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निर्धारित तीन माह की देरी से 15 दिन के अंदर शुरू होगा डबल फाटक अंडरपास
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रेवाड़ी। कोरोना के चलते समय बढ़ाने के बावजूद तीन माह की देरी से ही सही अगले 15 दिन के अंदर शहर का बहुचर्चित डबल फाटक अंडरपास शुरू हो जाएगा। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का दावा है कि करीब 97 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया गया है, अब कोई अड़चन नहीं है। जुलाई के अंतिम सप्ताह तक इसे शुरू कर दिया जाएगा।
बता दें कि निर्माण कार्य पूरा होने से डबल फाटक पार यादव नगर, आदर्श नगर, रेलवे कॉलोनी, शिव नगर, कंकरवाली, दुर्गा कॉलोनी व शास्त्री नगर सहित 10 से अधिक कॉलोनियों के 20 हजार लोगों को लाभ मिलेगा। बीते तीन साल से ये लोग पांच किमी की दूरी तक कर शहर पहुंच रहे थे, जबकि अंडरपास शुरू होने से पैदल ही शहर में पहुंच सकते हैं। बता दें कि रेलवे अपने हिस्से का पहले ही काम पूरा कर चुका है।
लोक निर्माण विभाग की ओर से 30 अप्रैल 2021 तक अंडरपास निर्माण कार्य पूरा किया जाना था। देेरी के चलते डीसी यशेंद्र सिंह ने मौके पर निरीक्षण कर अधिकारियों को फटकार लगाते हुए इसे जल्द पुरा करने के आदेश दिए थे। इसके बाद ही काम में तेजी आ सकी थी। डीसी ने कहा था कि ठेकेदार अगर समय पर काम पूरा न करे तो उस पर कार्रवाई की जाए। ठेकेदार की लेटलतीफी के चलते हजारों लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। डबल फाटक के आसपास के दुकानदार को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दुकानदारी बंद होने के चलते आर्थिक स्थिति खराब हो चुकी है, ऐसे में निर्माण कार्य समय पर पूरा किया जाना जरूरी था।
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2018 में किया गया था शिलान्यास
डबल फाटक अंडरपास का शिलान्यास करीब ढाई वर्ष पूर्व दिसंबर 2018 में केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने किया था। इस डबल फाटक के लिए सामाजिक संगठनों की ओर से धरना प्रदर्शन से लेकर लंबा संघर्ष किया गया था, इसके बाद ही निर्माण कार्य शुरू हो पाया था। लोगों को रेलवे लाइनों को पार करके शहर तक पहुंचना पड़ता था। फाटक अधिकतर समय बंद होने के चलते लाइन पार करते समय हादसों का भी डर बना रहता था। लाइनों के नीचे से अंडरपास का निर्माण करने की जिम्मेदारी रेलवे की थी तथा दोनों तरफ अंडरपास को जोड़ने वाला मार्ग लोकनिर्माण विभाग को बनाना है। रेलवे ने तय समय पर अपना काम शुरू करके खत्म भी कर दिया, लेकिन लोकनिर्माण विभाग की ओर से जो कार्य किया जा रहा है वह बेहद धीमी गति से चल रहा है।
उपायुक्त की फटकार का दिखा असर
अंडरपास निर्माण की धीमी गति के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आसपास के दुकानदारों का धंधा पूरी तरह से चौपट हो गया है। वहीं फाटक पार के लोगों को 5 से 6 किमी तक घूमकर शहर में आना पड़ रहा है। उपायुक्त यशेंद्र सिंह खुद अंडरपास निर्माण का निरीक्षण करने के लिए पहुंचे थे। उपायुक्त ने लोकनिर्माण विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट आदेश दिए थे।
लोकनिर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता सचिन भाटी ने बताया कि अंडरपास निर्माण का 97 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, अगले 15 दिन के अंदर इसको लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। तीन माह की देरी कुछ तकनीकी कारणों से हुई है, निर्माण से लोगों को राहत मिलेगी।
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बता दें कि निर्माण कार्य पूरा होने से डबल फाटक पार यादव नगर, आदर्श नगर, रेलवे कॉलोनी, शिव नगर, कंकरवाली, दुर्गा कॉलोनी व शास्त्री नगर सहित 10 से अधिक कॉलोनियों के 20 हजार लोगों को लाभ मिलेगा। बीते तीन साल से ये लोग पांच किमी की दूरी तक कर शहर पहुंच रहे थे, जबकि अंडरपास शुरू होने से पैदल ही शहर में पहुंच सकते हैं। बता दें कि रेलवे अपने हिस्से का पहले ही काम पूरा कर चुका है।
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लोक निर्माण विभाग की ओर से 30 अप्रैल 2021 तक अंडरपास निर्माण कार्य पूरा किया जाना था। देेरी के चलते डीसी यशेंद्र सिंह ने मौके पर निरीक्षण कर अधिकारियों को फटकार लगाते हुए इसे जल्द पुरा करने के आदेश दिए थे। इसके बाद ही काम में तेजी आ सकी थी। डीसी ने कहा था कि ठेकेदार अगर समय पर काम पूरा न करे तो उस पर कार्रवाई की जाए। ठेकेदार की लेटलतीफी के चलते हजारों लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। डबल फाटक के आसपास के दुकानदार को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दुकानदारी बंद होने के चलते आर्थिक स्थिति खराब हो चुकी है, ऐसे में निर्माण कार्य समय पर पूरा किया जाना जरूरी था।
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2018 में किया गया था शिलान्यास
डबल फाटक अंडरपास का शिलान्यास करीब ढाई वर्ष पूर्व दिसंबर 2018 में केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने किया था। इस डबल फाटक के लिए सामाजिक संगठनों की ओर से धरना प्रदर्शन से लेकर लंबा संघर्ष किया गया था, इसके बाद ही निर्माण कार्य शुरू हो पाया था। लोगों को रेलवे लाइनों को पार करके शहर तक पहुंचना पड़ता था। फाटक अधिकतर समय बंद होने के चलते लाइन पार करते समय हादसों का भी डर बना रहता था। लाइनों के नीचे से अंडरपास का निर्माण करने की जिम्मेदारी रेलवे की थी तथा दोनों तरफ अंडरपास को जोड़ने वाला मार्ग लोकनिर्माण विभाग को बनाना है। रेलवे ने तय समय पर अपना काम शुरू करके खत्म भी कर दिया, लेकिन लोकनिर्माण विभाग की ओर से जो कार्य किया जा रहा है वह बेहद धीमी गति से चल रहा है।
उपायुक्त की फटकार का दिखा असर
अंडरपास निर्माण की धीमी गति के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आसपास के दुकानदारों का धंधा पूरी तरह से चौपट हो गया है। वहीं फाटक पार के लोगों को 5 से 6 किमी तक घूमकर शहर में आना पड़ रहा है। उपायुक्त यशेंद्र सिंह खुद अंडरपास निर्माण का निरीक्षण करने के लिए पहुंचे थे। उपायुक्त ने लोकनिर्माण विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट आदेश दिए थे।
लोकनिर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता सचिन भाटी ने बताया कि अंडरपास निर्माण का 97 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, अगले 15 दिन के अंदर इसको लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। तीन माह की देरी कुछ तकनीकी कारणों से हुई है, निर्माण से लोगों को राहत मिलेगी।