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आर्थिक, सामरिक और पर्यटन का गलियारा एनएच-11 दिसंबर में बनकर हो जाएगा तैयार
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रेवाड़ी। हरियाणा व राजस्थान को जोड़ने वाले आर्थिक, सामरिक व पर्यटन गलियारे रेवाड़ी-जैसलमेर नए नेशनल हाईवे-11 का निर्माण जल्द पूरा हो जाएगा। इसके बच्चे हुए रेवाड़ी-अटेली के हिस्से का निर्माण कार्य निर्धारित अवधि से 6 माह पहले दिसंबर तक पूरा जाएगा। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से करीब 85 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया है, 15 प्रतिशत काम पूरा करने के लिए युद्ध स्तर पर काम किया जा रहा है।
बता दें कि इस हाईवे का कार्य पूरा करने की अवधि जून 2022 है। वहीं दूसरी ओर इस नेशनल हाईवे के हिस्सा शहर के 14.3 किमी लंबे बाईपास का निर्माण कार्य भी तेजी से किया जरा है। इसका 20 फीसदी से अधिक काम पूरा हो चुका है। एक साल के अंदर इसको भी पूरा करने का दावा किया जरा है। इस बाईपास के बनने से शहर को जाम से मुक्ति मिलेगी, वहीं जिले में विकास के द्वार खुल जाएंगे।
हाईवे निर्माण से बीकानेर पहुंचने में लगेगा डेढ़ घंटा कम
देश के इस महत्वपूर्ण हाईवे के निर्माण से दिल्ली से बीकानेर तक पहुंचने में जहां करीब 9 घंटे का समय लगता था, उसके मुकाबले अब करीब डेढ़ घंटे कम समय लगेगा। यानी 324 किलोमीटर की दूरी के लिए करीब साढ़े 7 घंटे लगेंगे। इसका सबसे बड़ा फायदा सेना को होगा। पाकिस्तान के साथ अगर सैन्य कार्रवाई होती है तो उस समय सीमा पर रसद आदि पहुंचाने में सेना को अब एक सुगम रास्ते का विकल्प मिल जाएगा। बता दें कि राष्ट्रीय राजमार्ग-11(एनएच) पहले आगरा से बीकानेर तक ही था, लेकिन नेशनल हाईवे अथॉरिटी की ओर से मार्च 2014 में रेवाड़ी से राजस्थान के फतेहपुर तक करीब 190 किमी लंबे स्टेट राजमार्ग को फोरलेन करने और नए एनएच-11 का दर्जा देने की घोषणा की गई थी। नई प्रक्रिया के तहत हाईवे बीकानेर से जैसलमेर तक बढ़ा दिया गया है। सामरिक दृष्टि से भी इस हाईवे का उपयोग किया जा सकेगा, क्योंकि दिल्ली स्थित सेना मुख्यालय से पाकिस्तान सीमा तक पहुंचना अब सुगम हो जाएगा। तीन चरणों में होने वाले निर्माण में राजस्थान के सीकर जिले की फतेहपुर तहसील से हरियाणा सीमा के पचेरी, पचेरी से अटेली तक निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। अटेली से रेवाड़ी तक कार्य दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा।
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इस रोड से 15 हजार वाहनों का प्रतिदिन आवागमन
जैसलमेर पहुंचने के लिए इससे पहले सड़क मार्ग से पहले रोहतक, हिसार व इसके बाद सीकर में एनएच-11 पर जाना पड़ता था। इस मार्ग से रेवाड़ी से जैसलमेर की दूरी करीब 828 किमी पड़ती थी, लेकिन नए एनएच-11 से ये दूरी घटकर 730 किमी रह जाएगी। ऐसे में 98 किमी की दूरी कम होने से समय के साथ आर्थिक फायदा भी होगा। टू-लेने होने के बावजूद इस मार्ग पर अभी भी हर रोज 15 हजार से ज्यादा वाहन गुजरते हैं। जो कि हाईवे निर्माण की कंडीशन भी है। रेवाड़ी में नए एनएच-11, एनएच- 8 व एनएच-71 को जोड़ने का काम करेगा।
कॉरिडोर और लॉजिस्टिक हब के बाद बड़ा प्रोजेक्ट
प्रदेश सरकार की राजस्थान से लगती सीमा नांगल चौधरी क्षेत्र में करीब 1200 एकड़ जमीन पर मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब विकसित किया जा रहा है। यूपी से दादरी से मुंबई तक वेस्टर्न रेलवे फ्रेट कॉरिडोर का निर्माण चल रहा है। न्यू एनएच-11 बनने से राजस्थान व हरियाणा के बीच व्यावसायिक गतिविधियां भी बढ़ जाएगी। रोजगार भी बढ़ेगा।
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा :
सामरिक और आर्थिक फायदे के साथ सैलानियों के लिए भी यह बेहतर साबित होगा। राजस्थान के शेखावटी क्षेत्र के पर्यटन स्थल मंडावा, फतेहपुर-शेखावटी, नवलगढ़, लक्ष्मणगढ़ तक पहुंचने वाले सैलानियों को सहूलियत मिलेगी। देश के एकमात्र स्टीम लोकोमोटिव शेड को देखने के लिए देश-विदेश से सैलानी आते हैं। अब सड़क मार्ग से भी आसानी से हरियाणा के साथ राजस्थान का भ्रमण कर सकेंगे।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण संख्या- 11 के प्रोजेक्ट डायरेक्टर पीके कौशिक ने बताया कि रेवाड़ी से अटेली तक नेशनल हाईवे-11 का निर्माण कार्य निर्धारित अवधि से 6 माह पहले दिसंबर तक पूरा कर दिया जाएगा। 85 प्रतिशत से ज्यादा कार्य हो चुका है, वहीं बाईपास निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है। दूरी कम होने व अच्छा हाईवे होने से दिल्ली से बीकानेर व जैसलमेर पहुंचने में भी पहले के मुकाबले कम समय लगेगा। इसकी चौड़ाई 200 फुट रखी गई, ताकि जरूरत पड़ने पर अन्य कार्यों के लिए भी उपयोग किया जा सके।
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बता दें कि इस हाईवे का कार्य पूरा करने की अवधि जून 2022 है। वहीं दूसरी ओर इस नेशनल हाईवे के हिस्सा शहर के 14.3 किमी लंबे बाईपास का निर्माण कार्य भी तेजी से किया जरा है। इसका 20 फीसदी से अधिक काम पूरा हो चुका है। एक साल के अंदर इसको भी पूरा करने का दावा किया जरा है। इस बाईपास के बनने से शहर को जाम से मुक्ति मिलेगी, वहीं जिले में विकास के द्वार खुल जाएंगे।
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हाईवे निर्माण से बीकानेर पहुंचने में लगेगा डेढ़ घंटा कम
देश के इस महत्वपूर्ण हाईवे के निर्माण से दिल्ली से बीकानेर तक पहुंचने में जहां करीब 9 घंटे का समय लगता था, उसके मुकाबले अब करीब डेढ़ घंटे कम समय लगेगा। यानी 324 किलोमीटर की दूरी के लिए करीब साढ़े 7 घंटे लगेंगे। इसका सबसे बड़ा फायदा सेना को होगा। पाकिस्तान के साथ अगर सैन्य कार्रवाई होती है तो उस समय सीमा पर रसद आदि पहुंचाने में सेना को अब एक सुगम रास्ते का विकल्प मिल जाएगा। बता दें कि राष्ट्रीय राजमार्ग-11(एनएच) पहले आगरा से बीकानेर तक ही था, लेकिन नेशनल हाईवे अथॉरिटी की ओर से मार्च 2014 में रेवाड़ी से राजस्थान के फतेहपुर तक करीब 190 किमी लंबे स्टेट राजमार्ग को फोरलेन करने और नए एनएच-11 का दर्जा देने की घोषणा की गई थी। नई प्रक्रिया के तहत हाईवे बीकानेर से जैसलमेर तक बढ़ा दिया गया है। सामरिक दृष्टि से भी इस हाईवे का उपयोग किया जा सकेगा, क्योंकि दिल्ली स्थित सेना मुख्यालय से पाकिस्तान सीमा तक पहुंचना अब सुगम हो जाएगा। तीन चरणों में होने वाले निर्माण में राजस्थान के सीकर जिले की फतेहपुर तहसील से हरियाणा सीमा के पचेरी, पचेरी से अटेली तक निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। अटेली से रेवाड़ी तक कार्य दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा।
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इस रोड से 15 हजार वाहनों का प्रतिदिन आवागमन
जैसलमेर पहुंचने के लिए इससे पहले सड़क मार्ग से पहले रोहतक, हिसार व इसके बाद सीकर में एनएच-11 पर जाना पड़ता था। इस मार्ग से रेवाड़ी से जैसलमेर की दूरी करीब 828 किमी पड़ती थी, लेकिन नए एनएच-11 से ये दूरी घटकर 730 किमी रह जाएगी। ऐसे में 98 किमी की दूरी कम होने से समय के साथ आर्थिक फायदा भी होगा। टू-लेने होने के बावजूद इस मार्ग पर अभी भी हर रोज 15 हजार से ज्यादा वाहन गुजरते हैं। जो कि हाईवे निर्माण की कंडीशन भी है। रेवाड़ी में नए एनएच-11, एनएच- 8 व एनएच-71 को जोड़ने का काम करेगा।
कॉरिडोर और लॉजिस्टिक हब के बाद बड़ा प्रोजेक्ट
प्रदेश सरकार की राजस्थान से लगती सीमा नांगल चौधरी क्षेत्र में करीब 1200 एकड़ जमीन पर मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब विकसित किया जा रहा है। यूपी से दादरी से मुंबई तक वेस्टर्न रेलवे फ्रेट कॉरिडोर का निर्माण चल रहा है। न्यू एनएच-11 बनने से राजस्थान व हरियाणा के बीच व्यावसायिक गतिविधियां भी बढ़ जाएगी। रोजगार भी बढ़ेगा।
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा :
सामरिक और आर्थिक फायदे के साथ सैलानियों के लिए भी यह बेहतर साबित होगा। राजस्थान के शेखावटी क्षेत्र के पर्यटन स्थल मंडावा, फतेहपुर-शेखावटी, नवलगढ़, लक्ष्मणगढ़ तक पहुंचने वाले सैलानियों को सहूलियत मिलेगी। देश के एकमात्र स्टीम लोकोमोटिव शेड को देखने के लिए देश-विदेश से सैलानी आते हैं। अब सड़क मार्ग से भी आसानी से हरियाणा के साथ राजस्थान का भ्रमण कर सकेंगे।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण संख्या- 11 के प्रोजेक्ट डायरेक्टर पीके कौशिक ने बताया कि रेवाड़ी से अटेली तक नेशनल हाईवे-11 का निर्माण कार्य निर्धारित अवधि से 6 माह पहले दिसंबर तक पूरा कर दिया जाएगा। 85 प्रतिशत से ज्यादा कार्य हो चुका है, वहीं बाईपास निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है। दूरी कम होने व अच्छा हाईवे होने से दिल्ली से बीकानेर व जैसलमेर पहुंचने में भी पहले के मुकाबले कम समय लगेगा। इसकी चौड़ाई 200 फुट रखी गई, ताकि जरूरत पड़ने पर अन्य कार्यों के लिए भी उपयोग किया जा सके।