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किडनी ट्रांसप्लांट के लिए कोलकाता की महिला को पत्नी बनाया
ब्यूरो /अमर उजाला
Updated Fri, 18 Mar 2016 12:39 AM IST
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kidney transplant
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। कोलकाता की रहने वाली महिला को पत्नी दिखाकर किडनी डोनेट कराने की कोशिश का मामला सामने आया है। मामले का खुलासा तब हुआ जब सीएमओ ने आवेदक से मैरिज सर्टिफिकेट और शादी समारोह के फोटो दिखाने को कहा। सीएमओ की शिकायत पर सिटी थाना पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार जिले के गांव भाकली निवासी दिनेश को अपनी किडनी ट्रांसप्लांट करानी थी। कुछ दिन पहले उसने आशा देवी नामक महिला को अपनी पत्नी दिखाकर नई दिल्ली स्थित अपोलो हास्पिटल में सभी टेस्ट कराए। इसके बाद सीएमओ डॉ. पुष्पा बिश्नोई से किडनी ट्रांसप्लांट कराने की अनुमति लेने पहुंचे। सीएमओ ने दस्तावेज चेक करने के साथ ही मैरिज सर्टिफिकेट की मांग की।
बहाना करने पर उनसे शादी समारोह की फोटो और कार्ड साक्ष्य के तौर पर दिखाने को कहा। सीएमओ ने महिला आशा को पूछताछ के लिए बुलाया तो पता चला कि उसका असली नाम संतोषी है। वह पश्चिम बंगाल के कोलकाता की रहने वाली है। उसे रुपयों की सख्त जरूरत थी। इस कारण वह एक मध्यस्थ के कहने पर किडनी देने को राजी हुई । किडनी का सौदा कितने में हुआ था, इस बात की अभी तक जानकारी नहीं हो सकी है। मामले का खुलासा होने पर सीएमओ ने एसपी को मामले की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
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बतौर प्रमाण पेश किए थे फर्जी वोटर आईडी और राशन कार्ड
सीएमओ ने बताया कि आरोपी दिनेश ने किडनी ट्रांसप्लांट के लिए जिस महिला को अपनी पत्नी आशा दिखाया है, उसके साक्ष्य के तौर पर पहले फर्जी तौर पर बनाए वोटर आईडी और राशन कार्ड दिखाए थे। मैरिज सर्टिफिकेट नहीं दिखा पाने पर दिनेश और संतोषी से अलग-अलग बात हुई तो दोनों के बयान अलग-अलग मिले। इसके बाद मामले की जानकारी एसपी को दी गई।
ब्लड रिलेशन या रिलेशन के लोग ही दे सकते हैं किडनी
सीएमओ डॉ. पुष्पा बिश्नोई ने बताया कि दरअसल किडनी को देने के लिए मेडिकल एक्ट में सख्त प्रावधान है। इसके अंतर्गत सबसे पहले क्लोज ब्लड रिलेशन वाला व्यक्ति जरूरतमंद को किडनी डोनेट कर सकता है। अगर ब्लड रिलेशन में कोई बीमारी या अन्य वाजिब कारणों के चलते किडनी देने में असमर्थ है तो रिलेशन में आने वाले अन्य लोग किडनी दे सकते हैं। कोई बाहरी व्यक्ति किडनी नहीं दे सकता है।
कोट
सीएमओ से मामले की जानकारी मिलने के बाद सिटी थाना पुलिस को मौके पर भेज दिया था। दोनों को हिरासत में ले लिया गया है। पूछताछ के बाद मेडिकल और आईपीसी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। - संगीता कालिया, एसपी, रेवाड़ी
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जानकारी के अनुसार जिले के गांव भाकली निवासी दिनेश को अपनी किडनी ट्रांसप्लांट करानी थी। कुछ दिन पहले उसने आशा देवी नामक महिला को अपनी पत्नी दिखाकर नई दिल्ली स्थित अपोलो हास्पिटल में सभी टेस्ट कराए। इसके बाद सीएमओ डॉ. पुष्पा बिश्नोई से किडनी ट्रांसप्लांट कराने की अनुमति लेने पहुंचे। सीएमओ ने दस्तावेज चेक करने के साथ ही मैरिज सर्टिफिकेट की मांग की।
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बहाना करने पर उनसे शादी समारोह की फोटो और कार्ड साक्ष्य के तौर पर दिखाने को कहा। सीएमओ ने महिला आशा को पूछताछ के लिए बुलाया तो पता चला कि उसका असली नाम संतोषी है। वह पश्चिम बंगाल के कोलकाता की रहने वाली है। उसे रुपयों की सख्त जरूरत थी। इस कारण वह एक मध्यस्थ के कहने पर किडनी देने को राजी हुई । किडनी का सौदा कितने में हुआ था, इस बात की अभी तक जानकारी नहीं हो सकी है। मामले का खुलासा होने पर सीएमओ ने एसपी को मामले की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
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बतौर प्रमाण पेश किए थे फर्जी वोटर आईडी और राशन कार्ड
सीएमओ ने बताया कि आरोपी दिनेश ने किडनी ट्रांसप्लांट के लिए जिस महिला को अपनी पत्नी आशा दिखाया है, उसके साक्ष्य के तौर पर पहले फर्जी तौर पर बनाए वोटर आईडी और राशन कार्ड दिखाए थे। मैरिज सर्टिफिकेट नहीं दिखा पाने पर दिनेश और संतोषी से अलग-अलग बात हुई तो दोनों के बयान अलग-अलग मिले। इसके बाद मामले की जानकारी एसपी को दी गई।
ब्लड रिलेशन या रिलेशन के लोग ही दे सकते हैं किडनी
सीएमओ डॉ. पुष्पा बिश्नोई ने बताया कि दरअसल किडनी को देने के लिए मेडिकल एक्ट में सख्त प्रावधान है। इसके अंतर्गत सबसे पहले क्लोज ब्लड रिलेशन वाला व्यक्ति जरूरतमंद को किडनी डोनेट कर सकता है। अगर ब्लड रिलेशन में कोई बीमारी या अन्य वाजिब कारणों के चलते किडनी देने में असमर्थ है तो रिलेशन में आने वाले अन्य लोग किडनी दे सकते हैं। कोई बाहरी व्यक्ति किडनी नहीं दे सकता है।
कोट
सीएमओ से मामले की जानकारी मिलने के बाद सिटी थाना पुलिस को मौके पर भेज दिया था। दोनों को हिरासत में ले लिया गया है। पूछताछ के बाद मेडिकल और आईपीसी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। - संगीता कालिया, एसपी, रेवाड़ी