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चुनाव आयुक्त से दो जगह वोट डालने की शिकायत
ब्यूरो /अमर उजाला
Updated Thu, 07 Apr 2016 12:41 AM IST
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हरियाणा चुनाव आयुक्त को भेजी शिकायत
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जिला प्रमुख के लिए केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री राव इंद्रजीत और राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह के बीच चल रही वर्चस्व की जंग ने एक बार फिर करवट ले ली है। भले ही 23 मार्च को हुए चुनाव में राव इंद्रजीत खेमे की मंजूबाला जिला प्रमुख चुनी गई हों, लेकिन बुधवार को राव नरबीर खेमे की जिला प्रमुख उम्मीदवार रहीं पिंकी देवी की ओर से भेजी गई शिकायत एक बार फिर सारा समीकरण बिगाड़ सकती है।
पिंकी देवी ने हरियाणा चुनाव आयुक्त और जिला चुनाव अधिकारी को भेजी शिकायत में जिला प्रमुख मंजूबाला पर दो जगह वोट होने का आरोप लगाते हुए रेवाड़ी के अलावा महेंद्रगढ़ के कनीना ब्लॉक के गांव गुढ़ा में भी अपने मतदान का प्रयोग करने का आरोप साक्ष्य समेत लगाया है।
शिकायत के साथ पेश की निर्वाचन नामावली
राव नरबीर खेमे से जिला प्रमुख की उम्मीदवार रहीं पिंकी देवी ने हरियाणा चुनाव आयुक्त और जिला चुनाव अधिकारी को भेजी गई शिकायत के साथ ही साक्ष्य के तौर पर रेवाड़ी के मसानी पंचायती राज संस्था की निर्वाचन नामावली की फोटो कॉपी के साथ ही महेंद्रगढ़ जिले के कनीना ब्लॉक के गुढ़ा पंचायती राज संस्था की निर्वाचन नामावली के पेज की फोटो कॉपी भी भेजी है। इस फोटो कॉपी में उनके अलावा उनके पति नरेश का भी नाम है।
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- दो जगह वोट तो एफआईआर के साथ सजा का प्रावधान
हरियाणा पंचायती राज एक्ट 1994 की धारा 168 के तहत दो जगह वोट होने और मतदान करने की स्थिति में आवश्यक धाराओं में मुकदमा दर्ज करने का प्रावधान है। जांच में दोषी सिद्ध होने पर धोखाधड़ी करने वाले को सजा के साथ ही पदच्युत भी किया जाता है।
जिला प्रमुख कुर्सी के लिए नाटकीय रहा था घटनाक्रम
जिला प्रमुख अपने खेमों का बनाने के लिए राव इंद्रजीत और राव नरबीर दोनों ने कमर कसी हुई थी। चुनाव की पहली निर्धारित तारीख 6 मार्च को जहां कोरम अधूरा होने के चलते कोई भी जिला पार्षद नहीं पहुंचा था। वहीं दोबारा 18 मार्च को राव नरबीर गुट 11 पार्षदों के साथ पहुंचा था। तब अचानक एडीसी के अवकाश पर जाने के चलते चुनाव नहीं हो सका था। इसके बाद भाजपा जिला प्रधान मौजूद जिला पार्षदों के साथ लघु सचिवालय मीटिंग हॉल में धरने पर बैठे थे। 23 मार्च को होली के दिन हुए चुनाव में सभी 18 जिला पार्षद पहुंचे थे और ड्रा होने के बाद लॉटरी के जरिये जिला प्रमुख का फैसला किया गया था।
गुढ़ा मेें वोट कटवाने के लिए मैने फार्म-6 भर कर जमा कराया था। उसके बाद भी वोट नहीं कटने पर वहां के जिला उपायुक्त से मिलकर मैने दोबारा वोट कटवाने के लिए आवेदेन किया था। मैने अपने वोट का संवैधानिक रूप से उपयोग किया है। यदि विभाग वोट नहीं काटता है तो यह उनकी गलती नहीं है।
-मंजू बाला,जिला प्रमुख,रेवाड़ी
जांच में दोषी तो कड़ी कार्रवाई
मामले की शिकायत अभी नहीं पहुंची है। शिकायत मिलने पर मामले की पूरी इन्क्वायरी कराई जाएगी। दो जगह वोट करना पनिशेबल ऑफेंस है। इसमें एफआईआर दर्ज करने के साथ ही सजा का भी प्रावधान है।
-राजीव शर्मा, चुनाव आयुक्त, हरियाणा
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पिंकी देवी ने हरियाणा चुनाव आयुक्त और जिला चुनाव अधिकारी को भेजी शिकायत में जिला प्रमुख मंजूबाला पर दो जगह वोट होने का आरोप लगाते हुए रेवाड़ी के अलावा महेंद्रगढ़ के कनीना ब्लॉक के गांव गुढ़ा में भी अपने मतदान का प्रयोग करने का आरोप साक्ष्य समेत लगाया है।
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शिकायत के साथ पेश की निर्वाचन नामावली
राव नरबीर खेमे से जिला प्रमुख की उम्मीदवार रहीं पिंकी देवी ने हरियाणा चुनाव आयुक्त और जिला चुनाव अधिकारी को भेजी गई शिकायत के साथ ही साक्ष्य के तौर पर रेवाड़ी के मसानी पंचायती राज संस्था की निर्वाचन नामावली की फोटो कॉपी के साथ ही महेंद्रगढ़ जिले के कनीना ब्लॉक के गुढ़ा पंचायती राज संस्था की निर्वाचन नामावली के पेज की फोटो कॉपी भी भेजी है। इस फोटो कॉपी में उनके अलावा उनके पति नरेश का भी नाम है।
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- दो जगह वोट तो एफआईआर के साथ सजा का प्रावधान
हरियाणा पंचायती राज एक्ट 1994 की धारा 168 के तहत दो जगह वोट होने और मतदान करने की स्थिति में आवश्यक धाराओं में मुकदमा दर्ज करने का प्रावधान है। जांच में दोषी सिद्ध होने पर धोखाधड़ी करने वाले को सजा के साथ ही पदच्युत भी किया जाता है।
जिला प्रमुख कुर्सी के लिए नाटकीय रहा था घटनाक्रम
जिला प्रमुख अपने खेमों का बनाने के लिए राव इंद्रजीत और राव नरबीर दोनों ने कमर कसी हुई थी। चुनाव की पहली निर्धारित तारीख 6 मार्च को जहां कोरम अधूरा होने के चलते कोई भी जिला पार्षद नहीं पहुंचा था। वहीं दोबारा 18 मार्च को राव नरबीर गुट 11 पार्षदों के साथ पहुंचा था। तब अचानक एडीसी के अवकाश पर जाने के चलते चुनाव नहीं हो सका था। इसके बाद भाजपा जिला प्रधान मौजूद जिला पार्षदों के साथ लघु सचिवालय मीटिंग हॉल में धरने पर बैठे थे। 23 मार्च को होली के दिन हुए चुनाव में सभी 18 जिला पार्षद पहुंचे थे और ड्रा होने के बाद लॉटरी के जरिये जिला प्रमुख का फैसला किया गया था।
गुढ़ा मेें वोट कटवाने के लिए मैने फार्म-6 भर कर जमा कराया था। उसके बाद भी वोट नहीं कटने पर वहां के जिला उपायुक्त से मिलकर मैने दोबारा वोट कटवाने के लिए आवेदेन किया था। मैने अपने वोट का संवैधानिक रूप से उपयोग किया है। यदि विभाग वोट नहीं काटता है तो यह उनकी गलती नहीं है।
-मंजू बाला,जिला प्रमुख,रेवाड़ी
जांच में दोषी तो कड़ी कार्रवाई
मामले की शिकायत अभी नहीं पहुंची है। शिकायत मिलने पर मामले की पूरी इन्क्वायरी कराई जाएगी। दो जगह वोट करना पनिशेबल ऑफेंस है। इसमें एफआईआर दर्ज करने के साथ ही सजा का भी प्रावधान है।
-राजीव शर्मा, चुनाव आयुक्त, हरियाणा