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4 महीने से गणित और साइंस के शिक्षक नहीं, कैसे हो पढ़ाई
ब्यूरो /अमर उजाला
Updated Tue, 26 Jul 2016 01:07 AM IST
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चार महीनों से मैथ्स के टीचर हैं और न हीं साइंस के
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सर, पिछले चार महीनों से स्कूल में न तो मैथ्स के टीचर हैं और न हीं साइंस के। ऐसे में कैसे कोर्स पूरा हो और पढ़ाई पूरी कर बच्चे टॉपर्स बन पाएंगे। यह मासूम लेकिन प्रशासनिक व्यवस्था पर सीधी कटाक्ष करने वाली बात सेक्टर-4 स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल की छात्राओं ने सोमवार को लघु सचिवालय पहुंचकर सीटीएम से कही। सीटीएम ने मामले में तत्काल कार्रवाई कर टीचर लगवाने का आश्वासन दिया है।
जानकारी के अनुसार दोपहर करीब 11 बजे पहुंची सेक्टर-4 स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल की दो दर्जन से ज्यादा छात्राएं लघु सचिवालय के मुख्य द्वार पर बैठ गईं। छात्राओं के हाथ में उपायुक्त और सीएम के नाम का ज्ञापन था। उपायुक्त के मीटिंग में होने के चलते सीटीएम छात्राओं का ज्ञापन लेने पहुंचे। सीटीएम को पत्र देते हुए छात्राओं मेघा, अंकिता, सुकन्या आदि ने कहा कि सैक्टर-4 वाला सरकारी स्कूल नाईवाली स्थित स्कूल का ही एक हिस्सा है। अप्रैल महीने से लेकर अभी तक स्कूल में नवीं और दसवीं कक्षा की न तो गणित की क्लास लगी है और न ही विज्ञान विषय की। ऐसे में पढ़ाई कैसे होगी।
बाक्स
प्रिंसिपल कहती हैं, रुपये जमा कराओ
छात्राओं ने कहा है कि जब उन्होंने प्रिंसिपल से विज्ञान और गणित विषय के शिक्षक के लिए मांग की तो उन्होंने कहा कि प्रति स्टूडेंट के हिसाब से 50 रुपये जमा करवाओ, टीचर की व्यवस्था हो जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रिंसिपल ने कहा कि अगर रुपये जमा नहीं करा सकते और ज्यादा दिक्कत है तो नाम कटवा लो।
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चार महीने से महत्वपूर्ण विषयों के टीचर नहीं हैं। स्कूल प्रशासन भी सुनवाई नहीं करता है।
-मेघा, छात्रा दसवीं
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स्टूडेंट्स को अगर अध्यापक ही नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में बेटी पढ़ाने का सरकारी नारा झूठा साबित हो रहा है।
-अंकिता, छात्रा बारहवीं
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स्कूल में प्रिंसिपल की ओर से भी कोई सपोर्ट नहीं मिल रहा है। बिना टीचर के कैसे पढ़ाई हो।
-बबिता, छात्रा बारहवीं
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छात्राओं की शिकायत सुनी है, इस संदर्भ में डीईओ को बुलाकर तत्काल कार्रवाई करते हुए टीचर लगाने के लिए कहा है। प्रिंसिपल संबंधी शिकायत की भी जांच कराई जा रही है।
-बिजेंद्र सिंह, सीटीएम, रेवाड़ी
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जानकारी के अनुसार दोपहर करीब 11 बजे पहुंची सेक्टर-4 स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल की दो दर्जन से ज्यादा छात्राएं लघु सचिवालय के मुख्य द्वार पर बैठ गईं। छात्राओं के हाथ में उपायुक्त और सीएम के नाम का ज्ञापन था। उपायुक्त के मीटिंग में होने के चलते सीटीएम छात्राओं का ज्ञापन लेने पहुंचे। सीटीएम को पत्र देते हुए छात्राओं मेघा, अंकिता, सुकन्या आदि ने कहा कि सैक्टर-4 वाला सरकारी स्कूल नाईवाली स्थित स्कूल का ही एक हिस्सा है। अप्रैल महीने से लेकर अभी तक स्कूल में नवीं और दसवीं कक्षा की न तो गणित की क्लास लगी है और न ही विज्ञान विषय की। ऐसे में पढ़ाई कैसे होगी।
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प्रिंसिपल कहती हैं, रुपये जमा कराओ
छात्राओं ने कहा है कि जब उन्होंने प्रिंसिपल से विज्ञान और गणित विषय के शिक्षक के लिए मांग की तो उन्होंने कहा कि प्रति स्टूडेंट के हिसाब से 50 रुपये जमा करवाओ, टीचर की व्यवस्था हो जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रिंसिपल ने कहा कि अगर रुपये जमा नहीं करा सकते और ज्यादा दिक्कत है तो नाम कटवा लो।
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चार महीने से महत्वपूर्ण विषयों के टीचर नहीं हैं। स्कूल प्रशासन भी सुनवाई नहीं करता है।
-मेघा, छात्रा दसवीं
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स्टूडेंट्स को अगर अध्यापक ही नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में बेटी पढ़ाने का सरकारी नारा झूठा साबित हो रहा है।
-अंकिता, छात्रा बारहवीं
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स्कूल में प्रिंसिपल की ओर से भी कोई सपोर्ट नहीं मिल रहा है। बिना टीचर के कैसे पढ़ाई हो।
-बबिता, छात्रा बारहवीं
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छात्राओं की शिकायत सुनी है, इस संदर्भ में डीईओ को बुलाकर तत्काल कार्रवाई करते हुए टीचर लगाने के लिए कहा है। प्रिंसिपल संबंधी शिकायत की भी जांच कराई जा रही है।
-बिजेंद्र सिंह, सीटीएम, रेवाड़ी