फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rewari News ›   Cultural heritage preserved in Sanskrit language

Rewari News: संस्कृति की धरोहर संस्कृत भाषा में संरक्षित

Sat, 09 Aug 2025 11:52 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Sat, 09 Aug 2025 11:52 PM IST
विज्ञापन
Cultural heritage preserved in Sanskrit language
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन


रेवाड़ी। संस्कृत सभी भाषाओं की जननी है। यह विश्व की सबसे प्राचीन भाषा है। संस्कृत कर्मकांड की नहीं बल्कि पूरी तरह से वैज्ञानिक और कंप्यूटर की सबसे उत्तम भाषा है। संस्कृत भाषा में ही संस्कृति संरक्षित है। ये बातें विश्व संस्कृत दिवस पर शनिवार को संस्कृत के शिक्षकों ने कहीं।
संस्कृत दिवस हर वर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के आदेश से केंद्रीय व राज्य स्तर पर संस्कृत दिवस मनाने का निर्देश सन 1969 में दिया गया था। तभी से देश भर में यह दिवस मनाया जाता है।
विज्ञापन

संस्कृत अध्यापकों ने बताया कि संस्कृत दिवस के लिए श्रावण पूर्णिमा का दिन इस लिए चुना गया कि प्राचीन समय में इस दिन शिक्षण और वेद पाठ का शुभारंभ होता था। विद्यार्थी भी इसी दिन से शास्त्रों का अध्ययन प्रारंभ करते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

वैदिक ऋचाएं और संस्कृत श्लोक सुनने से शांति मिलती है। संस्कृत भाषा अंतरात्मा से निकली है। संस्कृत भाषा भारतीय संस्कृति की आधारशिला है। संस्कृत के विषय में किसी ने कहा है- भारतस्य प्रतिष्ठे द्वे संस्कृतं संस्कृति अर्थात् भारत की दो प्रतिष्ठाएं संस्कृत और संस्कृति हैं। संवाद

-हमारी संस्कृति की धरोहर संस्कृत भाषा में संरक्षित है। संस्कृत ने देश को एकता के सूत्र में पिरोया है। अनेक भारतीय भाषाएं संस्कृत के शब्दकोष से मजबूत हुई हैं और विभिन्न राज्यों में फल - फूल रही हैं। संस्कृत भाषा गणित, विज्ञान, भूगोल, इतिहास, चिकित्साशास्त्र, वास्तुशास्त्र, रसायन विज्ञान, अंतरिक्ष विज्ञान आदि क्षेत्रों में महत्वपूर्ण स्थान बना रही है।-विक्रम सिंह, संस्कृत अध्यापक, शहीद दशरथ राजकीय माॅडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पीथड़ावास।
-वैज्ञानिक शोधों से यह बात सिद्ध हुई है कि संस्कृत के श्लोकों व मंत्रों के उच्चारण से एकाग्रता, बुद्धि व स्मृति का विकास होता है। अध्ययनों के अनुसार मंत्र व श्लोक उच्चारण से श्वसन तंत्र की कार्यप्रणाली में सुधार, नियंत्रित रक्तचाप, रक्त का ठीक से संचरण, तनाव में राहत, गहरी नींद आना आदि स्वास्थ्य लाभ भी होते हैं। -अनिल कुमार शास्त्री, रिटायर्ड प्रिंसिपल।
-कुछ लोग कहते हैं कि संस्कृत भाषा में केवल धार्मिक साहित्य ही है। यह विचार ठीक नहीं है। संस्कृत ग्रन्थों में वेद, उपनिषद्, नीतिशास्त्र, गीता, भागवत, महाभारत, स्मृति, पुराणों आदि सद्ग्रंथों में समाया आध्यात्मिक ज्ञान है, जो मानवमात्र को अपने वास्तविक लक्ष्य परमात्मा की प्राप्ति की ओर अग्रसर करता है।-डॉ. रामफल शास्त्री, वरिष्ठ संस्कृत प्रवक्ता, डायट हुसैनपुर।


-मैकाले शिक्षा पद्धति से प्रभावित जो लोग पहले संस्कृत को कर्मकांड की भाषा मानते थे और इसे अवैज्ञानिक व अनुपयोगी बताते थे। अब वैज्ञानिक शोधों से उनकी आंखें भी खुलने लगी हैं। कुछ लोग कहते हैं कि संस्कृत ही कंप्यूटर के लिए सबसे उत्तम भाषा है। संस्कृत साहित्य में विद्यमान सूक्तियां आत्मिक उन्नति के लिए प्रेरित करती हैं। -नेमीचंद शाण्डिल्य, सेवानिवृत्त मुख्य अध्यापक।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed