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लापता बेटी की बबरामदगी को लेकर महापंचायत----फोटों 18-41-16
Updated Sun, 15 Jul 2018 12:33 AM IST
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नाबालिग की बरामदगी को लेकर 21 गांवों की महापंचायत, पुलिस ने गठित की एसआईटी
अमर उजाला ब्यूरो
बावल। उपमंडल के गांव मोहनपुर से 27 जून को संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुई नाबालिग छात्रा का अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है। पुलिस द्वारा मामले में कोई कार्रवाई नहीं करने पर गांव में जारी धरनास्थल पर शनिवार को 21 गांवों की महापंचायत का आयोजन किया गया। महापंचायत बावल चौरासी के गांवों के लोगों के साथ सत्ता और विपक्षी दलों के भी नेता शामिल हुए। महापंचायत में पुलिस अधीक्षक भी पहुंचे। उन्होंने इस मामले में डीएसपी सुरेश हुड्डा की अगुवाई में एसआईटी गठन का आश्वासन दिया। हालांकि पुलिस अधीक्षक के आश्वासन पर पुरुषों ने धरना समाप्त कर दिया है लेकिन महिलाओं ने कहा जब तक बच्ची बरामद नहीं होगी उनका धरना जारी रहेगा।
पहले आयोजित हुई थी 11 गांवों की पंचायत
27 जून को लापता नाबालिग की बरामदगी की मांग को लेकर ग्रामीणों ने बुधवार से गांव के हनुमान मंदिर के सामने धरना प्रारंभ किया। वीरवार को 11 गांवों की पंचायत हुई थी। 11 गांवों की पंचायत के बाद भी पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं करने के बाद ग्रामीणों ने शनिवार को 21 गांवों की महापंचायत बुलाई थी। महापंचायत में बावल चौरासी के हर गांव से लोग पहुंचे और नाबालिग की बरामदगी के लिए पुलिस को सीधी चेतावनी दी। इस दौरान पुलिस की नाकामी को लेकर कई बार वहां मौजूद अधिकारियों को भी ग्रामीणों के गुस्से का शिकार होना पड़ा। एक बार तो माहौल भी गरमा गया था। हालांकि महापंचायत की सूचना के बाद मौके पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक राजेश दुग्गल ने ग्रामीणों को समझाया तथा इस मामले में एसआईटी गठन की बात कहकर उनसे भी निगरानी समिति बनाने का आह्वान किया। पुलिस अधीक्षक के एसआईटी गठन के बावजूद भी महापंचायत में शामिल लोग संतुष्ट हुए तथा पुुरुषों ने धरना समाप्त कर दिया लेकिन महिलाएं अभी अडिग है।
यह है मामला
गौरतलब है कि गांव की नौवीं कक्षा में पढ़ने वाली 14 वर्षीय छात्रा 27 जून को शाम को चार बजे अचानक घर से लापता हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि बावल पुलिस द्वारा किशोरी की खोज के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जबकि ग्रामीण कई बार पुलिस से संपर्क कर चुके हैं। शनिवार को आयोजित महापंचायत की अध्यक्षता चांदूवास निवासी कैप्टन हरि सिंह द्वारा की गई। करीब पांच घंटे चली महापंचायत में वक्ताओं ने लड़की की खोज के लिए पुलिस व जिला प्रशासन की नाकामी को लेकर काफी रोष व्यक्त किया। वक्ताओं ने कहा कि पुलिस प्रशासन द्वारा शुरूआत में बच्ची की खोजबीन के लिए कतई गंभीरता नहीं दिखाई अगर पुलिस शुरूआत में ही इस मामले में गंभीरता से कार्रवाई करती धरना नहीं देना पड़ता।
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महिलाओं ने संभाला धरने पर मोर्चा महापंचायत की भी देखी कार्रवाई
छात्रा की बरामदगी नहीं होने का गुस्सा पुरुषों में नहीं है अपितु महिलाओं में सबसे अधिक है। इस तरह के धरना-प्रदर्शनों से महिलाएं दूर ही रहती है लेकिन मोहनपुर गांव में चल रहे इस धरने में कमान ही पूरी तरह से महिलाओं ने संभाली है। धरना स्थल पर प्रतिदिन 70 से अधिक महिलाएं पहुंचती हैं। इतनी ही संख्या पुरुषों की है। शनिवार को आयोजित हुई महापंचायत में जहां पुरुषों ने पंचायत की कार्रवाई में भाग लिया तथा महिलाओं ने धरना पर बैठकर विरोध जारी रखा।
ये लोग रहे नेता
महापंचायत में जनप्रतिनिधियों के साथ पुलिस अधीक्षक राजेश दुग्गल के साथ डीएसपी सुरेश कुमार हुड्डा भी पहुंचे। जब महापंचायत में पुलिस के प्रति गुस्सा पूरी तरह से चरम पर था उस समय पुलिस अधीक्षक ने स्थिति को संभाला। इसके बाद उन्होंने डीएसपी हुड्डा की अगुवाई में एसआईटी गठन करके उसे जांच सौंपने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कैप्टन अजय सिंह यादव, पूर्व विधायक रामेश्वरदयाल, जिला प्रमुख मंजूबाला, कांग्रेस नेता राव अर्जुन सिंह, भाजपा व्यवसायिक प्रकोष्ठ के संयोजक सतीश खोला, इनेलो नेता श्याम सुंदर सभरवाल, बसपा नेता प्रीतम जांगड़ा सहित पार्टियों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
महापंचायत में ये लिए गए निर्णय
महापंचायत में सामूहिक रूप से निर्णय लिया गया कि बेटी की बरामदगी तक ग्रामीणों का धरना जारी रहेगा।
ग्रामीणों द्वारा सामूहिक रूप से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दी जाएगी
लापता बेटी की बरामदगी के लिए की जाने वाली कार्यवाही का पूरा वहन कमेटी उठाएगी।
इस मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिस कर्मचारियों पर कार्रवाई तय की जाए
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अमर उजाला ब्यूरो
बावल। उपमंडल के गांव मोहनपुर से 27 जून को संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुई नाबालिग छात्रा का अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है। पुलिस द्वारा मामले में कोई कार्रवाई नहीं करने पर गांव में जारी धरनास्थल पर शनिवार को 21 गांवों की महापंचायत का आयोजन किया गया। महापंचायत बावल चौरासी के गांवों के लोगों के साथ सत्ता और विपक्षी दलों के भी नेता शामिल हुए। महापंचायत में पुलिस अधीक्षक भी पहुंचे। उन्होंने इस मामले में डीएसपी सुरेश हुड्डा की अगुवाई में एसआईटी गठन का आश्वासन दिया। हालांकि पुलिस अधीक्षक के आश्वासन पर पुरुषों ने धरना समाप्त कर दिया है लेकिन महिलाओं ने कहा जब तक बच्ची बरामद नहीं होगी उनका धरना जारी रहेगा।
पहले आयोजित हुई थी 11 गांवों की पंचायत
27 जून को लापता नाबालिग की बरामदगी की मांग को लेकर ग्रामीणों ने बुधवार से गांव के हनुमान मंदिर के सामने धरना प्रारंभ किया। वीरवार को 11 गांवों की पंचायत हुई थी। 11 गांवों की पंचायत के बाद भी पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं करने के बाद ग्रामीणों ने शनिवार को 21 गांवों की महापंचायत बुलाई थी। महापंचायत में बावल चौरासी के हर गांव से लोग पहुंचे और नाबालिग की बरामदगी के लिए पुलिस को सीधी चेतावनी दी। इस दौरान पुलिस की नाकामी को लेकर कई बार वहां मौजूद अधिकारियों को भी ग्रामीणों के गुस्से का शिकार होना पड़ा। एक बार तो माहौल भी गरमा गया था। हालांकि महापंचायत की सूचना के बाद मौके पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक राजेश दुग्गल ने ग्रामीणों को समझाया तथा इस मामले में एसआईटी गठन की बात कहकर उनसे भी निगरानी समिति बनाने का आह्वान किया। पुलिस अधीक्षक के एसआईटी गठन के बावजूद भी महापंचायत में शामिल लोग संतुष्ट हुए तथा पुुरुषों ने धरना समाप्त कर दिया लेकिन महिलाएं अभी अडिग है।
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यह है मामला
गौरतलब है कि गांव की नौवीं कक्षा में पढ़ने वाली 14 वर्षीय छात्रा 27 जून को शाम को चार बजे अचानक घर से लापता हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि बावल पुलिस द्वारा किशोरी की खोज के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जबकि ग्रामीण कई बार पुलिस से संपर्क कर चुके हैं। शनिवार को आयोजित महापंचायत की अध्यक्षता चांदूवास निवासी कैप्टन हरि सिंह द्वारा की गई। करीब पांच घंटे चली महापंचायत में वक्ताओं ने लड़की की खोज के लिए पुलिस व जिला प्रशासन की नाकामी को लेकर काफी रोष व्यक्त किया। वक्ताओं ने कहा कि पुलिस प्रशासन द्वारा शुरूआत में बच्ची की खोजबीन के लिए कतई गंभीरता नहीं दिखाई अगर पुलिस शुरूआत में ही इस मामले में गंभीरता से कार्रवाई करती धरना नहीं देना पड़ता।
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महिलाओं ने संभाला धरने पर मोर्चा महापंचायत की भी देखी कार्रवाई
छात्रा की बरामदगी नहीं होने का गुस्सा पुरुषों में नहीं है अपितु महिलाओं में सबसे अधिक है। इस तरह के धरना-प्रदर्शनों से महिलाएं दूर ही रहती है लेकिन मोहनपुर गांव में चल रहे इस धरने में कमान ही पूरी तरह से महिलाओं ने संभाली है। धरना स्थल पर प्रतिदिन 70 से अधिक महिलाएं पहुंचती हैं। इतनी ही संख्या पुरुषों की है। शनिवार को आयोजित हुई महापंचायत में जहां पुरुषों ने पंचायत की कार्रवाई में भाग लिया तथा महिलाओं ने धरना पर बैठकर विरोध जारी रखा।
ये लोग रहे नेता
महापंचायत में जनप्रतिनिधियों के साथ पुलिस अधीक्षक राजेश दुग्गल के साथ डीएसपी सुरेश कुमार हुड्डा भी पहुंचे। जब महापंचायत में पुलिस के प्रति गुस्सा पूरी तरह से चरम पर था उस समय पुलिस अधीक्षक ने स्थिति को संभाला। इसके बाद उन्होंने डीएसपी हुड्डा की अगुवाई में एसआईटी गठन करके उसे जांच सौंपने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कैप्टन अजय सिंह यादव, पूर्व विधायक रामेश्वरदयाल, जिला प्रमुख मंजूबाला, कांग्रेस नेता राव अर्जुन सिंह, भाजपा व्यवसायिक प्रकोष्ठ के संयोजक सतीश खोला, इनेलो नेता श्याम सुंदर सभरवाल, बसपा नेता प्रीतम जांगड़ा सहित पार्टियों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
महापंचायत में ये लिए गए निर्णय
महापंचायत में सामूहिक रूप से निर्णय लिया गया कि बेटी की बरामदगी तक ग्रामीणों का धरना जारी रहेगा।
ग्रामीणों द्वारा सामूहिक रूप से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दी जाएगी
लापता बेटी की बरामदगी के लिए की जाने वाली कार्यवाही का पूरा वहन कमेटी उठाएगी।
इस मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिस कर्मचारियों पर कार्रवाई तय की जाए
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