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दो शिक्षिकाओं में मारपीट, स्कूल पर जड़ा ताला
अमर उजाला ब्यूरो/रेवाड़ी
Updated Sat, 12 Dec 2015 12:30 AM IST
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गांव जुड्डी में दो महिला शिक्षिकाओं के बीच हुई मारपीट के बाद एक शिक्षिका के समर्थन में आए ग्रामीणों ने स्कूल में बच्चों की छुट्टी कर ताला जड़ दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को समझाया। ग्रामीण ने पुलिस की बात नहीं मानी और दूसरी शिक्षिका, प्रिंसिपल और एक अन्य शिक्षक के तबादले की मांग की।
मामला सहकारिता राज्य मंत्री के दरबार तक पहुंचने के बाद भी नहीं निपटा। स्कूल का समय पूरा होने के बाद स्टाफ मुख्य गेट में बनी खिड़की से बाहर निकले, वहीं ग्रामीणों का कहना है कि जब तक तबादला नहीं होगा ताला नहीं खोलेंगे। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने मामले से अनभिज्ञता जताई है।
बृहस्पतिवार को जुड्डी स्कूल में स्थायी शिक्षिका ऊषा देवी के पास गेस्ट टीचर पूजा ने बच्चों को भेजकर हाजिरी रजिस्टर मंगाया। इस पर उन्होंने रजिस्टर नहीं होने की बात कही। इसे लेकर गेस्ट टीचर और स्थायी शिक्षिका में बहस हुई और बाद में मारपीट। इसके बाद ऊषा ने नाहड़ पुलिस चौकी में शिकायत दी।
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कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उसने परिजनों को जानकारी दी। शुक्रवार सुबह गांव झाल, जुड्डी के ग्रामीण स्कूल पहुंचे और उन्होंने प्राचार्य से मुलाकात की। अनदेखी से गुस्साए ग्रामीणों ने बच्चों को बाहर निकाल मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। प्रिंसिपल ने पुलिस को सूचना दी।
मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को समझाया लेकिन उन्होंने नारेबाजी कर दी और वहीं धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों ने गेस्ट टीचर पूजा, प्रिंसिपल, कंप्यूटर शिक्षक और संस्कृत शिक्षक का तबादला करने की मांग की। मामला सहकारिता राज्य मंत्री बिक्रम सिंह ठेकेदार के पास पहुंचा लेकिन ग्रामीण शांत नहीं हुए।
जातिसूचक शब्द कहने का आरोप
प्रदर्शनकारियों में ग्रामीण बिट्टू, सुरेश कुमार, महाबीर सिंह, कृष्ण, बिजेंद्र, कर्ण सिंह, रामानंद ,अमर सिंह, राजेश, प्रवीण, सुनील आदि शामिल थे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि स्कूल में बच्चों से हुक्का भरवाया जाता है और उनसे जातिसूचक शब्द कहे जाते हैं। उन्होंने नाहड़ में खुले दरबार में पहुंचे उपायुक्त को लिखित शिकायत देकर मांग की है कि स्कूल का माहौल खराब न हो इसलिए यहां से स्कूल प्राचार्य, कंप्यूटर शिक्षक, संस्कृत टीचर और गेस्ट टीचर पूजा का तबादला किया जाए।
प्रिंसिपल दबाव बनाने का भी आरोप
टीचर ऊषा देवी ने बताया कि बृहस्पतिवार को वह 10वीं कक्षा को पढ़ा रही थी। उनका आरोप है कि तभी गेस्ट टीचर पूजा ने दो बच्चों को पूर्व नियोजित षड्यंत्र के तहत भेजा और 9वीं कक्षा का हाजिरी रजिस्टर मंगवाया। आरोप है कि मना करने पर, खुद पूजा आईं और क्लास में ही उनसे मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि प्रिंसिपल ने उनकी ही गलती बताई और पूजा के सामने यह दबाव बनाया कि वह गलती स्वीकार करे। उसने बाद में पुलिस को शिकायत की। ऊषा ने प्रिंसिपल पर जातिगत भेदभाव का भी आरोप लगाया। उधर पूरे मामले में गेस्ट टीचर पूजा ने कुछ भी बोलने से इन्कार कर दिया। उन्होंने कहा कि जो भी बोलेंगे मेरे परिजन ही बोलेंगे।
कोट्स
सभी आरोप गलत है। गेस्ट टीचर पूजा को ऊषा से माफी मांगने को कहा था और पूजा अपने परिजनों को लेकर ऊषा के घर भी गई थी। माफी भी हो गई थी। इसके बाद भी सुबह ग्रामीणों स्कूल पर ताला जड़ दिया और तोड़फोड़ की धमकी दी। मामले को लेकर नाहड़ में खुल्ले दरबार में बैठे सहकारिता राज्य मंत्री के संज्ञान में लाया गया। मंत्री ने कोसली के एसडीएम और डीएसपी को मामला सुलझाने को कहा जो प्रयास में लगे हैं। ग्रामीणों का स्कूल में हुक्का और शराब पीने के आरोप निराधार है। सब सुनियोजित तरीके से फंसाने के लिए किया जा रहा है। - मेन पाल यादव, प्राचार्य
मामले को सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं और दोनों टीचरों का आपसी समझौता करवा दिया जाएगा। कुछ लोग स्कूल का निजी स्वार्थ के चलते माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं। ऊषा से बृहस्पतिवार को मिली शिकायत पर उसी समय एएसआई भेजकर रात को ही समझौता हो गया था। - दिनेश यादव, चौकी प्रभारी
मेरे संज्ञान में इस प्रकार का कोई मामला नही है। न तो शिक्षकों में हुए झगड़े और न ही ताला जड़ने कि जानकारी है। इसके लिए जानकारी जुटाकर ही कुछ कहा जा सकता है। - डा रहमान खान, खंड शिक्षा अधिकारी
इस प्रकार से शिक्षकों का आपस में झगड़ा करना ठीक नहीं है। इससे स्कूल का जहां माहौल खराब होता है वहीं बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है। मंत्री ने कहा कि अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि भविष्य में ऐसा न हो, इसका पूरा ध्यान रखा जाए। - बिक्रम सिंह यादव, सहकारिता राज्यमंत्री
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मामला सहकारिता राज्य मंत्री के दरबार तक पहुंचने के बाद भी नहीं निपटा। स्कूल का समय पूरा होने के बाद स्टाफ मुख्य गेट में बनी खिड़की से बाहर निकले, वहीं ग्रामीणों का कहना है कि जब तक तबादला नहीं होगा ताला नहीं खोलेंगे। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने मामले से अनभिज्ञता जताई है।
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बृहस्पतिवार को जुड्डी स्कूल में स्थायी शिक्षिका ऊषा देवी के पास गेस्ट टीचर पूजा ने बच्चों को भेजकर हाजिरी रजिस्टर मंगाया। इस पर उन्होंने रजिस्टर नहीं होने की बात कही। इसे लेकर गेस्ट टीचर और स्थायी शिक्षिका में बहस हुई और बाद में मारपीट। इसके बाद ऊषा ने नाहड़ पुलिस चौकी में शिकायत दी।
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कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उसने परिजनों को जानकारी दी। शुक्रवार सुबह गांव झाल, जुड्डी के ग्रामीण स्कूल पहुंचे और उन्होंने प्राचार्य से मुलाकात की। अनदेखी से गुस्साए ग्रामीणों ने बच्चों को बाहर निकाल मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। प्रिंसिपल ने पुलिस को सूचना दी।
मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को समझाया लेकिन उन्होंने नारेबाजी कर दी और वहीं धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों ने गेस्ट टीचर पूजा, प्रिंसिपल, कंप्यूटर शिक्षक और संस्कृत शिक्षक का तबादला करने की मांग की। मामला सहकारिता राज्य मंत्री बिक्रम सिंह ठेकेदार के पास पहुंचा लेकिन ग्रामीण शांत नहीं हुए।
जातिसूचक शब्द कहने का आरोप
प्रदर्शनकारियों में ग्रामीण बिट्टू, सुरेश कुमार, महाबीर सिंह, कृष्ण, बिजेंद्र, कर्ण सिंह, रामानंद ,अमर सिंह, राजेश, प्रवीण, सुनील आदि शामिल थे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि स्कूल में बच्चों से हुक्का भरवाया जाता है और उनसे जातिसूचक शब्द कहे जाते हैं। उन्होंने नाहड़ में खुले दरबार में पहुंचे उपायुक्त को लिखित शिकायत देकर मांग की है कि स्कूल का माहौल खराब न हो इसलिए यहां से स्कूल प्राचार्य, कंप्यूटर शिक्षक, संस्कृत टीचर और गेस्ट टीचर पूजा का तबादला किया जाए।
प्रिंसिपल दबाव बनाने का भी आरोप
टीचर ऊषा देवी ने बताया कि बृहस्पतिवार को वह 10वीं कक्षा को पढ़ा रही थी। उनका आरोप है कि तभी गेस्ट टीचर पूजा ने दो बच्चों को पूर्व नियोजित षड्यंत्र के तहत भेजा और 9वीं कक्षा का हाजिरी रजिस्टर मंगवाया। आरोप है कि मना करने पर, खुद पूजा आईं और क्लास में ही उनसे मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि प्रिंसिपल ने उनकी ही गलती बताई और पूजा के सामने यह दबाव बनाया कि वह गलती स्वीकार करे। उसने बाद में पुलिस को शिकायत की। ऊषा ने प्रिंसिपल पर जातिगत भेदभाव का भी आरोप लगाया। उधर पूरे मामले में गेस्ट टीचर पूजा ने कुछ भी बोलने से इन्कार कर दिया। उन्होंने कहा कि जो भी बोलेंगे मेरे परिजन ही बोलेंगे।
कोट्स
सभी आरोप गलत है। गेस्ट टीचर पूजा को ऊषा से माफी मांगने को कहा था और पूजा अपने परिजनों को लेकर ऊषा के घर भी गई थी। माफी भी हो गई थी। इसके बाद भी सुबह ग्रामीणों स्कूल पर ताला जड़ दिया और तोड़फोड़ की धमकी दी। मामले को लेकर नाहड़ में खुल्ले दरबार में बैठे सहकारिता राज्य मंत्री के संज्ञान में लाया गया। मंत्री ने कोसली के एसडीएम और डीएसपी को मामला सुलझाने को कहा जो प्रयास में लगे हैं। ग्रामीणों का स्कूल में हुक्का और शराब पीने के आरोप निराधार है। सब सुनियोजित तरीके से फंसाने के लिए किया जा रहा है। - मेन पाल यादव, प्राचार्य
मामले को सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं और दोनों टीचरों का आपसी समझौता करवा दिया जाएगा। कुछ लोग स्कूल का निजी स्वार्थ के चलते माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं। ऊषा से बृहस्पतिवार को मिली शिकायत पर उसी समय एएसआई भेजकर रात को ही समझौता हो गया था। - दिनेश यादव, चौकी प्रभारी
मेरे संज्ञान में इस प्रकार का कोई मामला नही है। न तो शिक्षकों में हुए झगड़े और न ही ताला जड़ने कि जानकारी है। इसके लिए जानकारी जुटाकर ही कुछ कहा जा सकता है। - डा रहमान खान, खंड शिक्षा अधिकारी
इस प्रकार से शिक्षकों का आपस में झगड़ा करना ठीक नहीं है। इससे स्कूल का जहां माहौल खराब होता है वहीं बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है। मंत्री ने कहा कि अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि भविष्य में ऐसा न हो, इसका पूरा ध्यान रखा जाए। - बिक्रम सिंह यादव, सहकारिता राज्यमंत्री