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नौ दिन से लापता भाजपा नेता की मौत, तीन पर मामला
ब्यूरो /अमर उजाला
Updated Thu, 21 Apr 2016 01:15 AM IST
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भाजपा नेता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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नौ दिन से लापता काठमंडी निवासी एवं भाजपा के सामाजिक न्याय मोर्चा के उपाध्यक्ष नरेश जांगिड़ की बुधवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि काठमंडी में ही रहने वाले तीन लोगों ने धोखे से प्रॉपर्टी के कागजात पर हस्ताक्षर करवाकर रजिस्ट्री अपने नाम करा ली थी। इस कारण उनकी मौत हुई है।
मामला पचास लाख रुपये के लेनदेन से जुड़ा बताया जा रहा है। परिजनों के अनुसार जांगिड़ मंगलवार रात करीब 12 बजे घर पहुंचे थे। अपने कमरे में उनको कुछ उल्टियां भी हुईं। उन्होंने किसी से कोई बातचीत नहीं की। सुबह अपने कमरे में मृत मिले। इधर पुलिस ने मृतक के पिता बनवारी लाल की शिकायत पर आत्महत्या के मजबूर करने के आरोप में तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया है। जांगिड़ का पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड से कराया गया। बोर्ड के डॉक्टरों का कहना है कि प्राथमिक तौर पर मौत हार्ट अटैक से लग रही है, लेकिन असली वजह विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही पता लग पाएगी।
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छह साल पहले हो गई थी प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री
पचास वर्षीय मृतक नरेश जांगिड़ के पिता बनवारी लाल ने बताया कि 2010 में काठमंडी मेें ही रहने वाले भाइयों लाला, हुुबली और जीतू सिंह ने धोखे से नरेश से घर और दुकान की रजिस्ट्री करा ली। हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि नरेश ने इन तीनों से पचास लाख रुपये उधार लिए थे, जो कि उनको लौटा दिए थे। पिता ने आरोप लगाया है कि 2010 से तीनों व्यक्तियों द्वारा घर की रजिस्ट्री कराने के बाद नरेश पर घर खाली करने का दबाव बनाया जा रहा था। उन्होंने कई बार तीनों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह बाज नहीं आए।
उन्होंने बताया कि करीब दस दिन पहले तीनों ने नरेश पर कुछ ज्यादा ही दबाव बनाया हुआ था। वह घर पर आकर भी किसी से बात नहीं कर रहे थे। जब आरोपियों ने ज्यादा दबाव बनाया तो नौ दिन पहले नरेश घर छोड़कर चला गया था। उन्होंने बताया कि मंगलवार रात करीब 12 बजे नरेश घर पर आया, लेकिन उसने किसी से बात नहीं की। नरेश को रात के समय दो बार उल्टियां भी हुईं। सुबह 6 बजे परिजनों ने उठकर नरेश को देखा तो वह मरा हुआ था। उन्होंने तत्काल पुलिस को मामले की सूचना दी। डीएसपी संजीव बल्हारा मौके पर पहुंचे और उसे अस्पताल लेकर गए। जांच के बाद डॉक्टरों ने उसको मृत घोषित कर दिया।
प्रधानमंत्री की रेवाड़ी में पहली रैली कार्यालय इंचार्ज थे नरेश
भारतीय जनता पार्टी की तरफ से 2014 में नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री उम्मीदवार घोषित करने के बाद रेवाड़ी में नरेंद्र मोदी की पहली रैली हुई थी। जिला भाजपा में कई पदों पर रह चुके एवं राजनैतिक रूप से काफी सक्रिय रहने वाले नरेश जांगिड़ को रैली के प्रबंधन के लिए बनाए कार्यालय के इंचार्ज की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अपने कार्य को कुशलता पूर्वक ही अंजाम नहीं दिया बल्कि यह रैली रेवाड़ी की सबसे बड़ी रैली सिद्ध हुई थी।
पापा को आत्महत्या के लिए मजबूर किया
मृतक नरेश के दो बेटों में से एक हेमंत ने बताया कि पापा ने हमेशा सभी मुसीबतों का सामना डट कर किया था, वह कभी भी किसी परेशानी से नहीं घबराते थे। जब कुछ लोगों ने धोखे से हमारा घर और दुकान को ही हथिया लिया तो उसके बाद से ही पापा बहुत ज्यादा परेशान चल रहे थे। उन्होंने अपने घर को बेचा नहीं था, कुछ लोगों ने षड्यंत्र कर हथिया लिया था। उन लोगों की वजह से आज पापा नहीं रहे। उन्होंने तीन आरोपियों का नाम लेकर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। नरेश जांगिड़ की मौत की सूचना मिलते ही शहर के भाजपा नेता बड़ी संख्या में नागरिक अस्पताल पहुंचने लगे। भाजपा के छोटे कार्यकर्ताओं से लेकर तमाम बड़े नेताओं ने अस्पताल में पहुंचकर मृतक नरेश जांगिड के परिजनों का ढांढस बंधाया। मृतक के घर के सामने ही आरोपियों की दुकान है। मृतक नरेश के पिता ने जिन तीन आरोपियों पर आत्महत्या करने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है, वह काठमंडी में ही अपनी दुकान चलाते हैं।
कोट
मृतक के पिता बनवारी लाल की शिकायत पर तीन आरोपी काठमंडी निवासी हबली, लाला और जीतू सिंह के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच शुरू कर दी है। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया है। विसरा आने के बाद मौत की असली वजह का पता लग पाएगा। - सुरेंद्र कुमार, आइओ
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कोट
प्राथमिक तौर पर मामला हार्ट अटैक का लग रहा है। लेकिन मौत के असली कारणों का पता विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा।
- डॉ. साहिल, सदस्य, मेडिकल बोर्ड
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मामला पचास लाख रुपये के लेनदेन से जुड़ा बताया जा रहा है। परिजनों के अनुसार जांगिड़ मंगलवार रात करीब 12 बजे घर पहुंचे थे। अपने कमरे में उनको कुछ उल्टियां भी हुईं। उन्होंने किसी से कोई बातचीत नहीं की। सुबह अपने कमरे में मृत मिले। इधर पुलिस ने मृतक के पिता बनवारी लाल की शिकायत पर आत्महत्या के मजबूर करने के आरोप में तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
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पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया है। जांगिड़ का पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड से कराया गया। बोर्ड के डॉक्टरों का कहना है कि प्राथमिक तौर पर मौत हार्ट अटैक से लग रही है, लेकिन असली वजह विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही पता लग पाएगी।
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छह साल पहले हो गई थी प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री
पचास वर्षीय मृतक नरेश जांगिड़ के पिता बनवारी लाल ने बताया कि 2010 में काठमंडी मेें ही रहने वाले भाइयों लाला, हुुबली और जीतू सिंह ने धोखे से नरेश से घर और दुकान की रजिस्ट्री करा ली। हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि नरेश ने इन तीनों से पचास लाख रुपये उधार लिए थे, जो कि उनको लौटा दिए थे। पिता ने आरोप लगाया है कि 2010 से तीनों व्यक्तियों द्वारा घर की रजिस्ट्री कराने के बाद नरेश पर घर खाली करने का दबाव बनाया जा रहा था। उन्होंने कई बार तीनों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह बाज नहीं आए।
उन्होंने बताया कि करीब दस दिन पहले तीनों ने नरेश पर कुछ ज्यादा ही दबाव बनाया हुआ था। वह घर पर आकर भी किसी से बात नहीं कर रहे थे। जब आरोपियों ने ज्यादा दबाव बनाया तो नौ दिन पहले नरेश घर छोड़कर चला गया था। उन्होंने बताया कि मंगलवार रात करीब 12 बजे नरेश घर पर आया, लेकिन उसने किसी से बात नहीं की। नरेश को रात के समय दो बार उल्टियां भी हुईं। सुबह 6 बजे परिजनों ने उठकर नरेश को देखा तो वह मरा हुआ था। उन्होंने तत्काल पुलिस को मामले की सूचना दी। डीएसपी संजीव बल्हारा मौके पर पहुंचे और उसे अस्पताल लेकर गए। जांच के बाद डॉक्टरों ने उसको मृत घोषित कर दिया।
प्रधानमंत्री की रेवाड़ी में पहली रैली कार्यालय इंचार्ज थे नरेश
भारतीय जनता पार्टी की तरफ से 2014 में नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री उम्मीदवार घोषित करने के बाद रेवाड़ी में नरेंद्र मोदी की पहली रैली हुई थी। जिला भाजपा में कई पदों पर रह चुके एवं राजनैतिक रूप से काफी सक्रिय रहने वाले नरेश जांगिड़ को रैली के प्रबंधन के लिए बनाए कार्यालय के इंचार्ज की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अपने कार्य को कुशलता पूर्वक ही अंजाम नहीं दिया बल्कि यह रैली रेवाड़ी की सबसे बड़ी रैली सिद्ध हुई थी।
पापा को आत्महत्या के लिए मजबूर किया
मृतक नरेश के दो बेटों में से एक हेमंत ने बताया कि पापा ने हमेशा सभी मुसीबतों का सामना डट कर किया था, वह कभी भी किसी परेशानी से नहीं घबराते थे। जब कुछ लोगों ने धोखे से हमारा घर और दुकान को ही हथिया लिया तो उसके बाद से ही पापा बहुत ज्यादा परेशान चल रहे थे। उन्होंने अपने घर को बेचा नहीं था, कुछ लोगों ने षड्यंत्र कर हथिया लिया था। उन लोगों की वजह से आज पापा नहीं रहे। उन्होंने तीन आरोपियों का नाम लेकर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। नरेश जांगिड़ की मौत की सूचना मिलते ही शहर के भाजपा नेता बड़ी संख्या में नागरिक अस्पताल पहुंचने लगे। भाजपा के छोटे कार्यकर्ताओं से लेकर तमाम बड़े नेताओं ने अस्पताल में पहुंचकर मृतक नरेश जांगिड के परिजनों का ढांढस बंधाया। मृतक के घर के सामने ही आरोपियों की दुकान है। मृतक नरेश के पिता ने जिन तीन आरोपियों पर आत्महत्या करने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है, वह काठमंडी में ही अपनी दुकान चलाते हैं।
कोट
मृतक के पिता बनवारी लाल की शिकायत पर तीन आरोपी काठमंडी निवासी हबली, लाला और जीतू सिंह के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच शुरू कर दी है। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया है। विसरा आने के बाद मौत की असली वजह का पता लग पाएगा। - सुरेंद्र कुमार, आइओ
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कोट
प्राथमिक तौर पर मामला हार्ट अटैक का लग रहा है। लेकिन मौत के असली कारणों का पता विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा।
- डॉ. साहिल, सदस्य, मेडिकल बोर्ड