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स्वास्थ्य विभाग की महानिदेशक ने किया नागरिक अस्पताल का औचक निरीक्षण.
ब्यूरो /अमर उजाला
Updated Sat, 30 Apr 2016 12:53 AM IST
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स्वास्थ्य विभाग की महानिदेशक ने किया औचक निरीक्षण
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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स्वास्थ्य विभाग की महानिदेशक कमला सिंह ने शुक्रवार को नागरिक अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान डॉक्टर उस समय असहज हो गए जब उन्होंने ट्रॉमा में रखी एक दवाई के लिस्ट में नहीं होने की बात कहकर ड्यूटी पर तैनात नर्स से रेपर पर लिखा उसका नाम पढ़ने के लिए कहा, लेकिन मिस प्रिंट होने के कारण यह नाम नहीं पढ़ा जा सका।
कमला सिंह ने पहले खुद दवा का रेपर पढ़ने की कोशिश की, जब उनसे भी नहीं पढ़ा गया तो नागरिक अस्पताल की ही एक महिला डॉक्टर से नाम पढ़ने को कहा, लेकिन वह भी नहीं पढ़ पाई। इस पर महानिदेशक ने नर्स को लताड़ लगाते हुए कहा कि तुम कोई भी दवा किसी मरीज को लगाते हो क्या। जो दवाई इमरजेंसी में रखी रहती है, वह वहीं पर लगी लिस्ट में अंकित होनी जरूरी है।
वहीं दूसरी ओर महानिदेशक ने यहां के डॉक्टरों की कार्यशैली को निरीक्षण के दौरान अन्य छह जिलों के नागरिक अस्पतालों से बेहतर बताया। साथ ही उन्होंने यहां की सफाई व्यवस्था के लिए भी नसीहत दे डाली। सुबह आठ बजे सिरसा से यहां पर औचक निरीक्षण के लिए पहुंची महानिदेशक ने ट्रॉमा सेंटर,गायनी वार्ड,एसएनसीयू एवं जनरल वार्ड सहित अस्पताल के अन्य वार्ड का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद महानिदेशक ने लगभग आधा घंटे तक डॉक्टरों से उनके सामने आ रही समस्याओं की जानकारी ली।
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महानिदेशक के आने पर वर्दी में दिखा पूरा स्टाफ
सुबह आठ बजे स्वास्थ्य विभाग की महानिदेशक कमला सिंह के नागरिक अस्पताल में औचक निरीक्षण की सूचना मिलते ही नागरिक अस्पताल के कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। कभी भी वर्दी में न दिखाई देना वाला स्टाफ बदला-बदला नजर आया। लेकिन सभी विभागों का दो घंटों तक निरीक्षण करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में महानिदेशक ने यहां के डॉक्टरों की कार्यशैली की तारीफ करते हुए कहा कि 6 जिलों के निरीक्षण के दौरान यहां के डॉक्टर सबसे अच्छा काम कर रहे हैं। लेकिन इसी के साथ उन्होंने कहा कि यहां की सफाई व्यवस्था से वह संतुष्ट नहीं है,इसलिए तुरंत सफाई व्यवस्था सुधारने के निर्देश दे दिए गए हैं।
एनेस्थेटिक नहीं होने पर बोली नहीं किसी की जिम्मेदारी
नागरिक अस्पताल में लंबे समय से मरीजों को आपरेशन के लिए बेहोश करने वाले डॉक्टर नहीं होने के सवाल पर महानिदेशक कमला सिंह ने कहा कि सभी अस्पतालों में हाल बुरा है। डिलीवरी के दौरान भी एनेस्थेटिक नहीं मिलने पर बीच में रैफर करने के सवाल पर कहा कि इधर-उधर से डॉक्टर का प्रबंध किया जाता है। इसके बाद रेफर करने के अलावा कोई चारा नहीं है। एक ओर बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा दूसरी ओर डिलवरी की पूरी सुविधा तक मौजूद नहीं होने पर गर्भवती की जान जोखिम के सवाल पर महानिदेशक ने कहा कि यह हमारी जिम्मेदारी नहीं है। एनेस्थिेटिक डॉक्टर की कमी पूरे प्रदेश में है।
एमबीबीएस नहीं स्पेशलिस्ट डॉक्टर चाहते हैं
स्टॉफ की कमी के सवाल पर महानिदेशक कमला सिंह ने कहा कि लोग जागरूक हो रहे हैं,इसलिए एमबीबीएस डॉक्टर से उपचार नहीं कराकर स्पेशलिस्ट डॉक्टर से उपचार कराना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अस्पताल स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे हैं। लेकिन इस कमी को पूरा करने के लिए पीजीआईएमएस रोहतक से एक स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के बैच से कमी पूरी की जाएगी। उन्होंने कहा कि रेवाड़ी में इस बैच से डॉक्टर उपलब्ध कराएं जाएंगे।
बिल्डिंग के बाहर से बनेगा रैंप, ओवरब्रिज भी बनेगा जल्द
डीजी कमला सिंह ने कहा कि सप्ताह भर पहले ही पीडब्ल्यूडी के आलाधिकारियों के साथ हेडक्वार्टर लेवल पर मीटिंग हुई है। जिसमें फैसला लिया गया है कि बिल्डिंग के बाहर से रैंप बनाई जाएगी। वहीं ट्रामा सेंटर और नागरिक अस्पताल के बीच के प्रस्तावित एफओबी के बारे में बताया कि रेवाड़ी विधायक की ओर से इस संदर्भ में पत्र पहले ही मिल चुका है। जल्द ही ट्रामा सेंटर और नागरिक अस्पताल के बीच में फुटओवर ब्रिज तैयार करवाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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कमला सिंह ने पहले खुद दवा का रेपर पढ़ने की कोशिश की, जब उनसे भी नहीं पढ़ा गया तो नागरिक अस्पताल की ही एक महिला डॉक्टर से नाम पढ़ने को कहा, लेकिन वह भी नहीं पढ़ पाई। इस पर महानिदेशक ने नर्स को लताड़ लगाते हुए कहा कि तुम कोई भी दवा किसी मरीज को लगाते हो क्या। जो दवाई इमरजेंसी में रखी रहती है, वह वहीं पर लगी लिस्ट में अंकित होनी जरूरी है।
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वहीं दूसरी ओर महानिदेशक ने यहां के डॉक्टरों की कार्यशैली को निरीक्षण के दौरान अन्य छह जिलों के नागरिक अस्पतालों से बेहतर बताया। साथ ही उन्होंने यहां की सफाई व्यवस्था के लिए भी नसीहत दे डाली। सुबह आठ बजे सिरसा से यहां पर औचक निरीक्षण के लिए पहुंची महानिदेशक ने ट्रॉमा सेंटर,गायनी वार्ड,एसएनसीयू एवं जनरल वार्ड सहित अस्पताल के अन्य वार्ड का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद महानिदेशक ने लगभग आधा घंटे तक डॉक्टरों से उनके सामने आ रही समस्याओं की जानकारी ली।
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महानिदेशक के आने पर वर्दी में दिखा पूरा स्टाफ
सुबह आठ बजे स्वास्थ्य विभाग की महानिदेशक कमला सिंह के नागरिक अस्पताल में औचक निरीक्षण की सूचना मिलते ही नागरिक अस्पताल के कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। कभी भी वर्दी में न दिखाई देना वाला स्टाफ बदला-बदला नजर आया। लेकिन सभी विभागों का दो घंटों तक निरीक्षण करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में महानिदेशक ने यहां के डॉक्टरों की कार्यशैली की तारीफ करते हुए कहा कि 6 जिलों के निरीक्षण के दौरान यहां के डॉक्टर सबसे अच्छा काम कर रहे हैं। लेकिन इसी के साथ उन्होंने कहा कि यहां की सफाई व्यवस्था से वह संतुष्ट नहीं है,इसलिए तुरंत सफाई व्यवस्था सुधारने के निर्देश दे दिए गए हैं।
एनेस्थेटिक नहीं होने पर बोली नहीं किसी की जिम्मेदारी
नागरिक अस्पताल में लंबे समय से मरीजों को आपरेशन के लिए बेहोश करने वाले डॉक्टर नहीं होने के सवाल पर महानिदेशक कमला सिंह ने कहा कि सभी अस्पतालों में हाल बुरा है। डिलीवरी के दौरान भी एनेस्थेटिक नहीं मिलने पर बीच में रैफर करने के सवाल पर कहा कि इधर-उधर से डॉक्टर का प्रबंध किया जाता है। इसके बाद रेफर करने के अलावा कोई चारा नहीं है। एक ओर बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा दूसरी ओर डिलवरी की पूरी सुविधा तक मौजूद नहीं होने पर गर्भवती की जान जोखिम के सवाल पर महानिदेशक ने कहा कि यह हमारी जिम्मेदारी नहीं है। एनेस्थिेटिक डॉक्टर की कमी पूरे प्रदेश में है।
एमबीबीएस नहीं स्पेशलिस्ट डॉक्टर चाहते हैं
स्टॉफ की कमी के सवाल पर महानिदेशक कमला सिंह ने कहा कि लोग जागरूक हो रहे हैं,इसलिए एमबीबीएस डॉक्टर से उपचार नहीं कराकर स्पेशलिस्ट डॉक्टर से उपचार कराना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अस्पताल स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे हैं। लेकिन इस कमी को पूरा करने के लिए पीजीआईएमएस रोहतक से एक स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के बैच से कमी पूरी की जाएगी। उन्होंने कहा कि रेवाड़ी में इस बैच से डॉक्टर उपलब्ध कराएं जाएंगे।
बिल्डिंग के बाहर से बनेगा रैंप, ओवरब्रिज भी बनेगा जल्द
डीजी कमला सिंह ने कहा कि सप्ताह भर पहले ही पीडब्ल्यूडी के आलाधिकारियों के साथ हेडक्वार्टर लेवल पर मीटिंग हुई है। जिसमें फैसला लिया गया है कि बिल्डिंग के बाहर से रैंप बनाई जाएगी। वहीं ट्रामा सेंटर और नागरिक अस्पताल के बीच के प्रस्तावित एफओबी के बारे में बताया कि रेवाड़ी विधायक की ओर से इस संदर्भ में पत्र पहले ही मिल चुका है। जल्द ही ट्रामा सेंटर और नागरिक अस्पताल के बीच में फुटओवर ब्रिज तैयार करवाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।