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जनहित के मुद्दों पर नई रणनीति बनाएंगे 31 वार्डों के पार्षद
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उपायुक्त से मिलने पहुंचे नगर पार्षद।
- फोटो : Rewari
रेवाड़ी। शहरी सरकार की राजनीति अब करवट बदल रही है। जनहित के मुद्दों पर चुप्पी साधे पार्षद नई रणनीति के तहत अब अपना मुंह खोलने लगे हैं और इसका असर जल्द शहर के 31 वार्डों में विकास कार्यों पर देखने को मिल सकता है। इस संबंध में कुछ पार्षदों ने ऐसे संकेत दिए हैं, जिनसे शहर की जनहित से जुड़ी मांगों और समस्याओं के समाधान की राह निकलती नजर आती है। नप के दो अधिकारियों के खिलाफ विजिलेंस जांच में कुछ पार्षदों को नोटिस आने के बाद जिला नगर आयुक्त भारत भूषण गोगिया के कार्यालय पर पार्षदों का विरोध प्रदर्शन इस बात का साफ संकेत देता है कि ये लोग नगर के विकास को लेकर अब एकजुट होने की दिशा में आगे बढ़ चुके हैं। इसका अगला कदम उपायुक्त यशेंद्र सिंह से करीब दो दर्जन पार्षदों की उस मुलाकात को मान सकते हैं, जिसमें राजस्व विभाग की ओर से नगर परिषद का 24 करोड़ रुपये बकाया धन वापस दिलाने की गुहार लगाई गई। पार्षदों की मानें तो जल्द एक गोपनीय बैठक बुलाकर शहर के अहम मुद्दाें पर वे अपनी एकराय बनाकर नई रणनीति तैयार करेंगे।
पार्षदों ने अपनी पहचान गोपनीय रखने की शर्त पर कहा कि समय आने पर मीडिया में भी इस संबंध में सटीक जानकारी दी जाएगी, लेकिन यह बैठक कब और किस दिन बुलाई जाएगी, इस संबंध में पार्षद अभी मुंह नहीं खोल रहे। जिला नगर आयुक्त भारत भूषण गोगिया से शुक्रवार को पानीपत में सरकार की ओर से आयोजित 400वें प्रकाशोत्सव के लिए शहरवासियों की भागीदारी को लेकर बुलाई गई बैठक के बाद उक्त अधिकारी के कार्यालय के बाहर जो हंगामा हुआ, उससे अब पूरा शहर वाकिफ हो चुका है। अन्दरुनी जानकारी यह मिली है कि पार्षदों की यह गोपनीय बैठक इसी सप्ताह किसी भी दिन बुलाई जा सकती है और अगले सप्ताह में पार्षद अपनी अगली सियासी चाल की घोषणा कर सकते हैं।
उधर जिलास्तरीय निगरानी कमेटी, जो नगर परिषद की ओर से कराए जाने वाले विकास कार्यों पर निगरानी रखने के लिए बनवाई गई थी, उसमें शामिल दो लोगों सुनील ग्रोवर और विवेक धींगड़ा को हटाने की मांग मार्च में नगर परिषद की आम बैठक और बजट बैठक में भी उठी थी, उसके बाद बीते शुक्रवार को जिला नगर आयुक्त के कार्यालय में भी इस कमेटी को भंग करने का मुद्दा उठा और जब उक्त अधिकारी ने अपने हाथ खड़े कर दिए तो पार्षदों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और देर शाम तक कमेटी को भंग करके नप सदस्यों को इसमें शामिल करने और इस कमेटी के पुनर्गठन के संकेत देते हुए शहरी स्थानीय निकाय विभाग की ओर से एक पत्र भी जारी कर दिया गया।
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इसी बीच एक नया घटनाक्रम भी सामने आया कि सरकार के एक आदेश के अनुसार जिला नगर आयुक्त भारत भूषण गोगिया द्वारा जिले में रिक्त अतिरिक्त जिला उपायुक्त के पद पर 15 दिनों के लिए पदभार संभाला गया है। ऐसी सूरत में अब पार्षदों की एकजुटता क्या गुल खिलाएगी, यह आने वाला वक्त बताएगा। फिलहाल अधिकतर पार्षद मामले में चुप्पी साधकर बैठे हैं।
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पार्षदों ने अपनी पहचान गोपनीय रखने की शर्त पर कहा कि समय आने पर मीडिया में भी इस संबंध में सटीक जानकारी दी जाएगी, लेकिन यह बैठक कब और किस दिन बुलाई जाएगी, इस संबंध में पार्षद अभी मुंह नहीं खोल रहे। जिला नगर आयुक्त भारत भूषण गोगिया से शुक्रवार को पानीपत में सरकार की ओर से आयोजित 400वें प्रकाशोत्सव के लिए शहरवासियों की भागीदारी को लेकर बुलाई गई बैठक के बाद उक्त अधिकारी के कार्यालय के बाहर जो हंगामा हुआ, उससे अब पूरा शहर वाकिफ हो चुका है। अन्दरुनी जानकारी यह मिली है कि पार्षदों की यह गोपनीय बैठक इसी सप्ताह किसी भी दिन बुलाई जा सकती है और अगले सप्ताह में पार्षद अपनी अगली सियासी चाल की घोषणा कर सकते हैं।
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उधर जिलास्तरीय निगरानी कमेटी, जो नगर परिषद की ओर से कराए जाने वाले विकास कार्यों पर निगरानी रखने के लिए बनवाई गई थी, उसमें शामिल दो लोगों सुनील ग्रोवर और विवेक धींगड़ा को हटाने की मांग मार्च में नगर परिषद की आम बैठक और बजट बैठक में भी उठी थी, उसके बाद बीते शुक्रवार को जिला नगर आयुक्त के कार्यालय में भी इस कमेटी को भंग करने का मुद्दा उठा और जब उक्त अधिकारी ने अपने हाथ खड़े कर दिए तो पार्षदों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और देर शाम तक कमेटी को भंग करके नप सदस्यों को इसमें शामिल करने और इस कमेटी के पुनर्गठन के संकेत देते हुए शहरी स्थानीय निकाय विभाग की ओर से एक पत्र भी जारी कर दिया गया।
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इसी बीच एक नया घटनाक्रम भी सामने आया कि सरकार के एक आदेश के अनुसार जिला नगर आयुक्त भारत भूषण गोगिया द्वारा जिले में रिक्त अतिरिक्त जिला उपायुक्त के पद पर 15 दिनों के लिए पदभार संभाला गया है। ऐसी सूरत में अब पार्षदों की एकजुटता क्या गुल खिलाएगी, यह आने वाला वक्त बताएगा। फिलहाल अधिकतर पार्षद मामले में चुप्पी साधकर बैठे हैं।