{"_id":"6adf9e9d05b9f1e646061224","slug":"demand-to-regularize-guest-teachers-call-for-a-policy-to-regularize-contractual-staff-rewari-news-c-198-1-rew1001-247782-2026-10-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: अतिथि अध्यापकों को नियमित करने की मांग, बोले- कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने की नीति अपनाई जाए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: अतिथि अध्यापकों को नियमित करने की मांग, बोले- कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने की नीति अपनाई जाए
Tue, 27 Oct 2026 12:10 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 27 Oct 2026 12:10 AM IST
विज्ञापन
मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपते सर्व कर्मचारी संघ। स्रोत : संघ
रेवाड़ी। राजकीय अनुबंधित अध्यापक संघ से संबद्ध सर्व कर्मचारी संघ ने अतिथि अध्यापकों को नियमित करने की मांग की है। संघ ने विधायक और मंत्रियों को ज्ञापन देकर हरियाणा सरकार से न्यायालय के निर्णयों को लागू करवाने की मांग की है।
संघ का कहना है कि प्रदेश में शिक्षकों की कमी को देखते हुए वर्ष 2005 से 2008 के बीच अतिथि अध्यापकों की नियुक्तियां की गई थीं, लेकिन लंबे समय से सेवाएं देने के बाद भी उन्हें नियमित नहीं किया गया है।
संघ के राज्य प्रधान दिनेश यादव, महिला विंग की राज्य प्रधान पूनम कुमारी और राज्य महासचिव भूपेंद्र सिंह ने बताया कि सरकार ने वर्ष 2014 में कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने की नीति बनाई थी। संघ के अनुसार 16 अप्रैल 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने इस नीति को सही ठहराते हुए पात्र कर्मचारियों को नियमित करने के संबंध में आदेश दिया।
विज्ञापन
इसके बाद 29 अप्रैल 2026 और अन्य मामलों में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने भी नियमितीकरण नीति के तहत पात्र कर्मचारियों को नियमित करने के आदेश पारित किए।
संघ पदाधिकारियों का आरोप है कि न्यायालय के फैसलों के बावजूद अतिथि अध्यापकों को नियमित नहीं किया गया है। आदेशों को लागू करवाने की मांग को लेकर 23 जून 2026 से अनिश्चितकालीन धरना दिया जा रहा है। इस दौरान मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और संबंधित अधिकारियों के साथ पांच बार बैठकें भी हो चुकी हैं लेकिन मांग पूरी नहीं हुई है।
संघ ने जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि वे सरकार के समक्ष अतिथि अध्यापकों के नियमितीकरण का मुद्दा उठाएं और न्यायालय के आदेशों के अनुसार पात्र शिक्षकों को नियमित करवाने की पहल करें।
विज्ञापन
संघ का कहना है कि प्रदेश में शिक्षकों की कमी को देखते हुए वर्ष 2005 से 2008 के बीच अतिथि अध्यापकों की नियुक्तियां की गई थीं, लेकिन लंबे समय से सेवाएं देने के बाद भी उन्हें नियमित नहीं किया गया है।
विज्ञापन
संघ के राज्य प्रधान दिनेश यादव, महिला विंग की राज्य प्रधान पूनम कुमारी और राज्य महासचिव भूपेंद्र सिंह ने बताया कि सरकार ने वर्ष 2014 में कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने की नीति बनाई थी। संघ के अनुसार 16 अप्रैल 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने इस नीति को सही ठहराते हुए पात्र कर्मचारियों को नियमित करने के संबंध में आदेश दिया।
विज्ञापन
इसके बाद 29 अप्रैल 2026 और अन्य मामलों में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने भी नियमितीकरण नीति के तहत पात्र कर्मचारियों को नियमित करने के आदेश पारित किए।
संघ पदाधिकारियों का आरोप है कि न्यायालय के फैसलों के बावजूद अतिथि अध्यापकों को नियमित नहीं किया गया है। आदेशों को लागू करवाने की मांग को लेकर 23 जून 2026 से अनिश्चितकालीन धरना दिया जा रहा है। इस दौरान मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और संबंधित अधिकारियों के साथ पांच बार बैठकें भी हो चुकी हैं लेकिन मांग पूरी नहीं हुई है।
संघ ने जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि वे सरकार के समक्ष अतिथि अध्यापकों के नियमितीकरण का मुद्दा उठाएं और न्यायालय के आदेशों के अनुसार पात्र शिक्षकों को नियमित करवाने की पहल करें।