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Rewari News: तीसरे दिन भी हड़ताल पर रहे कर्मचारी, जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर
Fri, 03 Jul 2026 11:48 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 03 Jul 2026 11:48 PM IST
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महाराणा प्रताप चौक के पास धरने पर बैठे कर्मचारी। संवाद
रेवाड़ी। शहर में घर-घर से कूड़ा उठाने वाले कर्मचारियों की हड़ताल शुक्रवार को तीसरे दिन भी जारी रही। कूड़ा उठान नहीं होने से लोग आसपास सड़कों के किनारे कूड़ा फेंक रहे हैं जिससे जगह-जगह कूड़े का ढेर लगा है। शनिवार को हड़ताल खत्म होने की संभावना जताई जा रही है।
कर्मचारियों ने वेतन में देरी और कम भुगतान मिलने के विरोध में हड़ताल शुरू की है। रोजाना शहर से करीब 120 टन कचरा निकलता है लेकिन हड़ताल के चलते कई इलाकों में सफाई नहीं हो रही है।
कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक सभी बकाया भुगतान पूरी तरह से नहीं मिल जाता, तब तक वे पूरी तरह संतुष्ट नहीं होंगे। कर्मचारियों ने कहा कि उन्हें समय पर पूरा वेतन नहीं दिया जा रहा है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
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आरोप लगाया कि ठेकेदार की ओर से वेतन तो दिया गया लेकिन उसमें 2 से 4 हजार रुपये तक कम डाले गए हैं। इसी वजह से कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ी और उन्होंने सामूहिक रूप से काम बंद कर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
हड़ताल का नेतृत्व कर रहे कर्मचारी राकेश ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर ठेकेदार से बातचीत हुई है। ठेकेदार की ओर से आश्वासन दिया गया है कि कर्मचारियों की बकाया राशि जल्द ही पूरी कर दी जाएगी। ठेकेदार ने कहा है कि 10 तारीख से पहले सभी कर्मचारियों की पूरी सैलरी खाते में डाल दी जाएगी।
इसके अलावा इस महीने की सेलरी भी तय समय से पहले देने का आश्वासन दिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि जो कर्मचारियों को कम पैसे मिले हैं, उन्हें शनिवार दोपहर तक पूरा भुगतान कर दिया जाएगा। इसी आश्वासन के बाद कई कर्मचारी हड़ताल खत्म करने पर सहमत होते दिखाई दे रहे हैं। वहीं, नगर परिषद की चेयरपर्सन विनीता पीपल ने बताया कि जल्द हड़ताल खत्म हो जाएगी। लगभग बातचीत हो गई है।
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पोर्टल पर डेटा अपलोड न होने से अटका भुगतान
नगर परिषद ने पहली बार शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण के लिए लगभग 23.50 करोड़ रुपये का पांच वर्षीय टेंडर एक नई एजेंसी को दिया था। नियमानुसार एजेंसी को शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय के पोर्टल पर अपना बैंक हिस्टोरिकल डेटा अपलोड करना था लेकिन टेंडर आवंटित होने के चार माह बाद भी यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। पोर्टल पर आवश्यक डेटा लंबित रहने और तकनीकी कारणों से ठेकेदार का भुगतान जारी नहीं हो पाया है। नगर परिषद से एजेंसी को अब तक कोई भुगतान नहीं मिला इसके चलते कर्मचारियों का वेतन भी अटक गया है।
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कर्मचारियों ने वेतन में देरी और कम भुगतान मिलने के विरोध में हड़ताल शुरू की है। रोजाना शहर से करीब 120 टन कचरा निकलता है लेकिन हड़ताल के चलते कई इलाकों में सफाई नहीं हो रही है।
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कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक सभी बकाया भुगतान पूरी तरह से नहीं मिल जाता, तब तक वे पूरी तरह संतुष्ट नहीं होंगे। कर्मचारियों ने कहा कि उन्हें समय पर पूरा वेतन नहीं दिया जा रहा है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
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आरोप लगाया कि ठेकेदार की ओर से वेतन तो दिया गया लेकिन उसमें 2 से 4 हजार रुपये तक कम डाले गए हैं। इसी वजह से कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ी और उन्होंने सामूहिक रूप से काम बंद कर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
हड़ताल का नेतृत्व कर रहे कर्मचारी राकेश ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर ठेकेदार से बातचीत हुई है। ठेकेदार की ओर से आश्वासन दिया गया है कि कर्मचारियों की बकाया राशि जल्द ही पूरी कर दी जाएगी। ठेकेदार ने कहा है कि 10 तारीख से पहले सभी कर्मचारियों की पूरी सैलरी खाते में डाल दी जाएगी।
इसके अलावा इस महीने की सेलरी भी तय समय से पहले देने का आश्वासन दिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि जो कर्मचारियों को कम पैसे मिले हैं, उन्हें शनिवार दोपहर तक पूरा भुगतान कर दिया जाएगा। इसी आश्वासन के बाद कई कर्मचारी हड़ताल खत्म करने पर सहमत होते दिखाई दे रहे हैं। वहीं, नगर परिषद की चेयरपर्सन विनीता पीपल ने बताया कि जल्द हड़ताल खत्म हो जाएगी। लगभग बातचीत हो गई है।
पोर्टल पर डेटा अपलोड न होने से अटका भुगतान
नगर परिषद ने पहली बार शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण के लिए लगभग 23.50 करोड़ रुपये का पांच वर्षीय टेंडर एक नई एजेंसी को दिया था। नियमानुसार एजेंसी को शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय के पोर्टल पर अपना बैंक हिस्टोरिकल डेटा अपलोड करना था लेकिन टेंडर आवंटित होने के चार माह बाद भी यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। पोर्टल पर आवश्यक डेटा लंबित रहने और तकनीकी कारणों से ठेकेदार का भुगतान जारी नहीं हो पाया है। नगर परिषद से एजेंसी को अब तक कोई भुगतान नहीं मिला इसके चलते कर्मचारियों का वेतन भी अटक गया है।