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Rewari News: जिला बार एसोसिएशन ने किया राष्ट्रीय लोक अदालत का बहिष्कार

Sun, 13 Jul 2025 12:22 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Sun, 13 Jul 2025 12:22 AM IST
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District Bar Association boycotted the National Lok Adalat
फोटो : 16बार एसोसिएशन परिसर में बैठकर राष्ट्रीय लोक अदालत का बहिष्कार करते अधिवक्ता। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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रेवाड़ी। जिला बार एसोसिएशन ने जिला न्यायिक परिसर में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत का बहिष्कार किया। अधिवक्ताओं ने न्यायिक परिसर के गेट पर बैठकर विरोध जताया और कोर्ट में पेश नहीं हुए। एसोसिएशन के प्रधान विश्वामित्र यादव ने कहा कि आम आदमी के साथ न्याय नहीं हो रहा है।
उन्होंने कहा कि 10 हजार का मोटर व्हीकल चालान होने पर एक गरीब व्यक्ति क्या कर सकता है। लोक अदालत में यह चालान पहले 50 से 30% तक छूट के साथ भरा जाता था लेकिन इस समय पूरी चालान राशि वसूली जा रही है।
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विश्वामित्र यादव ने कहा कि अगर किन्हीं दो पक्षों में समझौता हो गया और वह केस लोक अदालत के लिए रख दिया जाता है। केस 3 नंबर कोर्ट का है और उसमें जज 5 नंबर के आ जाते हैं तो उस केस की सुनवाई नहीं होती। केस फिर से कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया जाता है। ऐसे में लोक अदालत में शामिल होने का फायदा नहीं है।
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इस अवसर पर बार सचिव मनोज कुमार, सह सचिव मोनू कुमार, चिराग शर्मा कोषाध्यक्ष, नरेश यादव, संजय गुप्ता, मनमोहन सैनी, अनिल कुमार अत्रि, रजवंत डहीनवाल मौजूद रहे।



जानिए क्या है राष्ट्रीय लोक अदालत

राष्ट्रीय लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य लंबित मामलों का आपसी समझौते के माध्यम से त्वरित निपटारा करवाना है। लोक अदालत में ट्रैफिक चालान, बैंक रिकवरी, मोटर वाहन दुर्घटना अधिनियम, पारिवारिक विवाद, दीवानी एवं फौजदारी मामले, श्रम विवाद, भूमि अधिग्रहण, बिजली-पानी के बिलों और राजस्व के मामले का निपटारा किया जाता है। बताया जाता है कि कोर्ट में अपने लंबित प्रकरणों को आपसी सहमति से हल करवा लेने में ही फायदा है, जिससे कि समय कम लगे और मामूली खर्च में ही विवाद का निपटारा हो जाए। कोई भी केस में कोर्ट में चलता है तो लोगों को उसके लिए बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं और धन व समय भी खर्च होता है।
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