{"_id":"7b754d1c9c1f04da7826905da76b7ecb","slug":"farmer-protest-for-compensation-of-land-hindi-news-1","type":"story","status":"publish","title_hn":"कम मुआवजे पर किसानों ने रोष जताया","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
कम मुआवजे पर किसानों ने रोष जताया
अमर उजाला ब्यूरो/रेवाड़ी
Updated Tue, 05 Jan 2016 11:36 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रेवाड़ी। सेक्टर-4 से दिल्ली-जयपुर नेशनल हाइवे आठ को जोड़ने के लिए बनने वाले 120 फीट चौड़े मार्ग के मामले जमीन के रेट की कीमत कम लगाए जाने से किसानों में रोष है।
उन्होंने मंगलवार को अधिग्रहण जमीन का अवार्ड घोषित होते ही हुडा कार्यालय में ही प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से जमीन के रेट काफी कम लगाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि जमीन की यदि सही कीमत नहीं मिली तो चारों गांवों के किसान एकत्रित होकर प्रदर्शन करेंगे। जरूरत पड़ी तो आंदोलन को तेज किया जाएगा। जानकारी के अनुसार नेशनल हाइवे आठ को जोड़ने के लिए बेरियावास की 60 एकड़, कोनसीवास की 26 एकड़, सालहावास 19 एकड़ व शहबाजपुर की लगभग 7 एकड़ जमीन अधिग्रहीत होनी थी।
विज्ञापन
करीब पांच साल पूर्व सरकार ने रेवाड़ी शहर को नेशनल हाईवे-आठ से सीधे जोड़ने के लिए 120 मीटर चौड़ा मार्ग बनाने की घोषणा की थी। यह मार्ग कोनसीवास, शहबाजपुर, बैरियावास से होते हुए साल्हावास में हाईवे पर खत्म होना था। इसे लेकर प्रक्रिया शुरू हुई और करीब तीन साल पूर्व इन चार गांवों के किसानों की सैकड़ों एकड़ जमीन का अधिग्रहण करने के लिए सेक्शन चार का नोटिस हुआ था।
मंगलवार सुबह जमीन अधिग्रहण अवार्ड घोषित करने के लिए चारों गांवों के ग्रामीणों को हुडा कार्यालय में बुलाया गया था। काफी संख्या में किसान भी यहां पहुंचे।
दोपहर को अधिकारियों ने जैसे अवार्ड की घोषणा की तो किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। अवार्ड में साल्हावास के निकट हाईवे से लगती जमीन का मुआवजा 2 करोड़ 35 लाख रुपये एक एकड़ रखा गया तथा उसके पीछे वाली जमीन पर एक एकड़ जमीन का 1 करोड़ 20 लाख रुपये, कोनसीवास में 73 लाख रुपये, बैरियावास में 58 लाख रुपये, शहबाजपुर में 65 लाख रुपये एक एकड़ का निर्धारित किया गया है।
नाराज किसानों ने जमीन के रेट कम बताए और कार्यालय से बाहर आकर नारेबाजी शुरू कर दी और प्रदर्शन किया। किसान अजय यादव, मास्टर ओमप्रकाश, रामौतार, भूपेंद्र, बबरभान, विकास यादव, शमशेर, एडवोकेट एसबी यादव, राजेंद्र पटेल व बिरेन्द्र सिंह ने बताया कि सरकार द्वारा निर्धारित की गई एक जमीन की कीमत बहुत कम है।
करीब एक साल पूर्व ही जिस जमीन का मुआवजा एक करोड़ 20 लाख निर्धारित किया गया था, उसका मुआवजा अब 58 लाख निर्धारित किया गया है। यह उनके साथ धोखा है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि मुआवजे की राशि दोगुनी की जाए। नहीं तो आंदोलन किया जाएगा। यदि कीमत नहीं बढ़ी तो वे किसी भी सूरत में जमीन नहीं देंगे।
---------------
वर्जन...
मामला मेरे संज्ञान में आ चुका है। इस संबंध में बातचीत की जाएगी और समस्या का हल निकाला जाएगा।
डॉ यश गर्ग, उपायुक्त
विज्ञापन
उन्होंने मंगलवार को अधिग्रहण जमीन का अवार्ड घोषित होते ही हुडा कार्यालय में ही प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से जमीन के रेट काफी कम लगाए गए हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि जमीन की यदि सही कीमत नहीं मिली तो चारों गांवों के किसान एकत्रित होकर प्रदर्शन करेंगे। जरूरत पड़ी तो आंदोलन को तेज किया जाएगा। जानकारी के अनुसार नेशनल हाइवे आठ को जोड़ने के लिए बेरियावास की 60 एकड़, कोनसीवास की 26 एकड़, सालहावास 19 एकड़ व शहबाजपुर की लगभग 7 एकड़ जमीन अधिग्रहीत होनी थी।
विज्ञापन
करीब पांच साल पूर्व सरकार ने रेवाड़ी शहर को नेशनल हाईवे-आठ से सीधे जोड़ने के लिए 120 मीटर चौड़ा मार्ग बनाने की घोषणा की थी। यह मार्ग कोनसीवास, शहबाजपुर, बैरियावास से होते हुए साल्हावास में हाईवे पर खत्म होना था। इसे लेकर प्रक्रिया शुरू हुई और करीब तीन साल पूर्व इन चार गांवों के किसानों की सैकड़ों एकड़ जमीन का अधिग्रहण करने के लिए सेक्शन चार का नोटिस हुआ था।
मंगलवार सुबह जमीन अधिग्रहण अवार्ड घोषित करने के लिए चारों गांवों के ग्रामीणों को हुडा कार्यालय में बुलाया गया था। काफी संख्या में किसान भी यहां पहुंचे।
दोपहर को अधिकारियों ने जैसे अवार्ड की घोषणा की तो किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। अवार्ड में साल्हावास के निकट हाईवे से लगती जमीन का मुआवजा 2 करोड़ 35 लाख रुपये एक एकड़ रखा गया तथा उसके पीछे वाली जमीन पर एक एकड़ जमीन का 1 करोड़ 20 लाख रुपये, कोनसीवास में 73 लाख रुपये, बैरियावास में 58 लाख रुपये, शहबाजपुर में 65 लाख रुपये एक एकड़ का निर्धारित किया गया है।
नाराज किसानों ने जमीन के रेट कम बताए और कार्यालय से बाहर आकर नारेबाजी शुरू कर दी और प्रदर्शन किया। किसान अजय यादव, मास्टर ओमप्रकाश, रामौतार, भूपेंद्र, बबरभान, विकास यादव, शमशेर, एडवोकेट एसबी यादव, राजेंद्र पटेल व बिरेन्द्र सिंह ने बताया कि सरकार द्वारा निर्धारित की गई एक जमीन की कीमत बहुत कम है।
करीब एक साल पूर्व ही जिस जमीन का मुआवजा एक करोड़ 20 लाख निर्धारित किया गया था, उसका मुआवजा अब 58 लाख निर्धारित किया गया है। यह उनके साथ धोखा है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि मुआवजे की राशि दोगुनी की जाए। नहीं तो आंदोलन किया जाएगा। यदि कीमत नहीं बढ़ी तो वे किसी भी सूरत में जमीन नहीं देंगे।
---------------
वर्जन...
मामला मेरे संज्ञान में आ चुका है। इस संबंध में बातचीत की जाएगी और समस्या का हल निकाला जाएगा।
डॉ यश गर्ग, उपायुक्त