगता है जिससे लोगों को परेशानी होती है। जाम में फंसे लोगों को खरीदारी करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। जाम के चलते दुर्घटनाएं भी होती हैं। सड़क की पटरियों और फुटपाथों पर न सिर्फ दुकानदारों ने अतिक्रमण रखा है बल्कि बाजार में पार्किंग नहीं होने के कारण लोग सड़क के किनारे वाहन खड़ा कर देते हैं जिससे सड़क सिकुड़ गई है।
मोती चौक से रेलवे रोड तक दुकानदारों ने अपनी दुकानों के बाहर फड़ लगाकर न केवल फुटपाथों और सड़क के हिस्से पर कब्जा कर रखा है। इससे बाजार की सूरत बिगड़ती जा रही है। इससे आम लोगों को रोजाना जाम, धक्का-मुक्की और अव्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है।
मोती चौक और रेलवे रोड बाजार शहर के पुराने व भीड़ वाले इलाके हैं। यहां सुबह से लेकर देर शाम तक खरीदारी करने वालों की भीड़ लगी रहती है लेकिन फुटपाथों पर फड़ लग जाने के कारण पैदल चलने वालों के लिए रास्ता ही नहीं बचा है। मजबूरी में लोगों को सड़क पर उतरकर चलना पड़ता है, जिससे दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है।
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दुकानों के बाहर रखा सामान, तिरपाल, ठेले और अस्थायी ढांचे सड़क को इतना संकरा कर देते हैं कि दो पहिया और चार पहिया वाहनों का निकलना भी मुश्किल हो जाता है। दिनभर यहां वाहनों की रफ्तार थमी रहती है। थोड़ी-सी भीड़ बढ़ते ही जाम की स्थिति बन जाती है।
कई बार एंबुलेंस और जरूरी सेवाओं से जुड़े वाहनों को भी निकलने में परेशानी होती है। बाजार में आने वाले बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा परेशान हैं। व्यापारियों का एक वर्ग यह भी मानता है कि अतिक्रमण के कारण ग्राहकों को भी परेशानी होती है, जिससे बाजार की छवि खराब हो रही है। इसके बावजूद कुछ दुकानदार अधिक मुनाफे के लालच में नियमों को ताक पर रखकर सड़क और फुटपाथ पर कब्जा जमाए हुए हैं।
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अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कागजों तक सीमित
राहगीर विवेक और सुनील ने बताया कि नगर परिषद की ओर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई केवल कागजों और दिखावे तक सीमित रह गई है। कभी-कभार अभियान चलाकर कुछ फड़ हटाए जाते हैं, लेकिन कुछ ही घंटों या दिनों में हालात फिर पहले जैसे हो जाते हैं। लोगों का आरोप है कि दुकानदारों ने खुद ही अपनी दुकानों के सामने अवैध कब्जा कर रखा है और प्रशासन की ढिलाई के कारण उन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती।
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अतिक्रमण के खिलाफ हो ठोस कार्रवाई
सुरेंद्र कुमार ने बताया कि नगर परिषद को चाहिए कि अतिक्रमण के खिलाफ निष्पक्ष और स्थायी कार्रवाई करे। केवल फड़ हटाकर चले जाना समाधान नहीं है। जब तक अवैध कब्जा करने वालों पर जुर्माना, लाइसेंस रद्द करने जैसी सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक समस्या का समाधान संभव नहीं है। राजेश ने कहा कि बाजार में स्थायी रूप से फुटपाथ खाली कराए जाएं ताकि पैदल चलने वालों को राहत मिल सके और यातायात सुचारू हो। साथ ही, रेहड़ी-पटरी वालों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, जिससे वे भी नियमों के तहत अपना रोजगार कर सकें।
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वर्जन
अतिक्रमण के खिलाफ समय-समय पर कार्रवाई की जाती है। अगर फिर से अतिक्रमण किया जा रहा है तो जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।-पूनम यादव, चेयरपर्सन, नगर परिषद रेवाड़ी।
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मोती चौक से रेलवे रोड तक दुकानदारों ने अपनी दुकानों के बाहर फड़ लगाकर न केवल फुटपाथों और सड़क के हिस्से पर कब्जा कर रखा है। इससे बाजार की सूरत बिगड़ती जा रही है। इससे आम लोगों को रोजाना जाम, धक्का-मुक्की और अव्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है।
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मोती चौक और रेलवे रोड बाजार शहर के पुराने व भीड़ वाले इलाके हैं। यहां सुबह से लेकर देर शाम तक खरीदारी करने वालों की भीड़ लगी रहती है लेकिन फुटपाथों पर फड़ लग जाने के कारण पैदल चलने वालों के लिए रास्ता ही नहीं बचा है। मजबूरी में लोगों को सड़क पर उतरकर चलना पड़ता है, जिससे दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है।
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दुकानों के बाहर रखा सामान, तिरपाल, ठेले और अस्थायी ढांचे सड़क को इतना संकरा कर देते हैं कि दो पहिया और चार पहिया वाहनों का निकलना भी मुश्किल हो जाता है। दिनभर यहां वाहनों की रफ्तार थमी रहती है। थोड़ी-सी भीड़ बढ़ते ही जाम की स्थिति बन जाती है।
कई बार एंबुलेंस और जरूरी सेवाओं से जुड़े वाहनों को भी निकलने में परेशानी होती है। बाजार में आने वाले बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा परेशान हैं। व्यापारियों का एक वर्ग यह भी मानता है कि अतिक्रमण के कारण ग्राहकों को भी परेशानी होती है, जिससे बाजार की छवि खराब हो रही है। इसके बावजूद कुछ दुकानदार अधिक मुनाफे के लालच में नियमों को ताक पर रखकर सड़क और फुटपाथ पर कब्जा जमाए हुए हैं।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कागजों तक सीमित
राहगीर विवेक और सुनील ने बताया कि नगर परिषद की ओर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई केवल कागजों और दिखावे तक सीमित रह गई है। कभी-कभार अभियान चलाकर कुछ फड़ हटाए जाते हैं, लेकिन कुछ ही घंटों या दिनों में हालात फिर पहले जैसे हो जाते हैं। लोगों का आरोप है कि दुकानदारों ने खुद ही अपनी दुकानों के सामने अवैध कब्जा कर रखा है और प्रशासन की ढिलाई के कारण उन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती।
अतिक्रमण के खिलाफ हो ठोस कार्रवाई
सुरेंद्र कुमार ने बताया कि नगर परिषद को चाहिए कि अतिक्रमण के खिलाफ निष्पक्ष और स्थायी कार्रवाई करे। केवल फड़ हटाकर चले जाना समाधान नहीं है। जब तक अवैध कब्जा करने वालों पर जुर्माना, लाइसेंस रद्द करने जैसी सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक समस्या का समाधान संभव नहीं है। राजेश ने कहा कि बाजार में स्थायी रूप से फुटपाथ खाली कराए जाएं ताकि पैदल चलने वालों को राहत मिल सके और यातायात सुचारू हो। साथ ही, रेहड़ी-पटरी वालों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, जिससे वे भी नियमों के तहत अपना रोजगार कर सकें।
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वर्जन
अतिक्रमण के खिलाफ समय-समय पर कार्रवाई की जाती है। अगर फिर से अतिक्रमण किया जा रहा है तो जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।-पूनम यादव, चेयरपर्सन, नगर परिषद रेवाड़ी।