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बाजरे की फसल पर टिड्डियों का हमला
ब्यूरो /अमर उजाला
Updated Sun, 21 Aug 2016 01:13 AM IST
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बाजरे की फसल पर टिडिड़यों का हमला
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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बाजरे की पकी-पकाई फसल पर टिड्डियों का हमला किसानों के लिए परेशानी खड़ी कर रहा है। गांव चौकी, नांगल, मूंदी, औलांत, बुड़ौली, देहलावास-गुलाबपुरा, भठेड़ा, प्राणपुरा आदि गांवों में टिड्डियों ने अपना जाल बिछा लिया है। जो फसल पर हमला बोल रहा है। इस समय बाजरे की फसल पकने को तैयार है, लेकिन किसानों की उम्मीदों पर पानी फिरता दिख रहा है।
किसान पूर्व सरपंच देशराज नांगल, ब्लाक समिति के पूर्व सदस्य अतर सिंह प्रधान चौकी, पितांबर सैन, प्यारे लाल प्रधान देहलावास-गुलाबपुरा, सुरेश कुमार, प्रदीप कुमार आदि ने बताया कि शनिवार की सुबह जैसे ही वह अपने खेतों में गए तो बाजरे की फसल को देखकर वे हैरान रह गए। बाजरे की फसल की पत्तियां बिल्कुल साफ कर दी। बीच का पालड़ा खड़ा दिखा दे रहा है।
टिड्डी से फसल को बचाने के लिए मिथाइल पैराथियान डस्ट 8-10 किलोग्राम या फैनवरेलट 8-10 किलोग्राम को राख में मिला कर खेत छिड़काव करें। इसके छिड़काव के बाद टिड्डी खेत छोड़ देंगी। जल्द ही खेतों का मौका मुआयना कर किसानों की समस्या को दूर करने का प्रयास करेंगे। आज वे किसी सरकारी काम से बाहर हैं।
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डॉ. सुमित कुुमार, कृषि अधिकारी, मूंदी
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किसान पूर्व सरपंच देशराज नांगल, ब्लाक समिति के पूर्व सदस्य अतर सिंह प्रधान चौकी, पितांबर सैन, प्यारे लाल प्रधान देहलावास-गुलाबपुरा, सुरेश कुमार, प्रदीप कुमार आदि ने बताया कि शनिवार की सुबह जैसे ही वह अपने खेतों में गए तो बाजरे की फसल को देखकर वे हैरान रह गए। बाजरे की फसल की पत्तियां बिल्कुल साफ कर दी। बीच का पालड़ा खड़ा दिखा दे रहा है।
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टिड्डी से फसल को बचाने के लिए मिथाइल पैराथियान डस्ट 8-10 किलोग्राम या फैनवरेलट 8-10 किलोग्राम को राख में मिला कर खेत छिड़काव करें। इसके छिड़काव के बाद टिड्डी खेत छोड़ देंगी। जल्द ही खेतों का मौका मुआयना कर किसानों की समस्या को दूर करने का प्रयास करेंगे। आज वे किसी सरकारी काम से बाहर हैं।
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डॉ. सुमित कुुमार, कृषि अधिकारी, मूंदी