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नाबालिग की बरामदगी

Fri, 05 Oct 2018 12:53 AM IST
Updated Fri, 05 Oct 2018 12:53 AM IST
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नाबालिग की बरामदगी
अमर उजाला ब्यूरो
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बावल (रेवाड़ी)। उपमंडल के गांव मोहनपुर से 27 जून को लापता हुई नाबालिग छात्रा का मामला स्टेट क्राइम ब्रांच को सौंपने के बाद भी छात्रा की बरामदगी नहीं होने के विरोध में वीरवार को ग्रामीणों द्वारा जनस्वास्थ्य राज्य मंत्री डॉ बनवारी लाल के आवास के सामने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। धरने को समर्थन देने के लिए विभिन्न संगठनों के लोग पहुंचे।
बुधवार को बावल के डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क में बावल चौरासी की तरफ से महापंचायत में स्थानीय विधायक एवं प्रदेश में जनस्वास्थ्यश मंत्री डॉ बनवारी लाल के आवास के सामने धरना देने का निर्णय लिया गया था। वीरवार को सुबह करीब दस बजे बावल चौरासी के दर्जनों ग्रामीणों ने मंत्री के आवास के सामने धरना शुरू कर दिया। धरने को समर्थन देने के लिए कांग्रेस की ओर से कैप्टन अजय सिंह यादव, नगर पालिका कर्मचारी संघ, कर्मचारी महासंघ के अलावा जिले की अन्य ग्राम पंचायतों ने समर्थन दिया।
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मामले में पुलिस की लापरवाही : कैप्टन अजय सिंह
कांग्रेस के पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव ने कहा कि पुलिस की लापरवाही के कारण अभी तक नाबालिग छात्रा का सुराग नहीं मिल पाया है। प्रदेश सरकार बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओ की बात करती है जबकि आलम यह है कि प्रदेश में बेटियों की सुरक्षा को लेकर सरकार कतई गंभीर नहीं है।
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27 जून को मोहनपुर से लापता हो गई थी छात्रा
उपमंडल के गांव मोहनपुर से 27 जून की शाम को कक्षा नौवीं की छात्रा रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता हो गई थी। शुरूआत में पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी, लेकिन ग्रामीणों द्वारा गांव में शुरू किए गए धरने के बाद पुलिस ने मामले को अपहरण में बदल दिया। इस दौरान गांव में ही चौरासी गांवों की महापंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें मौके पर पहुंचे तत्कालीन पुलिस अधीक्षक राजेश दुग्गल ने पांच दिनों में छात्रा की बरामदगी का आश्वासन दिया था। लेकिन मामले के तीन माह बाद भी पुलिस ना तो छात्रा का सुराग लगा पाई है और ना ही आरोपी के बारे में कोई जानकारी जुटा पाई है, जिससे लोगों में पुलिस प्रति रोष व्याप्त है।
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