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Rewari News: नो-पार्किंग जोन में वाहन खड़ा करने के दोषी पर कोर्ट ने लगाया जुर्माना
Mon, 05 Jan 2026 12:12 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 05 Jan 2026 12:12 AM IST
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रेवाड़ी। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी जोगिंद्री की अदालत ने रेलवे स्टेशन क्षेत्र में नो-पार्किंग जोन में वाहन खड़ा करने और रेलवे कर्मियों के निर्देशों की अवहेलना के मामले में गढ़थला निवासी आरोपी लोकेश को दोषी करार देते हुए उसके ऊपर 300 रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माने की राशि जमा करने के बाद दोषी को रिहा कर दिया गया।
रेलवे सुरक्षा बल ने शिकायत दायर की थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि 1 जून 2025 को रेलवे स्टेशन रेवाड़ी क्षेत्र में लोकेश ने अपना वाहन नो पार्किंग एरिया में खड़ा किया। उसने रेलवे कर्मचारी के निर्देश की अवहेलना की। इसे रेलवे अधिनियम की धारा 159 के तहत अपराध माना गया।
आरोपी को अदालत में पेश किया गया। मामले में आरोपी को धारा 159 रेलवे अधिनियम के तहत नोटिस दिया गया। सुनवाई के दौरान आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार स्वीकार किया और किसी प्रकार के ट्रायल की मांग नहीं की।
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सजा के निर्धारण के दौरान रेलवे की ओर से सहायक लोक अभियोजक उपस्थित रहे जबकि आरोपी पुलिस जमानत पर था और उसकी ओर से लीगल एड काउंसिल ने पैरवी की। सभी तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने दोषी पर 300 रुपये जुर्माना लगाया। दोषी ने जुर्माने की राशि जमा कर दी। इसके बाद उसे रिहा कर दिया गया।
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रेलवे सुरक्षा बल ने शिकायत दायर की थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि 1 जून 2025 को रेलवे स्टेशन रेवाड़ी क्षेत्र में लोकेश ने अपना वाहन नो पार्किंग एरिया में खड़ा किया। उसने रेलवे कर्मचारी के निर्देश की अवहेलना की। इसे रेलवे अधिनियम की धारा 159 के तहत अपराध माना गया।
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आरोपी को अदालत में पेश किया गया। मामले में आरोपी को धारा 159 रेलवे अधिनियम के तहत नोटिस दिया गया। सुनवाई के दौरान आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार स्वीकार किया और किसी प्रकार के ट्रायल की मांग नहीं की।
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सजा के निर्धारण के दौरान रेलवे की ओर से सहायक लोक अभियोजक उपस्थित रहे जबकि आरोपी पुलिस जमानत पर था और उसकी ओर से लीगल एड काउंसिल ने पैरवी की। सभी तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने दोषी पर 300 रुपये जुर्माना लगाया। दोषी ने जुर्माने की राशि जमा कर दी। इसके बाद उसे रिहा कर दिया गया।