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शहर के पार्को में खूब छलकते हैं जाम, सूचना के बावजूद पुलिस का न पहुंचना बना ‘काम’
Updated Sun, 11 Jun 2017 11:52 PM IST
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शहर के पार्कों में खूब छलकते हैं जाम, सूचना के बावजूद पुलिस का न पहुंचना बना ‘काम’
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
शहर के पार्क जो बच्चों के मनोरंजन और बड़ों के सैर आदि करने के लिए बनाए थे, उनका प्रयोग पार्क से ज्यादा अहातों के रूप में हो रहा है। हालात ये है कि यहां दिन में आम आदमी कम पियक्कड़ ज्यादा नजर आते हैं। यही नहीं पार्क के कोनों में हरी घास की बजाय शराब की बोतल ज्यादा मिलती हैं। और तो और पियक्कड़ हंगामा भी करते हैं पुलिस को सूचना भी दी जाती है, लेकिन शायद ऐसा लग रहा है कि ऐसे मामलों में स्पॉट पर पुलिस का न पहुंचना पुलिस का ‘काम’ बन गया है। रविवार को अमर उजाला के संवाददाता ने शहर के तीन मुख्य पार्क का जायजा लिया और वहां के हालात देखकर पुलिस को सूचना भी दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचने की बात भी कही फिर भी समय पर पुलिस नहीं पहुंची। शहर के मुख्य पार्क नेहरू पार्क, रेजांगला पार्क और संजय गांधी पार्क में दिन में किस तरह शराबियों को जमावड़ा लगता है, पेश है अमर उजाला की ग्राउंड रिपोर्ट।
नेहरू पार्क: सूचना के बाद भी नहीं पुलिस
अमर उजाला संवाददाता ने शहर के नेहरू पार्क में दर्जन भर शराबियों को जमघट लगाए देखा तो बिना पहचान बताए पुलिस कंट्रोल रूम (100) नंबर पर फोन किया। सुबह करीब 11.14 पर कंट्रोल रूम ने कॉल अटेंड की। मामले की पूरी जानकारी पुलिस कंट्रोल रूम पर मौजूद कर्मी को दी गई। आश्वासन मिला कि जल्द ही पुलिस मौके पर पहुंचेगी। सेक्टर-3 पुलिस चौकी से नेहरू पार्क की दूरी दोपहिया वाहन से महज पांच मिनट की होगी। बावजूद इसके 11.35 बजे तक पुलिस मौके पर नहीं पहुंची थी। इस बीच पियक्कड़ पार्क में हंगामा करते हुए जा चुके थे।
रेजागंला पार्क : म्यूजियम के पास ही डेरा
शहीदों के संस्मरण के लिए सेक्टर-19 में बना रेजांगला पार्क। यहां पर वीरों की इतिहास गाथा जानने के लिए वार म्यूजियम भी बनाया गया है। लेकिन अफसोस की बात है कि प्रशासन की अकर्मण्यता और पुलिस की हीलाहवाली के चलते पार्क अब शराबियों का अड्डा बन गया है। यहां पर म्यूजियम के पास ही सुबह से ही शराब पीने-पिलाने का दौर शुरू हो जाता है। जो शाम ढलने के बाद अपने चरम पर होता है। कुछ महीने पहले शराबियों ने हंगामा करते हुए पार्क की सभी बैंचों को भी तोड़ दिया था। बावजूद इसके यहां पर शराब पीने वालों के खिलाफ कभी कोई कार्रवाई नहीं हुई। यहां भी पुलिस को करीब 11 बजे कॉल की गई लेकिन फिर भी कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं देखने को मिली।
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संजय गांधी और राव तुलाराम पार्क का भी यही हाल
अग्रसेन चौक के पास नगर परिषद के ठीक सामने बना है संजय गांधी पार्क। सुभाष चंद्र बोस पार्क के भी नाम से जाना जाने वाला यह पार्क बगल में बने ऐतिहासिक बड़ा तालाब के चलते और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। बावजूद इसके इस पार्क की भी पुलिस और प्रशासन को कोई चिंता नहीं है। पार्क में शराबी और जुआरियों का जमावड़ा लगता है। एक-दो बार पार्क में फायरिंग तक हो चुकी है। इसके अलावा पार्क में घूमने आने वाले लोगों से मारपीट और लूटपाट भी आम बात है। कमोबेश यही हाल राव तुलाराम पार्क का है।
पार्कों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर चेकिंग अभियान चलवाया जाएगा। ऐसी जगह महिलाओं या अन्य लोगों से अभद्रता करने व शराब पीने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। -मो. जमाल, डीएसपी, रेवाड़ी
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
शहर के पार्क जो बच्चों के मनोरंजन और बड़ों के सैर आदि करने के लिए बनाए थे, उनका प्रयोग पार्क से ज्यादा अहातों के रूप में हो रहा है। हालात ये है कि यहां दिन में आम आदमी कम पियक्कड़ ज्यादा नजर आते हैं। यही नहीं पार्क के कोनों में हरी घास की बजाय शराब की बोतल ज्यादा मिलती हैं। और तो और पियक्कड़ हंगामा भी करते हैं पुलिस को सूचना भी दी जाती है, लेकिन शायद ऐसा लग रहा है कि ऐसे मामलों में स्पॉट पर पुलिस का न पहुंचना पुलिस का ‘काम’ बन गया है। रविवार को अमर उजाला के संवाददाता ने शहर के तीन मुख्य पार्क का जायजा लिया और वहां के हालात देखकर पुलिस को सूचना भी दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचने की बात भी कही फिर भी समय पर पुलिस नहीं पहुंची। शहर के मुख्य पार्क नेहरू पार्क, रेजांगला पार्क और संजय गांधी पार्क में दिन में किस तरह शराबियों को जमावड़ा लगता है, पेश है अमर उजाला की ग्राउंड रिपोर्ट।
नेहरू पार्क: सूचना के बाद भी नहीं पुलिस
अमर उजाला संवाददाता ने शहर के नेहरू पार्क में दर्जन भर शराबियों को जमघट लगाए देखा तो बिना पहचान बताए पुलिस कंट्रोल रूम (100) नंबर पर फोन किया। सुबह करीब 11.14 पर कंट्रोल रूम ने कॉल अटेंड की। मामले की पूरी जानकारी पुलिस कंट्रोल रूम पर मौजूद कर्मी को दी गई। आश्वासन मिला कि जल्द ही पुलिस मौके पर पहुंचेगी। सेक्टर-3 पुलिस चौकी से नेहरू पार्क की दूरी दोपहिया वाहन से महज पांच मिनट की होगी। बावजूद इसके 11.35 बजे तक पुलिस मौके पर नहीं पहुंची थी। इस बीच पियक्कड़ पार्क में हंगामा करते हुए जा चुके थे।
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रेजागंला पार्क : म्यूजियम के पास ही डेरा
शहीदों के संस्मरण के लिए सेक्टर-19 में बना रेजांगला पार्क। यहां पर वीरों की इतिहास गाथा जानने के लिए वार म्यूजियम भी बनाया गया है। लेकिन अफसोस की बात है कि प्रशासन की अकर्मण्यता और पुलिस की हीलाहवाली के चलते पार्क अब शराबियों का अड्डा बन गया है। यहां पर म्यूजियम के पास ही सुबह से ही शराब पीने-पिलाने का दौर शुरू हो जाता है। जो शाम ढलने के बाद अपने चरम पर होता है। कुछ महीने पहले शराबियों ने हंगामा करते हुए पार्क की सभी बैंचों को भी तोड़ दिया था। बावजूद इसके यहां पर शराब पीने वालों के खिलाफ कभी कोई कार्रवाई नहीं हुई। यहां भी पुलिस को करीब 11 बजे कॉल की गई लेकिन फिर भी कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं देखने को मिली।
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संजय गांधी और राव तुलाराम पार्क का भी यही हाल
अग्रसेन चौक के पास नगर परिषद के ठीक सामने बना है संजय गांधी पार्क। सुभाष चंद्र बोस पार्क के भी नाम से जाना जाने वाला यह पार्क बगल में बने ऐतिहासिक बड़ा तालाब के चलते और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। बावजूद इसके इस पार्क की भी पुलिस और प्रशासन को कोई चिंता नहीं है। पार्क में शराबी और जुआरियों का जमावड़ा लगता है। एक-दो बार पार्क में फायरिंग तक हो चुकी है। इसके अलावा पार्क में घूमने आने वाले लोगों से मारपीट और लूटपाट भी आम बात है। कमोबेश यही हाल राव तुलाराम पार्क का है।
पार्कों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर चेकिंग अभियान चलवाया जाएगा। ऐसी जगह महिलाओं या अन्य लोगों से अभद्रता करने व शराब पीने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। -मो. जमाल, डीएसपी, रेवाड़ी