{"_id":"6a2315ff07bde6a8050f3bec","slug":"demonstration-of-direct-seeding-of-paddy-using-dsr-machine-rewari-news-c-198-1-rew1001-239701-2026-06-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: डीएसआर मशीन से धान की सीधी बिजाई का प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: डीएसआर मशीन से धान की सीधी बिजाई का प्रदर्शन
Sat, 06 Jun 2026 12:01 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 06 Jun 2026 12:01 AM IST
विज्ञापन
डीएसआर मशीन से धान की सीधी बिजाई का प्रदर्शन करते कृषि विभाग के अधिकारी। स्रोत : विभाग
- फोटो : विकास प्राधिकरण सभागार में आयोजित बैठक में मौजूद कारखानेदार व श्रमिक संगठन पदाधिकारी। स्रोत: विभाग
रेवाड़ी। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की तरफ से गांव कालूवास में पांच एकड़ क्षेत्र में डीएसआर मशीन से धान की सीधी बिजाई का प्रदर्शन किया गया। सहायक कृषि अभियंता दिनेश शर्मा के नेतृत्व में विभाग के अधिकारियों ने किसानों को डीएसआर तकनीक की जानकारी दी और सीधी बिजाई अपनाने के लिए प्रेरित किया।
किसानों को बताया कि डीएसआर तकनीक से धान की खेती में पानी की बचत, मजदूरी की लागत में कमी और समय की बचत होती है। पारंपरिक विधि की तुलना में डीएसआर से लगभग 25-30 प्रतिशत कम पानी लगता है और नर्सरी तैयार करने तथा रोपाई पर होने वाला खर्च बच जाता है।
इसके साथ ही फसल जल्दी तैयार होती है और मजदूरों पर निर्भरता भी कम होती है। अधिकारियों ने कहा कि जल स्तर में गिरावट और श्रमिकों की कमी को देखते हुए डीएसआर तकनीक जैसे क्षेत्रों के लिए अत्यंत उपयोगी है। विभाग किसानों को इस तकनीक को अपनाने के लिए तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और सब्सिडी की जानकारी भी उपलब्ध करा रहा है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा खरीफ 2026 सीजन में धान की सीधी बिजाई (डीएसआर) मशीन द्वारा करने पर किसानों को 4500 रुपये प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि उपलब्ध करवाई जाएगी।
धान की सीधी बिजाई प्रदर्शन योजना के तहत प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने के लिए इच्छुक किसान को मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवाना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार की ओर से खरीफ 2026 सीजन में राज्य में कुल 600 धान की सीधी बिजाई करने वाली मशीन अनुदान पर उपलब्ध करवाई जाएगी। इन मशीनों पर कीमत का 50 प्रतिशत या अधिकतम 40 हजार रुपये अनुदान दिया जाएगा।
विज्ञापन
किसानों को बताया कि डीएसआर तकनीक से धान की खेती में पानी की बचत, मजदूरी की लागत में कमी और समय की बचत होती है। पारंपरिक विधि की तुलना में डीएसआर से लगभग 25-30 प्रतिशत कम पानी लगता है और नर्सरी तैयार करने तथा रोपाई पर होने वाला खर्च बच जाता है।
विज्ञापन
इसके साथ ही फसल जल्दी तैयार होती है और मजदूरों पर निर्भरता भी कम होती है। अधिकारियों ने कहा कि जल स्तर में गिरावट और श्रमिकों की कमी को देखते हुए डीएसआर तकनीक जैसे क्षेत्रों के लिए अत्यंत उपयोगी है। विभाग किसानों को इस तकनीक को अपनाने के लिए तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और सब्सिडी की जानकारी भी उपलब्ध करा रहा है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा खरीफ 2026 सीजन में धान की सीधी बिजाई (डीएसआर) मशीन द्वारा करने पर किसानों को 4500 रुपये प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि उपलब्ध करवाई जाएगी।
धान की सीधी बिजाई प्रदर्शन योजना के तहत प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने के लिए इच्छुक किसान को मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवाना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार की ओर से खरीफ 2026 सीजन में राज्य में कुल 600 धान की सीधी बिजाई करने वाली मशीन अनुदान पर उपलब्ध करवाई जाएगी। इन मशीनों पर कीमत का 50 प्रतिशत या अधिकतम 40 हजार रुपये अनुदान दिया जाएगा।