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Rewari News: दिव्यांग यात्रियों को एप पर मिलेगी एसएलआरडी कोच की जानकारी
Tue, 16 Jul 2024 03:31 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 16 Jul 2024 03:31 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। रेलवे ने नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम (एनटीईएस) एप को अपडेट किया है। सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम (क्रिस) ने एनटीईएस एप में एक नया फीचर जोड़ा है। इससे अब दिव्यांग यात्रियों को एसएलआरडी कोच की पोजीशन की जानकारी होगी और उन्हें कोच ढूंढने में परेशानी नहीं होगी।
इस फीचर के अपडेट होने से अब दिव्यांग यात्री दिव्यांग कोच (एसएलआरडी) के बारे में घर बैठे ही पता लगा सकेंगे। पहले ट्रेन आने पर दिव्यांगों को कोच ढूंढने में परेशानी होती थी लेकिन अब इस फीचर से ट्रेन की कोच संरचना (मार्शलिंग) में दिव्यांग कोच स्थिति अर्थात कोच इंजन से किस नंबर पर रहेगा, इसकी जानकारी हो सकेगी। यह जानकारी एनटीईएस एप पर लाइव अपडेट की जाएगी। इस फीचर के एनटीईएस एप पर अपडेट होने से उन स्टेशनों से यात्रा करने वाले दिव्यांग यात्रियों को ज्यादा फायदा होगा, जहां पर ट्रेन सिर्फ 2 से 5 मिनट के लिए रुकती है। क्योंकि इतने कम समय में 20-22 कोच की ट्रेन में दिव्यांग जनों के लिए कोच को ढूंढना किसी चुनौती चुनौती से कम नहीं होता है।
इसी के साथ उन स्टेशनों पर भी इससे सुविधा में इजाफा होगा, जहां स्टेशनों पर या तो डिस्पले बोर्ड लगे ही नहीं हैं या खराब हैं। अभी तक एनटीईएस ऐप में सिर्फ एसी, स्लीपर और जनरल श्रेणी के कोच की पोजिशन की जानकारी प्रदर्शित की जाती थी। सीनियर डीसीएम, बीसीएस चौधरी, जयपुर डिवीजन ने बताया कि ज्यादातर सुपर फास्ट एक्सप्रेस और मेल एक्सप्रेस ट्रेनों में दिव्यांगों की सुविधा के लिए दिव्यांग कोच लगाए जाते हैं। ताकि वो बिना किसी दिक्कत के सुविधाजनक यात्रा कर सकें।
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मेल एक्सप्रेस और सुपर फास्ट एक्सप्रेस ट्रेनों में दिव्यांग कोच लगाए जाते हैं। इन्हें एसएलआरडी कोच भी कहा जाता है जो दिव्यांग लोगों के लिए आरक्षित होते हैं। इन कोच में दिव्यांग यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष रूप से बनी सीटें और टॉयलेट्स होते हैं। वहीं, दिव्यांग कोच हमेशा ट्रेन के सिरे पर होते हैं। इन्हें इंजन के नजदीक या ब्रेक वैन यानी गार्ड के डिब्बे के नजदीक ही लगाया जाता है।
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रेवाड़ी। रेलवे ने नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम (एनटीईएस) एप को अपडेट किया है। सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम (क्रिस) ने एनटीईएस एप में एक नया फीचर जोड़ा है। इससे अब दिव्यांग यात्रियों को एसएलआरडी कोच की पोजीशन की जानकारी होगी और उन्हें कोच ढूंढने में परेशानी नहीं होगी।
इस फीचर के अपडेट होने से अब दिव्यांग यात्री दिव्यांग कोच (एसएलआरडी) के बारे में घर बैठे ही पता लगा सकेंगे। पहले ट्रेन आने पर दिव्यांगों को कोच ढूंढने में परेशानी होती थी लेकिन अब इस फीचर से ट्रेन की कोच संरचना (मार्शलिंग) में दिव्यांग कोच स्थिति अर्थात कोच इंजन से किस नंबर पर रहेगा, इसकी जानकारी हो सकेगी। यह जानकारी एनटीईएस एप पर लाइव अपडेट की जाएगी। इस फीचर के एनटीईएस एप पर अपडेट होने से उन स्टेशनों से यात्रा करने वाले दिव्यांग यात्रियों को ज्यादा फायदा होगा, जहां पर ट्रेन सिर्फ 2 से 5 मिनट के लिए रुकती है। क्योंकि इतने कम समय में 20-22 कोच की ट्रेन में दिव्यांग जनों के लिए कोच को ढूंढना किसी चुनौती चुनौती से कम नहीं होता है।
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इसी के साथ उन स्टेशनों पर भी इससे सुविधा में इजाफा होगा, जहां स्टेशनों पर या तो डिस्पले बोर्ड लगे ही नहीं हैं या खराब हैं। अभी तक एनटीईएस ऐप में सिर्फ एसी, स्लीपर और जनरल श्रेणी के कोच की पोजिशन की जानकारी प्रदर्शित की जाती थी। सीनियर डीसीएम, बीसीएस चौधरी, जयपुर डिवीजन ने बताया कि ज्यादातर सुपर फास्ट एक्सप्रेस और मेल एक्सप्रेस ट्रेनों में दिव्यांगों की सुविधा के लिए दिव्यांग कोच लगाए जाते हैं। ताकि वो बिना किसी दिक्कत के सुविधाजनक यात्रा कर सकें।
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मेल एक्सप्रेस और सुपर फास्ट एक्सप्रेस ट्रेनों में दिव्यांग कोच लगाए जाते हैं। इन्हें एसएलआरडी कोच भी कहा जाता है जो दिव्यांग लोगों के लिए आरक्षित होते हैं। इन कोच में दिव्यांग यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष रूप से बनी सीटें और टॉयलेट्स होते हैं। वहीं, दिव्यांग कोच हमेशा ट्रेन के सिरे पर होते हैं। इन्हें इंजन के नजदीक या ब्रेक वैन यानी गार्ड के डिब्बे के नजदीक ही लगाया जाता है।