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रिहायशी क्षेत्र में चलाई जा रही फैक्ट्री
Updated Tue, 06 Feb 2018 01:01 AM IST
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फैक्ट्री में लगी आग, तीन दमकल गाड़ियों ने 300 मीटर दूर से दो घंटे में पाया काबू
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
शहर के सरकुलर रोड स्थित मोहल्ला आर्य नगर में सोमवार सुबह एक नमकीन बनाने की फैक्ट्री में डीजल की भट्टी में आग लग गई। आग इतनी भयंकर थी कि देखते ही देखते लाखों रुपये का सामान जल गया। दमकल की तीन गाड़ियों ने दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। घटना के समय करीब दर्जनभर श्रमिक अंदर थे।
जानकारी के अनुसार सरकुलर रोड पर आर्य नगर में लंबे समय से संगम नमकीन के नाम से फैक्ट्री चलाई जा रही थी। इसमें 20 से 25 श्रमिक काम करते हैं। सोमवार सुबह करीब नौ बजे श्रमिकों ने डीजल की भट्टी पर काम करना शुरू किया था। कढ़ाई में तेल डालते समय अचानक आग लग गई। आग की लपटों को देखकर श्रमिकों में भगदड़ मच गई। दमकल को भी सूचना दी गई। दमकल भी थोड़ी ही देर में मौके पर पहुंच गई। लेकिन तंग गली होने से गाड़ियां घटनास्थल पर नहीं पहुंच सकी। बाद में गाड़ियों को करीब 300 मीटर दूर खड़ी कर पाइपों से आग पर काबू पाने का प्रयास किया। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्त के बाद आग पर काबू पाया गया। इस दौरान फैक्ट्री का सामान जल कर स्वाह हो चुका था। सिटी पुलिस ने इस मामले में इत्तेफाकिया कार्रवाई की है।
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नियमों को ताक पर रख चलाई जा रही थी फैक्ट्री
नियमों के अनुसार रिहायशी क्षेत्रों में किसी तरह की फैक्ट्री चलाना गैर कानूनी है। इसके बावजूद शहर के रिहायशी क्षेत्र में करीब दो दर्जन फैक्ट्रियां संचालित हैं। इनमें उत्तमनगर, विजयनगर, आर्यनगर, सेक्टर पांच, टीपी स्कीम, नसीयाजी रोड, गोपालदेव चौक के समीप, कुतुबपुर व शक्तिनगर शामिल हैं। इन फैक्ट्रियों में नमकीन, बिस्कुट व पापड़ आदि बनाने का कार्य किया जाता है। वहीं इस मामले में ईओ मनोज यादव ने कहा कि नगर परिषद समय-समय पर ऐसी फैक्ट्रियों पर कार्रवाई करती है। पुन: ऐसी फैक्ट्रियों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी।
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जिले में 11 दमकल
जिले में करीब 10 लाख की आबादी है। यहां धारूहेड़ा और बावल औद्योगिक क्षेत्र हैं। इनसे 1200 कंपनियां संचालित हैं। ऐसे में आग लगने पर इसे बुझाने का जिम्मा 11 दमकलों पर है। इनमें पांच रेवाड़ी शहर, तीन बावल, दो धारूहेड़ा और एक कोसली में है। इसके अतिरिक्त बड़ा हादसा होने पर आसपास के जिलों से भी मदद ली जाती है।
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पहले ये हो चुके हैं हादसे
- जनवरी 2017 में बावल औद्योगिक क्षेत्र में एक कारखाने की भट्टी में आग से दो मजदूरों की मौत व पांच गंभीर हुए थे।
- जनवरी 2017 को धारूहेड़ा के कार शोरूम में आग लगी थी।
- मई 2017 को शहर के खुराना गारमेंट्स में आग लग गई थी।
- 2017 जुलाई को सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक में आग लगी थी।
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
शहर के सरकुलर रोड स्थित मोहल्ला आर्य नगर में सोमवार सुबह एक नमकीन बनाने की फैक्ट्री में डीजल की भट्टी में आग लग गई। आग इतनी भयंकर थी कि देखते ही देखते लाखों रुपये का सामान जल गया। दमकल की तीन गाड़ियों ने दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। घटना के समय करीब दर्जनभर श्रमिक अंदर थे।
जानकारी के अनुसार सरकुलर रोड पर आर्य नगर में लंबे समय से संगम नमकीन के नाम से फैक्ट्री चलाई जा रही थी। इसमें 20 से 25 श्रमिक काम करते हैं। सोमवार सुबह करीब नौ बजे श्रमिकों ने डीजल की भट्टी पर काम करना शुरू किया था। कढ़ाई में तेल डालते समय अचानक आग लग गई। आग की लपटों को देखकर श्रमिकों में भगदड़ मच गई। दमकल को भी सूचना दी गई। दमकल भी थोड़ी ही देर में मौके पर पहुंच गई। लेकिन तंग गली होने से गाड़ियां घटनास्थल पर नहीं पहुंच सकी। बाद में गाड़ियों को करीब 300 मीटर दूर खड़ी कर पाइपों से आग पर काबू पाने का प्रयास किया। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्त के बाद आग पर काबू पाया गया। इस दौरान फैक्ट्री का सामान जल कर स्वाह हो चुका था। सिटी पुलिस ने इस मामले में इत्तेफाकिया कार्रवाई की है।
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नियमों को ताक पर रख चलाई जा रही थी फैक्ट्री
नियमों के अनुसार रिहायशी क्षेत्रों में किसी तरह की फैक्ट्री चलाना गैर कानूनी है। इसके बावजूद शहर के रिहायशी क्षेत्र में करीब दो दर्जन फैक्ट्रियां संचालित हैं। इनमें उत्तमनगर, विजयनगर, आर्यनगर, सेक्टर पांच, टीपी स्कीम, नसीयाजी रोड, गोपालदेव चौक के समीप, कुतुबपुर व शक्तिनगर शामिल हैं। इन फैक्ट्रियों में नमकीन, बिस्कुट व पापड़ आदि बनाने का कार्य किया जाता है। वहीं इस मामले में ईओ मनोज यादव ने कहा कि नगर परिषद समय-समय पर ऐसी फैक्ट्रियों पर कार्रवाई करती है। पुन: ऐसी फैक्ट्रियों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी।
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जिले में 11 दमकल
जिले में करीब 10 लाख की आबादी है। यहां धारूहेड़ा और बावल औद्योगिक क्षेत्र हैं। इनसे 1200 कंपनियां संचालित हैं। ऐसे में आग लगने पर इसे बुझाने का जिम्मा 11 दमकलों पर है। इनमें पांच रेवाड़ी शहर, तीन बावल, दो धारूहेड़ा और एक कोसली में है। इसके अतिरिक्त बड़ा हादसा होने पर आसपास के जिलों से भी मदद ली जाती है।
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पहले ये हो चुके हैं हादसे
- जनवरी 2017 में बावल औद्योगिक क्षेत्र में एक कारखाने की भट्टी में आग से दो मजदूरों की मौत व पांच गंभीर हुए थे।
- जनवरी 2017 को धारूहेड़ा के कार शोरूम में आग लगी थी।
- मई 2017 को शहर के खुराना गारमेंट्स में आग लग गई थी।
- 2017 जुलाई को सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक में आग लगी थी।