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खाघ आपूर्ति विभाग के
Updated Sat, 28 Apr 2018 01:04 AM IST
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खाद्य आपूर्ति विभाग के तीन अधिकारियों पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
कोसली।
कोसली थाना पुलिस ने अदालत के आदेश पर खाद्य आपूर्ति विभाग के एक सहायक खाद्य आपूर्ति अधिकारी अनिल कुमार, उपनिरीक्षक राजेश, विनोद और राधेश्याम मित्तल के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। अदालत में दायर वाद में गांव झोलरी निवासी गुलशन कुमार ने बताया कि उसके पास से वर्ष 2002 से सरकारी राशन बांटने का डिपो है। तभी से ही विभाग का लाइसेंसधारी है। शिकायतकर्ता ने बताया कि दिसंबर 2015 में गांव के कुछ लोगों ने एफएसओ अनिल यादव और निरीक्षक राजेश कुमार के कहने पर एसडीएम कार्यालय कोसली में उसके खिलाफ झूठी शिकायत दी थी। इस शिकायत पर उसने बताया अपने जवाब में बताया था शिकायतकर्ता बीपीएल श्रेणी के नहीं हैं। इन्होंने खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों से मिलकर अपने गलत तरीके से राशन कार्ड बनवाए हैं तथा अनाज लेते हैं। गुलशन कुमार ने आरोप लगाया कि इसके बाद एएफएसओ अनिल यादव व निरीक्षक राजेश कुमार एक राय होकर उसके डिपो का सामान उसके फर्जी हस्ताक्षर करके अलग-अलग बिलों के माध्यम से राधेश्याम मित्तल को बेच दिया। इस प्रकार उन्होंने सरकार को 71800 रुपये का भी नुकसान पहुंचाया। इसके अलावा एक बिल पर उसके जबरदस्ती हस्ताक्षर भी कराए गए। गुलशन कुमार ने आरोप लगाया कि जब उसने फर्जी हस्ताक्षर की शिकायत की तो अधिकारियों ने फिर से गांव के लोगों से उसकी शिकायत करा दी। जबकि वह हर माह विभाग को सूचना देता रहा है कि ये लोग डिपो से सामान नहीं ले रहे हैं। जांच में उसका स्टॉक रजिस्टर ठीक पाया गया। तत्पश्चात अगस्त 2016 में अधिकारियों उसका डिपो निलंबित कर दिया और जवाब देने पर 22 अगस्त को बहाल कर दिया गया। एक बार फिर 14 अक्तूबर को उसका डिपो दोबारा निलंबित कर दिया गया। इसके बाद अधिकारियों ने डिपो बहाल करने के लिए पैसे मांगे तथा उसने पैसे देने का स्टिंग ऑपरेशन कर लिया। जब वह राशन उठाने कोसली आया तो एक अन्य निरीक्षक ने उसका सारा रिकॉर्ड जबरदस्ती कब्जे में ले लिया तथा उसे जान से मारने की धमकी दी तथा कहा कि शिकायत की तो तुझे उलझा देंगे। बीमार होने के कारण राशन डिपो निलंबन का जवाब देने के लिए ऑफिस नहीं आ सका तो बिना सुने ही उसका लाइसेंस रद कर दिया गया। इसके बाद उसने मामले को लेकर अदालत में इस्तगासा दायर किया जिस पर अदालत ने पुलिस को पूरे मामले में मामला दर्ज करके जांच करने के आदेश दिए हैं। फिलहाल पुलिस ने तीनों अधिकारियों के साथ व्यापारी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
कोसली।
कोसली थाना पुलिस ने अदालत के आदेश पर खाद्य आपूर्ति विभाग के एक सहायक खाद्य आपूर्ति अधिकारी अनिल कुमार, उपनिरीक्षक राजेश, विनोद और राधेश्याम मित्तल के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। अदालत में दायर वाद में गांव झोलरी निवासी गुलशन कुमार ने बताया कि उसके पास से वर्ष 2002 से सरकारी राशन बांटने का डिपो है। तभी से ही विभाग का लाइसेंसधारी है। शिकायतकर्ता ने बताया कि दिसंबर 2015 में गांव के कुछ लोगों ने एफएसओ अनिल यादव और निरीक्षक राजेश कुमार के कहने पर एसडीएम कार्यालय कोसली में उसके खिलाफ झूठी शिकायत दी थी। इस शिकायत पर उसने बताया अपने जवाब में बताया था शिकायतकर्ता बीपीएल श्रेणी के नहीं हैं। इन्होंने खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों से मिलकर अपने गलत तरीके से राशन कार्ड बनवाए हैं तथा अनाज लेते हैं। गुलशन कुमार ने आरोप लगाया कि इसके बाद एएफएसओ अनिल यादव व निरीक्षक राजेश कुमार एक राय होकर उसके डिपो का सामान उसके फर्जी हस्ताक्षर करके अलग-अलग बिलों के माध्यम से राधेश्याम मित्तल को बेच दिया। इस प्रकार उन्होंने सरकार को 71800 रुपये का भी नुकसान पहुंचाया। इसके अलावा एक बिल पर उसके जबरदस्ती हस्ताक्षर भी कराए गए। गुलशन कुमार ने आरोप लगाया कि जब उसने फर्जी हस्ताक्षर की शिकायत की तो अधिकारियों ने फिर से गांव के लोगों से उसकी शिकायत करा दी। जबकि वह हर माह विभाग को सूचना देता रहा है कि ये लोग डिपो से सामान नहीं ले रहे हैं। जांच में उसका स्टॉक रजिस्टर ठीक पाया गया। तत्पश्चात अगस्त 2016 में अधिकारियों उसका डिपो निलंबित कर दिया और जवाब देने पर 22 अगस्त को बहाल कर दिया गया। एक बार फिर 14 अक्तूबर को उसका डिपो दोबारा निलंबित कर दिया गया। इसके बाद अधिकारियों ने डिपो बहाल करने के लिए पैसे मांगे तथा उसने पैसे देने का स्टिंग ऑपरेशन कर लिया। जब वह राशन उठाने कोसली आया तो एक अन्य निरीक्षक ने उसका सारा रिकॉर्ड जबरदस्ती कब्जे में ले लिया तथा उसे जान से मारने की धमकी दी तथा कहा कि शिकायत की तो तुझे उलझा देंगे। बीमार होने के कारण राशन डिपो निलंबन का जवाब देने के लिए ऑफिस नहीं आ सका तो बिना सुने ही उसका लाइसेंस रद कर दिया गया। इसके बाद उसने मामले को लेकर अदालत में इस्तगासा दायर किया जिस पर अदालत ने पुलिस को पूरे मामले में मामला दर्ज करके जांच करने के आदेश दिए हैं। फिलहाल पुलिस ने तीनों अधिकारियों के साथ व्यापारी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।