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अभेद्य ऐप और डबल ओटीपी से साइबर सुरक्षा होगी मजबूत : एसपी
Tue, 07 Jul 2026 05:08 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 07 Jul 2026 05:08 PM IST
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एसपी ने आमजन को साइबर अपराधियों के नए तरीकों से सतर्क रहने की सलाह दी
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। व्हाट्सएप और वीओआईपी कॉल से खुद को पुलिस, सीबीआई या अन्य सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर ठगी और वसूली की घटनाएं बढ़ रही हैं। ऐसे मामलों में घबराने के बजाय सतर्क रहना चाहिए। गोपनीय जानकारी साझा नहीं करना चाहिए। एसपी हेमेंद्र कुमार मीणा ने आमजन को साइबर अपराधियों के नए तरीकों से सतर्क रहने की अपील की।
कहा कि पुलिस ने नागरिकों की सुरक्षा के लिए अभेद्य ऐप और दोहरी ओटीपी प्रणाली शुरू की है। अभेद्य ऐप संदिग्ध अंतरराष्ट्रीय लोकेशन, अज्ञात नंबरों से आने वाली वीओआईपी और व्हाट्सएप कॉल, संदेश और वॉयस नोट्स की पहचान कर उन्हें ब्लॉक करने में मदद करता है। वहीं दोहरी ओटीपी प्रणाली विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के ऑनलाइन बैंकिंग लेनदेन को अधिक सुरक्षित बनाती है।
उन्होंने लोगों से अपील की है कि अज्ञात या विदेशी नंबरों से आने वाली कॉल और संदेशों से सावधान रहें। किसी भी व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंक खाते की जानकारी, पासवर्ड या अन्य गोपनीय विवरण साझा न करें। किसी संदिग्ध लिंक, फाइल या मोबाइल ऐप को डाउनलोड करने से बचें। डराने, धमकाने या तुरंत पैसे भेजने का दबाव बनाने वाले कॉल करने वालों की बातों में बिल्कुल न आएं।
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एसपी ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी या ऑनलाइन जबरन वसूली का शिकार होता है तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं या पोर्टल के माध्यम से रिपोर्ट करें। साथ ही निकटतम थाना या साइबर थाना को भी तत्काल सूचना दें। उन्होंने नागरिकों से अपने परिवार और परिचितों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की अपील की।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। व्हाट्सएप और वीओआईपी कॉल से खुद को पुलिस, सीबीआई या अन्य सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर ठगी और वसूली की घटनाएं बढ़ रही हैं। ऐसे मामलों में घबराने के बजाय सतर्क रहना चाहिए। गोपनीय जानकारी साझा नहीं करना चाहिए। एसपी हेमेंद्र कुमार मीणा ने आमजन को साइबर अपराधियों के नए तरीकों से सतर्क रहने की अपील की।
कहा कि पुलिस ने नागरिकों की सुरक्षा के लिए अभेद्य ऐप और दोहरी ओटीपी प्रणाली शुरू की है। अभेद्य ऐप संदिग्ध अंतरराष्ट्रीय लोकेशन, अज्ञात नंबरों से आने वाली वीओआईपी और व्हाट्सएप कॉल, संदेश और वॉयस नोट्स की पहचान कर उन्हें ब्लॉक करने में मदद करता है। वहीं दोहरी ओटीपी प्रणाली विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के ऑनलाइन बैंकिंग लेनदेन को अधिक सुरक्षित बनाती है।
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उन्होंने लोगों से अपील की है कि अज्ञात या विदेशी नंबरों से आने वाली कॉल और संदेशों से सावधान रहें। किसी भी व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंक खाते की जानकारी, पासवर्ड या अन्य गोपनीय विवरण साझा न करें। किसी संदिग्ध लिंक, फाइल या मोबाइल ऐप को डाउनलोड करने से बचें। डराने, धमकाने या तुरंत पैसे भेजने का दबाव बनाने वाले कॉल करने वालों की बातों में बिल्कुल न आएं।
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एसपी ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी या ऑनलाइन जबरन वसूली का शिकार होता है तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं या पोर्टल के माध्यम से रिपोर्ट करें। साथ ही निकटतम थाना या साइबर थाना को भी तत्काल सूचना दें। उन्होंने नागरिकों से अपने परिवार और परिचितों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की अपील की।