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पुलिस का देख भागे ट्रक चालक कुएं में गिरे, एक की मौत
ब्यूरो /अमर उजाला
Updated Mon, 10 Oct 2016 01:09 AM IST
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हाइवे पर ओवरलोड वाहनों और अन्य आपराधिक वारदातों पर लगाम कसने के लिए चलने वाली खाकी ही रविवार अलसुबह संदेह के घेरे में आ गई। रोकने पर ट्रक से उतरे दो चालक पुलिस से बचने के चक्कर में भागते समय कुछ मीटर दूर बने कुएं में गिर गए। हादसे में एक की मौत हो गई, जबकि दूसरा भी गंभीर रूप से घायल हो गया। धारूहेड़ा में निखरी कट के पास हुई घटना के बाद सुबह ही एसपी, डीएसपी और अन्य पुलिस अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंची। वहीं तहसीलदार नौरंगराय भी ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर पहुंचे। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
जानकारी के अनुसार फरीदाबाद जिले के गांव मोहताबाद पावटा निवासी भगत सिंह (25) और उसके ही गांव का सुमित(25) ट्रक में पत्थर लेकर जयपुर की ओर जा रहे थे। धारूहेड़ा में निखरी कट के पास स्थानीय पुलिस नाका लगाकर चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान दोनों का ट्रक नाके के पास पहुंचा। यहां ट्रक खड़ा कर भगत और सुमित नीचे उतरे। इसके बाद किसी बात पर दोनों वहां से भागने लगे और अंधेरा होने के चलते हाइवे से करीब 10 मीटर दूरी पर बने कुएं में जा गिरे।
कुएं में लगे पाइप ने बचाई सुमित की जान
भगत सिंह करीब 40 फीट गहरे कुएं में नीचे गिर गया। जबकि सुमित कुएं के बीच में लगे पाइप के जरिये बीच में ही अटक गया। इससे सुमित की जान बच गई, हालांकि वह गंभीर रूप से घायल हो गया। बताया जाता है कि इस दौरान पीछे दौड़े पुलिसकर्मी दोनों को कुएं में गिरता देख मौके से वापस चले गए।
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फायर ब्रिगेड ने कड़ी मशक्कत कर निकाला बाहर
अन्य साथी ट्रक चालकों ने मामले की जानकारी कंट्रोल रूम पर देने के साथ ही फायर ब्रिगेड को दी। करीब छह बजे फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंची। भगत सिंह और सुमित को कुएं से निकालने की मशक्कत शुरू हुई और करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मेहनत के बाद कुएं में बेसुध पड़े भगत सिंह और सुमित को बाहर निकाला जा सका।
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अवैध वसूली का लग रहा है आरोप
मामले पर हाइवे पर ट्रक चलाने वाले अन्य चालकों में रोष दिखा। उनका कहना था कि पुलिस की अवैध वसूली के चलते कई बार ट्रक चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस मामले में भी ऐसा ही था जो दो पुलिसकर्मी भगत सिंह और सुमित को दौड़ा रहे थे, वे ट्रक आगे जाने के बदले रुपयों की मांग कर रहे थे। इस तरह की वसूली देर रात होते खुलेआम देखी जा सकती है। चाहे वाहन ओवरलोड हो या अंडरलोड वसूली देनी ही पड़ती है। पैसे न देने पर उसके साथ बदसलूकी की जाती है और उनके टायरों की हवा तक निकाल दी जाती है।
ड्यूटी मजिस्ट्रेट और खुद एसपी का आना बता रहा पेचीदगी
एनएच-8 पर हुई इस घटना को वैसे तो आमतौर पर होने वाली घटनाओं में शुमार किया जा रहा है, लेकिन सुबह के इस मामले के बाद स्थानीय पुलिस थाना फोर्स के अलावा सीआईए समेत चार थाना फोर्स पहुंचना। वहीं ड्यूटी मजिस्ट्रेट के रूप में तहसीलदार नौरंगराय का आना और डीएसपी को लेकर खुद एसपी संगीता कालिया का पहुंचना दिखा रहा है कि मामला पेचीदा है और कहीं न कहीं यहां संदिग्ध भूमिका रही है।
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डीएसपी ने कहा: मामले की होगी सही जांच
मामले के बाबत पूछने पर एसपी ने बात करने के लिए डीएसपी सतपाल सिंह को आगे कर दिया। डीएसपी ने कहा कि दोनों युवक कुएं में क्यों और कैसे गिरे यह फिलहाल जांच का विषय है। सुमित के बयान देने पर स्थिति साफ होगी। हां, मामले की निष्पक्ष जांच होगी और जो भी दोषी है उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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जानकारी के अनुसार फरीदाबाद जिले के गांव मोहताबाद पावटा निवासी भगत सिंह (25) और उसके ही गांव का सुमित(25) ट्रक में पत्थर लेकर जयपुर की ओर जा रहे थे। धारूहेड़ा में निखरी कट के पास स्थानीय पुलिस नाका लगाकर चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान दोनों का ट्रक नाके के पास पहुंचा। यहां ट्रक खड़ा कर भगत और सुमित नीचे उतरे। इसके बाद किसी बात पर दोनों वहां से भागने लगे और अंधेरा होने के चलते हाइवे से करीब 10 मीटर दूरी पर बने कुएं में जा गिरे।
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कुएं में लगे पाइप ने बचाई सुमित की जान
भगत सिंह करीब 40 फीट गहरे कुएं में नीचे गिर गया। जबकि सुमित कुएं के बीच में लगे पाइप के जरिये बीच में ही अटक गया। इससे सुमित की जान बच गई, हालांकि वह गंभीर रूप से घायल हो गया। बताया जाता है कि इस दौरान पीछे दौड़े पुलिसकर्मी दोनों को कुएं में गिरता देख मौके से वापस चले गए।
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फायर ब्रिगेड ने कड़ी मशक्कत कर निकाला बाहर
अन्य साथी ट्रक चालकों ने मामले की जानकारी कंट्रोल रूम पर देने के साथ ही फायर ब्रिगेड को दी। करीब छह बजे फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंची। भगत सिंह और सुमित को कुएं से निकालने की मशक्कत शुरू हुई और करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मेहनत के बाद कुएं में बेसुध पड़े भगत सिंह और सुमित को बाहर निकाला जा सका।
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अवैध वसूली का लग रहा है आरोप
मामले पर हाइवे पर ट्रक चलाने वाले अन्य चालकों में रोष दिखा। उनका कहना था कि पुलिस की अवैध वसूली के चलते कई बार ट्रक चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस मामले में भी ऐसा ही था जो दो पुलिसकर्मी भगत सिंह और सुमित को दौड़ा रहे थे, वे ट्रक आगे जाने के बदले रुपयों की मांग कर रहे थे। इस तरह की वसूली देर रात होते खुलेआम देखी जा सकती है। चाहे वाहन ओवरलोड हो या अंडरलोड वसूली देनी ही पड़ती है। पैसे न देने पर उसके साथ बदसलूकी की जाती है और उनके टायरों की हवा तक निकाल दी जाती है।
ड्यूटी मजिस्ट्रेट और खुद एसपी का आना बता रहा पेचीदगी
एनएच-8 पर हुई इस घटना को वैसे तो आमतौर पर होने वाली घटनाओं में शुमार किया जा रहा है, लेकिन सुबह के इस मामले के बाद स्थानीय पुलिस थाना फोर्स के अलावा सीआईए समेत चार थाना फोर्स पहुंचना। वहीं ड्यूटी मजिस्ट्रेट के रूप में तहसीलदार नौरंगराय का आना और डीएसपी को लेकर खुद एसपी संगीता कालिया का पहुंचना दिखा रहा है कि मामला पेचीदा है और कहीं न कहीं यहां संदिग्ध भूमिका रही है।
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डीएसपी ने कहा: मामले की होगी सही जांच
मामले के बाबत पूछने पर एसपी ने बात करने के लिए डीएसपी सतपाल सिंह को आगे कर दिया। डीएसपी ने कहा कि दोनों युवक कुएं में क्यों और कैसे गिरे यह फिलहाल जांच का विषय है। सुमित के बयान देने पर स्थिति साफ होगी। हां, मामले की निष्पक्ष जांच होगी और जो भी दोषी है उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।