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आत्महत्या को मजबूर
Updated Sun, 29 Jul 2018 12:38 AM IST
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बिजनेस पार्टनर को आत्महत्या के लिए मजबूर करने पर दो गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। गुरुग्राम के गांव लौकरी निवासी एक ठेकेदार को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के मामले में एसआईटी ने उसके दो साथियों को गिरफ्तार किया है। बिजनेस में पार्टनरों द्वारा दिए गए धोखे से आहत होकर ठेकेदार ने वर्ष 2016 में साहबी नदी में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि गुरुग्राम जिला के लौकरी निवासी अशोक कुमार ने अप्रैल 2016 में साहबी नदी में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद मृतक के भाई की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया था। इसी बीच पुलिस अधीक्षक राजेश दुग्गल ने मामले की जांच को एसआइटी गठित की थी। एसआइटी ने जब मामला खंगाला तो सामने आया कि इस मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपी अलवर गांव अडिंद निवासी ओमप्रकाश व रणबीर सिंह ने उसके साथ धोखा किया था। शिकायत में मृतक के भाई सुरेंद्र ने बताया कि अशोक ने सीकर निवासी महाबीर से जिला जालौर में नर्मदा नदी से खेतों में पानी पहुंचाने का ठेका दिया था तथा अलवर के गांव अंडिद निवासी ओमप्रकाश व रणबीर भी उसके पार्टनर थे। ओमप्रकाश की पत्नी मनीषा देवी ने 9 लाख 75 हजार रुपए चेक से लिए थे। रणबीर व ओमप्रकाश ने उसके भाई को विश्वास में लेकर दो ट्रैक्टर खरीद लिए तथा उनकी डाउन पेमेंट व किश्त अशोक भरता रहा था। दोनों ने उसे ट्रैक्टरों को अशोक के नाम कराने का आश्वासन दिया था। अशोक ने 2 लाख 95 हजार रुपए में महाबीर से एक खोदाई मशीन व कलांवाली निवासी प्रीतम सिंह से 4 लाख 30 हजार रुपए का चेक व 1 लाख 80 हजार नकद देकर एक खोदाई मशीन खरीदी थी। इसके अलावा 9 लाख 36 हजार रुपए में तुंबाहेड़ी निवासी संजीत से एक मशीन ली थी। रणबीर ने धोखे से ट्रैक्टर व खोदाई मशीन का इकरारनामा भी अपने नाम करा लिया। इसके बाद आरोपी ने सभी उपकरण हड़प लिए। इस पर धारूहेड़ा थाना पुलिस ने सभी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। बाद में मामला एसआईटी को ट्रांसफर कर दिया था। टीम के सामने आरोपियों ने अशोक के फर्जी साइन कर झूठे दस्तावेज पेश कर दिए थे, जिससे मामला पूरी तरह उलझ गया। दस्तावेजों में सामने आया कि आरोपियों ने मृतक के फर्जी साइन कर दस्तावेज एसआईटी के सामने पेश किए थे। उसके बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को शनिवार को अदालत में पेश किया गया जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। गुरुग्राम के गांव लौकरी निवासी एक ठेकेदार को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के मामले में एसआईटी ने उसके दो साथियों को गिरफ्तार किया है। बिजनेस में पार्टनरों द्वारा दिए गए धोखे से आहत होकर ठेकेदार ने वर्ष 2016 में साहबी नदी में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि गुरुग्राम जिला के लौकरी निवासी अशोक कुमार ने अप्रैल 2016 में साहबी नदी में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद मृतक के भाई की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया था। इसी बीच पुलिस अधीक्षक राजेश दुग्गल ने मामले की जांच को एसआइटी गठित की थी। एसआइटी ने जब मामला खंगाला तो सामने आया कि इस मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपी अलवर गांव अडिंद निवासी ओमप्रकाश व रणबीर सिंह ने उसके साथ धोखा किया था। शिकायत में मृतक के भाई सुरेंद्र ने बताया कि अशोक ने सीकर निवासी महाबीर से जिला जालौर में नर्मदा नदी से खेतों में पानी पहुंचाने का ठेका दिया था तथा अलवर के गांव अंडिद निवासी ओमप्रकाश व रणबीर भी उसके पार्टनर थे। ओमप्रकाश की पत्नी मनीषा देवी ने 9 लाख 75 हजार रुपए चेक से लिए थे। रणबीर व ओमप्रकाश ने उसके भाई को विश्वास में लेकर दो ट्रैक्टर खरीद लिए तथा उनकी डाउन पेमेंट व किश्त अशोक भरता रहा था। दोनों ने उसे ट्रैक्टरों को अशोक के नाम कराने का आश्वासन दिया था। अशोक ने 2 लाख 95 हजार रुपए में महाबीर से एक खोदाई मशीन व कलांवाली निवासी प्रीतम सिंह से 4 लाख 30 हजार रुपए का चेक व 1 लाख 80 हजार नकद देकर एक खोदाई मशीन खरीदी थी। इसके अलावा 9 लाख 36 हजार रुपए में तुंबाहेड़ी निवासी संजीत से एक मशीन ली थी। रणबीर ने धोखे से ट्रैक्टर व खोदाई मशीन का इकरारनामा भी अपने नाम करा लिया। इसके बाद आरोपी ने सभी उपकरण हड़प लिए। इस पर धारूहेड़ा थाना पुलिस ने सभी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। बाद में मामला एसआईटी को ट्रांसफर कर दिया था। टीम के सामने आरोपियों ने अशोक के फर्जी साइन कर झूठे दस्तावेज पेश कर दिए थे, जिससे मामला पूरी तरह उलझ गया। दस्तावेजों में सामने आया कि आरोपियों ने मृतक के फर्जी साइन कर दस्तावेज एसआईटी के सामने पेश किए थे। उसके बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को शनिवार को अदालत में पेश किया गया जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।