{"_id":"682f82d352e9be126106b963","slug":"demand-to-install-sdp-machine-in-the-blood-bank-of-civil-hospital-rewari-news-c-198-1-rew1001-219920-2025-05-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: नागरिक अस्पताल के ब्लड बैंक में एसडीपी मशीन लगाने की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: नागरिक अस्पताल के ब्लड बैंक में एसडीपी मशीन लगाने की मांग
Fri, 23 May 2025 01:32 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 23 May 2025 01:32 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। नागरिक अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में सिंगल डोनर प्लेटलेट्स मशीन (एसडीपी) की मांग अस्पताल प्रबंधन ने मुख्यालय से की है। नागरिक अस्पताल को मंजूरी मिलने का इंतजार है। यह मशीन शरीर से रक्त के जरिये एक घंटे में प्लेटलेट्स निकालती है। इस मशीन के आने से डेंगू रोगियों को समय से प्लेटलेट्स चढ़ाई जा सकेगी।
एसडीपी मशीन से रक्तदाता के रक्त से सिर्फ प्लेटलेट्स निकाली जा सकती है। इस विधि से प्राप्त होने वाली प्लेटलेट्स को सिंगल डोनर प्लेटलेट्स कहा जाता है। एक यूनिट एसडीपी मरीज को चढ़ाने पर उसमें प्लेटलेट्स काउंट की मात्रा 50-60 हजार तक बढ़ जाती है।
रक्त निकालने के बाद रैंडम डोनर प्लेटलेट्स (आरडीपी) विधि में सेपरेटर यूनिट में प्लेटलेट्स निकाला जाता है। इसमें कम से कम छह घंटे लगते हैं। एक यूनिट आरडीपी चढ़ाने पर सिर्फ पांच हजार प्लेटलेट्स काउंट बढ़ते हैं। इस वजह से कई यूनिट प्लेटलेट्स चढ़ाने पड़ते हैं। इसलिए रिएक्शन का डर रहता है।
विज्ञापन
रक्त ट्रांसफ्यूजन की बीमारियों का खतरा नहीं : ब्लड बैंक इंचार्ज डॉ. संदीप यादव ने बताया कि सिंगल डोनर प्लेटलेट्स में रक्त ट्रांसफ्यूजन से होने वाली बीमारियों का खतरा नहीं रहता है। इसकी वजह कम यूनिट प्लेटलेट्स का चढ़ाया जाना है। इसमें मरीज में प्लेटलेट्स का सरवाइवल बेहतर रहता है। डेंगू जैसी बीमारी में भी प्लेटलेट्स तेजी से बढ़ती है।
वर्जन
ब्लड बैंक में एसडीपी मशीन लगाने की मांग भेजी गई है, जो लंबित है। यह मशीन आने के बाद सहूलियत होगी। डेंगू पीड़ित मरीजो को प्लेटलेट्स उपलब्ध कराई जा सकेगी। - डॉ. संदीप यादव, इंचार्ज, ब्लड बैंक, नागरिक अस्पताल रेवाड़ी।
विज्ञापन
रेवाड़ी। नागरिक अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में सिंगल डोनर प्लेटलेट्स मशीन (एसडीपी) की मांग अस्पताल प्रबंधन ने मुख्यालय से की है। नागरिक अस्पताल को मंजूरी मिलने का इंतजार है। यह मशीन शरीर से रक्त के जरिये एक घंटे में प्लेटलेट्स निकालती है। इस मशीन के आने से डेंगू रोगियों को समय से प्लेटलेट्स चढ़ाई जा सकेगी।
एसडीपी मशीन से रक्तदाता के रक्त से सिर्फ प्लेटलेट्स निकाली जा सकती है। इस विधि से प्राप्त होने वाली प्लेटलेट्स को सिंगल डोनर प्लेटलेट्स कहा जाता है। एक यूनिट एसडीपी मरीज को चढ़ाने पर उसमें प्लेटलेट्स काउंट की मात्रा 50-60 हजार तक बढ़ जाती है।
विज्ञापन
रक्त निकालने के बाद रैंडम डोनर प्लेटलेट्स (आरडीपी) विधि में सेपरेटर यूनिट में प्लेटलेट्स निकाला जाता है। इसमें कम से कम छह घंटे लगते हैं। एक यूनिट आरडीपी चढ़ाने पर सिर्फ पांच हजार प्लेटलेट्स काउंट बढ़ते हैं। इस वजह से कई यूनिट प्लेटलेट्स चढ़ाने पड़ते हैं। इसलिए रिएक्शन का डर रहता है।
विज्ञापन
रक्त ट्रांसफ्यूजन की बीमारियों का खतरा नहीं : ब्लड बैंक इंचार्ज डॉ. संदीप यादव ने बताया कि सिंगल डोनर प्लेटलेट्स में रक्त ट्रांसफ्यूजन से होने वाली बीमारियों का खतरा नहीं रहता है। इसकी वजह कम यूनिट प्लेटलेट्स का चढ़ाया जाना है। इसमें मरीज में प्लेटलेट्स का सरवाइवल बेहतर रहता है। डेंगू जैसी बीमारी में भी प्लेटलेट्स तेजी से बढ़ती है।
वर्जन
ब्लड बैंक में एसडीपी मशीन लगाने की मांग भेजी गई है, जो लंबित है। यह मशीन आने के बाद सहूलियत होगी। डेंगू पीड़ित मरीजो को प्लेटलेट्स उपलब्ध कराई जा सकेगी। - डॉ. संदीप यादव, इंचार्ज, ब्लड बैंक, नागरिक अस्पताल रेवाड़ी।