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Rewari News: हार्ट अटैक से युवाओं की मौत चिंता का विषय
Fri, 20 Mar 2026 01:03 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 20 Mar 2026 01:03 AM IST
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रेवाड़ी। जिले में हार्ट अटैक से युवाओं की मौत के मामले बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार वर्ष 2020 में जहां 75 युवाओं की मौत हार्ट अटैक से हुई थी। वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 126 तक पहुंच गई। विशेषज्ञों ने इसका कारण बदलती जीवन शैली को बताया है। उनका मानना है कि यदि समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
डॉक्टरों के अनुसार युवाओं में हार्ट अटैक के बढ़ते मामलों के पीछे सबसे बड़ा कारण बदलती जीवनशैली है। आजकल युवा देर रात तक जागते हैं। जंक फूड का अधिक सेवन करते हैं और शारीरिक गतिविधियों से दूर रहते हैं। इसके अलावा बढ़ता तनाव भी हृदय रोगों को बढ़ावा दे रहा है। लंबे समय तक बैठकर काम करना और व्यायाम न करना भी खतरे को बढ़ा रहा है।
हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. गौरव यादव का कहना है कि कुछ सावधानियां अपनाकर हृदय को स्वस्थ रखा जा सकता है। उन्होंने बताया कि रोजाना कम से कम 30 मिनट तक व्यायाम या तेज चाल से चलना जरूरी है। इसके साथ ही संतुलित और पौष्टिक आहार लेना चाहिए, जिसमें फल, हरी सब्जियां और प्रोटीन शामिल हो।
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नियमित जांच भी है जरूरी
डॉ. गौरव यादव ने कहा कि समय-समय पर स्वास्थ्य जांच करवाना भी बेहद जरूरी है, खासकर उन लोगों के लिए जिनके परिवार में हृदय रोग का इतिहास रहा है। ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच से बीमारी का समय रहते पता लगाया जा सकता है।
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लक्षणों को नजरअंदाज न करें
सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, अचानक पसीना आना और अत्यधिक थकान जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए ताकि समय पर इलाज मिल सके। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यदि युवा अपनी दिनचर्या में सुधार करें और स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं, तो हार्ट अटैक के बढ़ते मामलों को काफी हद तक रोका जा सकता है।
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डॉक्टरों के अनुसार युवाओं में हार्ट अटैक के बढ़ते मामलों के पीछे सबसे बड़ा कारण बदलती जीवनशैली है। आजकल युवा देर रात तक जागते हैं। जंक फूड का अधिक सेवन करते हैं और शारीरिक गतिविधियों से दूर रहते हैं। इसके अलावा बढ़ता तनाव भी हृदय रोगों को बढ़ावा दे रहा है। लंबे समय तक बैठकर काम करना और व्यायाम न करना भी खतरे को बढ़ा रहा है।
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हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. गौरव यादव का कहना है कि कुछ सावधानियां अपनाकर हृदय को स्वस्थ रखा जा सकता है। उन्होंने बताया कि रोजाना कम से कम 30 मिनट तक व्यायाम या तेज चाल से चलना जरूरी है। इसके साथ ही संतुलित और पौष्टिक आहार लेना चाहिए, जिसमें फल, हरी सब्जियां और प्रोटीन शामिल हो।
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नियमित जांच भी है जरूरी
डॉ. गौरव यादव ने कहा कि समय-समय पर स्वास्थ्य जांच करवाना भी बेहद जरूरी है, खासकर उन लोगों के लिए जिनके परिवार में हृदय रोग का इतिहास रहा है। ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच से बीमारी का समय रहते पता लगाया जा सकता है।
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लक्षणों को नजरअंदाज न करें
सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, अचानक पसीना आना और अत्यधिक थकान जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए ताकि समय पर इलाज मिल सके। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यदि युवा अपनी दिनचर्या में सुधार करें और स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं, तो हार्ट अटैक के बढ़ते मामलों को काफी हद तक रोका जा सकता है।