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Rewari News: चार श्रम संहिताओं को वापस लेने की मांग
Thu, 27 Nov 2025 12:37 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Thu, 27 Nov 2025 12:37 AM IST
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मांगों को लेकर प्रदर्शन करते संस्था के पदाधिकारी व कार्यकर्ता। संवाद
रेवाड़ी। संयुक्त किसान मोर्चा और केंद्रीय ट्रेड यूनियन ऑल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन के पदाधिकारी चार श्रम संहिताओं के खिलाफ और किसानों की समस्याओं को लेकर लघु सचिवालय में प्रदर्शन किया। संगठन के कार्यकर्ता राजीव चौक पर एकत्रित हुए और नारेबाजी करते हुए सचिवालय पहुंचे। ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्यवान ने लागू किए गए चार लेबर कोड को मजदूर विरोधी बताते हुए वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसानों को नकली खाद बेची जा रही है जिसकी जांच कर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार भूमि अधिग्रहण तो कर लेती है लेकिन किसानों को उचित राहत नहीं देती।
सत्यवान ने किसानों और मजदूरों को एकजुट होकर आंदोलन को मजबूत करने का आह्वान किया। राज्य अध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने कहा कि श्रम कोड में मजदूरों का कार्य समय 8 घंटे से बढ़ाकर 12 घंटे कर दिया गया है जिससे मजदूरों का शोषण और बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि पहले 100 श्रमिकों वाले उद्योगों में छंटनी, तालाबंदी और कारखाना बंदी के लिए सरकार की अनुमति जरूरी थी अब यह सीमा बढ़ाकर 300 कर दी गई है।
फिक्स्ड टर्म एम्प्लॉयमेंट लागू कर स्थायी नौकरी की सुरक्षा भी समाप्त कर दी गई है। साथ ही महिलाओं की रात की ड्यूटी का प्रावधान भी असुरक्षा बढ़ाने वाला है। इस अवसर पर संयुक्त किसान मोर्चा के अध्यक्ष अभय सिंह फिदेड़ी, रामकुमार नीमोठ, भजनलाल, बाबूलाल कालाका, डॉ. रोहताश, पृथ्वी सिंह, शेरसिंह मीरपुर, हरिओम सिंह, संतोष यादव आदि ने भी विचार रखे।
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सत्यवान ने किसानों और मजदूरों को एकजुट होकर आंदोलन को मजबूत करने का आह्वान किया। राज्य अध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने कहा कि श्रम कोड में मजदूरों का कार्य समय 8 घंटे से बढ़ाकर 12 घंटे कर दिया गया है जिससे मजदूरों का शोषण और बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि पहले 100 श्रमिकों वाले उद्योगों में छंटनी, तालाबंदी और कारखाना बंदी के लिए सरकार की अनुमति जरूरी थी अब यह सीमा बढ़ाकर 300 कर दी गई है।
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फिक्स्ड टर्म एम्प्लॉयमेंट लागू कर स्थायी नौकरी की सुरक्षा भी समाप्त कर दी गई है। साथ ही महिलाओं की रात की ड्यूटी का प्रावधान भी असुरक्षा बढ़ाने वाला है। इस अवसर पर संयुक्त किसान मोर्चा के अध्यक्ष अभय सिंह फिदेड़ी, रामकुमार नीमोठ, भजनलाल, बाबूलाल कालाका, डॉ. रोहताश, पृथ्वी सिंह, शेरसिंह मीरपुर, हरिओम सिंह, संतोष यादव आदि ने भी विचार रखे।
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