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Rewari News: एसएमसी के पुनर्गठन के निर्देश पर शिक्षकों में असंतोष

Tue, 15 Jul 2025 11:44 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Tue, 15 Jul 2025 11:44 PM IST
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Discontent among teachers over the instructions to reorganize SMC
संवाद न्यूज एजेंसी
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रेवाड़ी। स्कूल प्रबंधन समितियों (एसएमसी) के पुनर्गठन के निर्देश से शिक्षकों में असंतोष है। हरियाणा अनुसूचित जाति राजकीय अध्यापक संघ (हजरस) ने इस पर आपत्ति जताते हुए इस निर्णय को एकतरफा और अव्यावहारिक बताया है।
शिक्षा विभाग ने 7 मई को जारी पत्र जारी एसएमसी का पुनर्गठन करने का निर्देश दिया था। हरियाणा अनुसूचित जाति राजकीय अध्यापक संघ का कहना है कि इस निर्देश से शिक्षकों पर अनावश्यक प्रशासनिक बोझ बढ़ेगा। साथ ही विद्यालयों की मौलिक स्वायत्तता और फंड प्रबंधन प्रभावित होगा।
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संघ के जिला प्रधान सुमेर सिंह ने कहा कि शिक्षा विभाग की ओर से जारी पत्र में एक ही परिसर में संचालित प्राथमिक एवं उच्च व वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के लिए एक ही एसएमसी गठित करने के निर्देश दिए गए हैं।
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यह व्यवस्था न केवल प्राथमिक विद्यालयों के अधिकारों का अतिक्रमण है, बल्कि इससे शैक्षिक व वित्तीय संचालन में असंतुलन भी उत्पन्न होगा। उन्होंने कहा कि प्राथमिक विद्यालयों की जरूरतें, संरचना, कार्यदायित्व और समुदाय से संवाद का तरीका अलग होता है, जिसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रदेशभर के अनेक स्कूलों में हाल ही में एसएमसी का गठन किया जा चुका है। विभाग ने अब पुराने नियमों में संशोधन कर एक नया पत्र जारी कर दिया, जिससे शिक्षकों को दोबारा उसी प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है।

संघ ने विभाग की ओर से बिना शिक्षक संगठनों से परामर्श किए निर्णय लेने पर सवाल उठाया है। महासचिव दयाराम मोरवाल ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिन शिक्षकों को इस समिति के गठन और संचालन का दायित्व निभाना होता है, उनकी राय लिए बिना ही नीतियां बदल दी जाती हैं।

इससे न केवल शिक्षकों में असंतोष उत्पन्न होता है, बल्कि नीति के क्रियान्वयन में भी व्यवधान उत्पन्न होता है। हजरस ने शिक्षा विभाग से इस आदेश को तत्काल प्रभाव से रद्द करने या स्थगित करने की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि शिक्षकों की आपत्तियों की अनदेखी की गई, तो संघ इस मुद्दे पर प्रदेशव्यापी विरोध दर्ज कराने के लिए बाध्य होगा।
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