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शिक्षकों की कमी पर भड़के ग्रामीण
ब्यूरो /अमर उजाला
Updated Thu, 12 May 2016 12:58 AM IST
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अध्यापकों की कमी के चलते ग्रामीणों ने मुख्य द्वार का ताला बंद किया
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
नैचाना उच्च विद्यालय में पिछले दो सालों से अध्यापकों की कमी से परेशान ग्रामीणों ने स्कूल गेट पर ताला जड़ दिया। इस दौरान करीब एक घंटे तक ग्रामीणों ने रोष जताया। मुख्य द्वार पर ताला लगाने की सूचना पर पहुंची शिक्षा विभाग की क्षेत्रीय अधिकारी ने तीन अध्यापकों को तुरंत डेपुटेशन पर स्कूल में भेज दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने ताला खोला।
ग्रामीणों के मुताबिक नैचाना स्कूल में पिछले दो सालों से अध्यापकों की कमी थी। वहीं गेस्ट टीचर हटाये जाने के बाद स्थिति और भी खराब हो गई थी। बता दें कि नैचाना स्थित राजकीय उच्च विद्यालय में कक्षा 6 से 10 तक 95 बच्चे पढ़ते हैं। उनको पढ़ाने के लिए महज तीन अध्यापक ही पिछले काफी समय से थे।
गणित, हिंदी और एसएस विषय के पद थे खाली
सरकारी स्कूलों में पढ़ाई को लेकर सरकार की संजीदगी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि स्कूल में लंबे समय से महत्वपूर्ण विषयों के पद खाली थी। चार पदों में से दो पद सोशल स्टडीज(एसएस) के थे। वहीं एक-एक पद गणित और हिंदी विषय के खाली थे। बीईईओ बावल संगीता यादव स्कूल के तालाबंदी की खबर पर पहुंचीं और उन्होंने तीनों विषयों के लिए एक-एक अध्यापक को डेपुटेशन पर दूसरी जगह से पढ़ाने के लिए लगाया।
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-31 मार्च के बाद हटाए थे तीन गेस्ट टीचर
ग्रामीणों के अनुसार नैचाना स्कूल में 31 मार्च तक पढ़ाई का शेड्यूल कुछ सही था। क्योंकि इस समय तक तीन गेस्ट टीचर स्कूल में पढ़ा रहे थे। लेकिन 31 मार्च को तीनों गेस्ट टीचर हटा लिये गए। जिसके बाद से कक्षा 6 से 10 तक के स्टूडेंट्स की पढ़ाई और भी ज्यादा प्रभावित होने लगी।
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स्कूल में अध्यापकों की कमी के चलते ग्रामीणों ने मुख्य द्वार का ताला बंद किया था। लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा तीन टीचर डेपुटेशन पर भेजने के बाद ताला खोल दिया गया।
-रामअवतार गौतम, प्राचार्य, राजकीय उच्च विद्यालय, नैचाना
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ग्रामीणों के मुताबिक नैचाना स्कूल में पिछले दो सालों से अध्यापकों की कमी थी। वहीं गेस्ट टीचर हटाये जाने के बाद स्थिति और भी खराब हो गई थी। बता दें कि नैचाना स्थित राजकीय उच्च विद्यालय में कक्षा 6 से 10 तक 95 बच्चे पढ़ते हैं। उनको पढ़ाने के लिए महज तीन अध्यापक ही पिछले काफी समय से थे।
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गणित, हिंदी और एसएस विषय के पद थे खाली
सरकारी स्कूलों में पढ़ाई को लेकर सरकार की संजीदगी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि स्कूल में लंबे समय से महत्वपूर्ण विषयों के पद खाली थी। चार पदों में से दो पद सोशल स्टडीज(एसएस) के थे। वहीं एक-एक पद गणित और हिंदी विषय के खाली थे। बीईईओ बावल संगीता यादव स्कूल के तालाबंदी की खबर पर पहुंचीं और उन्होंने तीनों विषयों के लिए एक-एक अध्यापक को डेपुटेशन पर दूसरी जगह से पढ़ाने के लिए लगाया।
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-31 मार्च के बाद हटाए थे तीन गेस्ट टीचर
ग्रामीणों के अनुसार नैचाना स्कूल में 31 मार्च तक पढ़ाई का शेड्यूल कुछ सही था। क्योंकि इस समय तक तीन गेस्ट टीचर स्कूल में पढ़ा रहे थे। लेकिन 31 मार्च को तीनों गेस्ट टीचर हटा लिये गए। जिसके बाद से कक्षा 6 से 10 तक के स्टूडेंट्स की पढ़ाई और भी ज्यादा प्रभावित होने लगी।
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स्कूल में अध्यापकों की कमी के चलते ग्रामीणों ने मुख्य द्वार का ताला बंद किया था। लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा तीन टीचर डेपुटेशन पर भेजने के बाद ताला खोल दिया गया।
-रामअवतार गौतम, प्राचार्य, राजकीय उच्च विद्यालय, नैचाना