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नगर परिषद की पूर्व चेयरपर्सन सहित तीन अधिकारियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी
Updated Thu, 20 Sep 2018 01:02 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। रेवाड़ी सीजेएम की अदालत ने वर्ष 2015 में नगर परिषद अधिकारियों द्वारा टीडीएस काटकर उसे जमा नहीं कराने के मामले में एक फर्म द्वारा दर्ज कराए मामले में नगर परिषद की तत्कालीन चेयरपर्सन सहित तीन अधिकारियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए हैं। गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद अधिकारियों ने खलबली मच गई है।
यह मामला शहर निवासी डीके भारद्वाज ने अक्टूबर 2015 में शहर थाना में नगर परिषद के खिलाफ दर्ज कराया था। हालांकि उन्होंने अपने द्वारा दर्ज की गई शिकायत में किसी को नामजद नहीं किया था। डीके भारद्वाज ने यह मामला 2013 में नगर परिषद द्वारा प्रॉपर्टी टैक्स यूनिट का विवरण कंप्यूटराइज करने का टेंडर लिया था। उनके द्वारा यह कार्य कंप्यूटरीकृत करने के बाद नगर परिषद ने इनको भुगतान कर दिया था और टीडीएस के तौर पर लगभग 54 हजार रुपये काट लिया गया था। यह टीडीएस काटने के बाद यह पैसा नगर परिषद को आयकर विभाग में जमा कराना था लेकिन आरोप है कि यह राशि जमा नहीं कराई गई थी। शिकायतकर्ता द्वारा हर स्तर पर शिकायत करने के बाद जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने अक्टूबर 2105 में शहर थाना में शिकायत दर्ज कराई। इस शिकायत के बाद शहर थाना पुलिस ने जांच करते हुए इस मामले में डीडी पॉवर रखने वाले अधिकारियों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किए थे। इसके खिलाफ तत्कालीन चेयरपर्सन सहित अन्य अधिकारियों ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करके इस मामले को रद्द करने का अनुरोध किया था। हाईकोर्ट द्वारा इस मामले में कोई राहत नहीं दी। इसकी वजह से यह मामला पिछले काफी समय से लटका हुआ था। जिसके बाद शिकायतकर्ता द्वारा अपने अधिवक्ता के माध्यम से दाखिल की गई चार्जशीट और जांच के आधार पर अधिकारियों की गिरफ्तारी की मांग की। इस पर सीजेेएम की अदालत ने मामले में डीडी पॉवर रखने वाली तत्कालीन चेयरपर्सन शकुंतला भांडोरिया, तत्कालीन कार्यकारी अधिकारी विजयपाल यादव, सुरेश चौहान व सचिव कृष्ण कुमार के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए हैं। इस मामले में अगली सुनवाई 14 जनवरी 2019 तय की गई है।
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रेवाड़ी। रेवाड़ी सीजेएम की अदालत ने वर्ष 2015 में नगर परिषद अधिकारियों द्वारा टीडीएस काटकर उसे जमा नहीं कराने के मामले में एक फर्म द्वारा दर्ज कराए मामले में नगर परिषद की तत्कालीन चेयरपर्सन सहित तीन अधिकारियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए हैं। गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद अधिकारियों ने खलबली मच गई है।
यह मामला शहर निवासी डीके भारद्वाज ने अक्टूबर 2015 में शहर थाना में नगर परिषद के खिलाफ दर्ज कराया था। हालांकि उन्होंने अपने द्वारा दर्ज की गई शिकायत में किसी को नामजद नहीं किया था। डीके भारद्वाज ने यह मामला 2013 में नगर परिषद द्वारा प्रॉपर्टी टैक्स यूनिट का विवरण कंप्यूटराइज करने का टेंडर लिया था। उनके द्वारा यह कार्य कंप्यूटरीकृत करने के बाद नगर परिषद ने इनको भुगतान कर दिया था और टीडीएस के तौर पर लगभग 54 हजार रुपये काट लिया गया था। यह टीडीएस काटने के बाद यह पैसा नगर परिषद को आयकर विभाग में जमा कराना था लेकिन आरोप है कि यह राशि जमा नहीं कराई गई थी। शिकायतकर्ता द्वारा हर स्तर पर शिकायत करने के बाद जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने अक्टूबर 2105 में शहर थाना में शिकायत दर्ज कराई। इस शिकायत के बाद शहर थाना पुलिस ने जांच करते हुए इस मामले में डीडी पॉवर रखने वाले अधिकारियों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किए थे। इसके खिलाफ तत्कालीन चेयरपर्सन सहित अन्य अधिकारियों ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करके इस मामले को रद्द करने का अनुरोध किया था। हाईकोर्ट द्वारा इस मामले में कोई राहत नहीं दी। इसकी वजह से यह मामला पिछले काफी समय से लटका हुआ था। जिसके बाद शिकायतकर्ता द्वारा अपने अधिवक्ता के माध्यम से दाखिल की गई चार्जशीट और जांच के आधार पर अधिकारियों की गिरफ्तारी की मांग की। इस पर सीजेेएम की अदालत ने मामले में डीडी पॉवर रखने वाली तत्कालीन चेयरपर्सन शकुंतला भांडोरिया, तत्कालीन कार्यकारी अधिकारी विजयपाल यादव, सुरेश चौहान व सचिव कृष्ण कुमार के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए हैं। इस मामले में अगली सुनवाई 14 जनवरी 2019 तय की गई है।
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