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Rewari News: भर्ती प्रक्रिया के गोपनीय रिकॉर्ड देने पर फैसला सक्षम प्राधिकारी के अधीन, आरटीआई अपील निस्तारित
Sat, 24 Oct 2026 12:29 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 24 Oct 2026 12:29 AM IST
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रेवाड़ी। जिला एवं सत्र न्यायालय रेवाड़ी में प्रोसेस सर्वर और चपरासी पदों पर भर्ती से संबंधित सूचना उपलब्ध कराने के मामले में प्रथम अपील प्राधिकारी ने अपील का निस्तारण कर दिया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं प्रथम अपीलीय प्राधिकारी संगीता राय सचदेव ने फैसले में कहा कि भर्ती प्रक्रिया की गोपनीयता से संबंधित सूचना हरियाणा अधीनस्थ न्यायालय (सूचना का अधिकार) नियमों के प्रावधानों के अनुसार विचारणीय है।
राजस्थान के जयपुर निवासी अधिवक्ता अजीत सिंह ने सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 19(1) के तहत यह अपील दायर की थी। उन्होंने 18 अक्तूबर 2024 के रोजगार नोटिस के तहत प्रोसेस सर्वर और चपरासी पदों पर हुई भर्ती से संबंधित जानकारी मांगी थी।
इसमें प्राप्त आवेदनों की संख्या, चयनित अभ्यर्थियों की संख्या, श्रेणीवार नियुक्तियां, चयन समिति के सदस्यों के नाम और पदनाम तथा भर्ती रिकॉर्ड और आवेदनों की प्रमाणित प्रतियां शामिल थीं।
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जिला एवं सत्र न्यायालय के तत्कालीन राज्य लोक सूचना अधिकारी-सह-अधीक्षक ने 3 मार्च 2025 को दिए जवाब में कुछ संख्यात्मक और श्रेणीवार जानकारी उपलब्ध कराई थी, जबकि कुछ दस्तावेज और विवरण देने से इन्कार कर दिया था। इसके लिए सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 8(1)(ई) और 8(1)(जे) सहित गोपनीयता संबंधी प्रावधानों का हवाला दिया गया था।
फैसले में हरियाणा अधीनस्थ न्यायालय (सूचना का अधिकार) नियमों के नियम 4(2) का उल्लेख किया गया। इसके अनुसार जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा कराई जाने वाली भर्ती या चयन प्रक्रिया की गोपनीयता प्रभावित करने वाली सूचना का खुलासा नहीं किया जा सकता। गोपनीयता का निर्णय निर्धारित सक्षम प्राधिकारी और संबंधित सत्र मंडल के मामले में प्रशासनिक न्यायाधीश द्वारा किया जाना है।
प्रथम अपीलीय प्राधिकारी ने कहा कि आवेदनों की संख्या, चयनित अभ्यर्थियों और श्रेणीवार नियुक्तियों सहित उपलब्ध जानकारी पहले ही दी जा चुकी है। इसलिए इसे दोबारा उपलब्ध कराने का निर्देश आवश्यक नहीं है। अपील का निस्तारण नियम 4(2) के प्रावधानों के तहत किया गया।
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राजस्थान के जयपुर निवासी अधिवक्ता अजीत सिंह ने सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 19(1) के तहत यह अपील दायर की थी। उन्होंने 18 अक्तूबर 2024 के रोजगार नोटिस के तहत प्रोसेस सर्वर और चपरासी पदों पर हुई भर्ती से संबंधित जानकारी मांगी थी।
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इसमें प्राप्त आवेदनों की संख्या, चयनित अभ्यर्थियों की संख्या, श्रेणीवार नियुक्तियां, चयन समिति के सदस्यों के नाम और पदनाम तथा भर्ती रिकॉर्ड और आवेदनों की प्रमाणित प्रतियां शामिल थीं।
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जिला एवं सत्र न्यायालय के तत्कालीन राज्य लोक सूचना अधिकारी-सह-अधीक्षक ने 3 मार्च 2025 को दिए जवाब में कुछ संख्यात्मक और श्रेणीवार जानकारी उपलब्ध कराई थी, जबकि कुछ दस्तावेज और विवरण देने से इन्कार कर दिया था। इसके लिए सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 8(1)(ई) और 8(1)(जे) सहित गोपनीयता संबंधी प्रावधानों का हवाला दिया गया था।
फैसले में हरियाणा अधीनस्थ न्यायालय (सूचना का अधिकार) नियमों के नियम 4(2) का उल्लेख किया गया। इसके अनुसार जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा कराई जाने वाली भर्ती या चयन प्रक्रिया की गोपनीयता प्रभावित करने वाली सूचना का खुलासा नहीं किया जा सकता। गोपनीयता का निर्णय निर्धारित सक्षम प्राधिकारी और संबंधित सत्र मंडल के मामले में प्रशासनिक न्यायाधीश द्वारा किया जाना है।
प्रथम अपीलीय प्राधिकारी ने कहा कि आवेदनों की संख्या, चयनित अभ्यर्थियों और श्रेणीवार नियुक्तियों सहित उपलब्ध जानकारी पहले ही दी जा चुकी है। इसलिए इसे दोबारा उपलब्ध कराने का निर्देश आवश्यक नहीं है। अपील का निस्तारण नियम 4(2) के प्रावधानों के तहत किया गया।