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बैग में बंद मिली 10 घंटे की नवजात, आईसीयू में भर्ती
अमर उजाला ब्यूरो/रेवाड़ी
Updated Fri, 08 Jan 2016 12:12 AM IST
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जीआरपी को गश्त के दौरान रेलवे जंक्शन पर प्लेटफार्म नंबर 8 पर महज दस दिन की नवजात एक बैग के अंदर लावारिस हाल में बंद मिली। सर्द मौसम और बैग के अंदर बंद होने के चलते नवजात कन्या की हालत बेहद नाजुक है। उसे सामान्य अस्पताल स्थित एसएनसीयू वार्ड में भर्ती कराया है।
जीआरपी के ड्यूटी अफसर एसआई नरेंद्र सिंह ने बताया कि वह बुधवार रात अन्य पुलिसकर्मियों के साथ गश्त पर थे। देर रात प्लेटफार्म नंबर 8 तक पहुंचे तो एक काले रंग का बैग लावारिस हालात में पड़ा मिला।
बैग चेक करने पर उन्हें एक हाल ही में जन्मी बच्ची हरे रंग के शॉल में लिपटी हुई मिली। एसआई ने मामले की जानकारी जीआरपी इंचार्ज देशराज को दी और बच्ची को सामान्य अस्पताल स्थित एसएनसीयू वार्ड में भरती कराया।
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सीसीटीवी फुटेज से हो रही आरोपियों की तलाश
फिलहाल पुलिस बैग में नवजात कन्या को प्लेटफार्म पर छोड़कर जाने वाले आरोपियों की तलाश में जुटी है। इसके लिए रेलवे स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। इसके अलावा स्टेशन पर रहने वाले रेलवे स्टाफ से भी आरोपियों का हुलिया पता करने का प्रयास किया जा रहा है।
कम लिंगानुपात कर चुका है शर्मसार
नवजात के जन्म लेने के बाद या फिर कन्या भ्रूण हत्या के चलते हरियाणा और खासकर रेवाड़ी को कम लिंगानुपात के चलते पूरे देश में शर्मसार होना पड़ा था। जून 2015 की रिपोर्ट में रेवाड़ी जिले का लिंगानुपात प्रति हजार लड़कों के मुकाबले 776 पर ही सीमित हो गया था। बावजूद इसके जिले में इस तरह की घटनाएं रुक नहीं रही हैं।
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देश में सबसे कम लिंगानुपात वाले जिले का दाग पहले ही हम पर लग चुका है। लोगों को बेटियों के जन्म को अभिशाप समझने की सोच खत्म करनी होगी।
अनिरुद्ध यादव, समाजसेवी
ऐसे मामलों में आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी सजा का प्रावधान होना चाहिए। समाज को भी बेटियों की कोख में हत्या या जन्म के बाद हत्या या कहीं छोड़ने वालों का बहिष्कार करना चाहिए।
-दिनेश कपूर, प्रधान, शहीद भगत सिंह यूथ ब्रिगेड
जीआरपी ने मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ धारा 317 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया है। इस धारा के अंतर्गत आरोपियों को सात साल की कैद और जुर्माने या फिर दोनों से दंडित किया जाता है।
-एसआई नरेंद्र सिंह, जांचकर्ता, जीआरपी रेवाड़ी
बच्ची को सर्दी लगी हुई है। उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही है। नवजात को देखभाल की ज्यादा जरूरत होती है। बच्ची करीब दस पहले जन्मी है। उसे भर्ती कर लिया गया है।
डॉ अजीत यादव, चाइल्ड स्पेशलिस्ट, नगर अस्पताल
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जीआरपी के ड्यूटी अफसर एसआई नरेंद्र सिंह ने बताया कि वह बुधवार रात अन्य पुलिसकर्मियों के साथ गश्त पर थे। देर रात प्लेटफार्म नंबर 8 तक पहुंचे तो एक काले रंग का बैग लावारिस हालात में पड़ा मिला।
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बैग चेक करने पर उन्हें एक हाल ही में जन्मी बच्ची हरे रंग के शॉल में लिपटी हुई मिली। एसआई ने मामले की जानकारी जीआरपी इंचार्ज देशराज को दी और बच्ची को सामान्य अस्पताल स्थित एसएनसीयू वार्ड में भरती कराया।
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सीसीटीवी फुटेज से हो रही आरोपियों की तलाश
फिलहाल पुलिस बैग में नवजात कन्या को प्लेटफार्म पर छोड़कर जाने वाले आरोपियों की तलाश में जुटी है। इसके लिए रेलवे स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। इसके अलावा स्टेशन पर रहने वाले रेलवे स्टाफ से भी आरोपियों का हुलिया पता करने का प्रयास किया जा रहा है।
कम लिंगानुपात कर चुका है शर्मसार
नवजात के जन्म लेने के बाद या फिर कन्या भ्रूण हत्या के चलते हरियाणा और खासकर रेवाड़ी को कम लिंगानुपात के चलते पूरे देश में शर्मसार होना पड़ा था। जून 2015 की रिपोर्ट में रेवाड़ी जिले का लिंगानुपात प्रति हजार लड़कों के मुकाबले 776 पर ही सीमित हो गया था। बावजूद इसके जिले में इस तरह की घटनाएं रुक नहीं रही हैं।
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देश में सबसे कम लिंगानुपात वाले जिले का दाग पहले ही हम पर लग चुका है। लोगों को बेटियों के जन्म को अभिशाप समझने की सोच खत्म करनी होगी।
अनिरुद्ध यादव, समाजसेवी
ऐसे मामलों में आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी सजा का प्रावधान होना चाहिए। समाज को भी बेटियों की कोख में हत्या या जन्म के बाद हत्या या कहीं छोड़ने वालों का बहिष्कार करना चाहिए।
-दिनेश कपूर, प्रधान, शहीद भगत सिंह यूथ ब्रिगेड
जीआरपी ने मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ धारा 317 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया है। इस धारा के अंतर्गत आरोपियों को सात साल की कैद और जुर्माने या फिर दोनों से दंडित किया जाता है।
-एसआई नरेंद्र सिंह, जांचकर्ता, जीआरपी रेवाड़ी
बच्ची को सर्दी लगी हुई है। उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही है। नवजात को देखभाल की ज्यादा जरूरत होती है। बच्ची करीब दस पहले जन्मी है। उसे भर्ती कर लिया गया है।
डॉ अजीत यादव, चाइल्ड स्पेशलिस्ट, नगर अस्पताल