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Rewari News: नौ प्रतिशत ब्याज सहित लौटानी होगी खराब एलईडी की कीमत
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रेवाड़ी। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने कंपनी से खराब एलईडी की राशि ब्याज सहित ग्राहक को वापस लौटाने के आदेश दिए है। आयोग ने दस हजार रुपये क्षतिपूर्ति राशि व 11 हजार रुपये वाद खर्च देने के आदेश भी दिए हैं। सारी राशि एक माह में देनी होगी।
शिकायर्ता उत्तम नगर के रहने वाले देवेंद्र शर्मा ने दो सितंबर 2018 को बीएमजी मॉल स्थित एक रिटेल स्टोर से 26 हजार 650 रुपये में एक एलईडी खरीदी थी। एलईडी पर तीन साल की वारंटी भी दी गई थी। खरीदने के कुछ समय बाद ही एलईडी में स्क्रीन, स्पीकर व डिस्पले सेटिंग से संबंधित खराबी आ गई थी। देवेंद्र द्वारा शिकायत के बाद एलईडी को रिपेयर कर वापस दिया गया था। रिपेयर करने के कुछ समय बाद फिर से एलईडी में खराब आ गई। वह दोबारा रिपेयर के लिए लेकर गए तो कंपनी द्वारा कोई मदद नहीं की गई। बार-बार चक्कर लगाने के बाद भी जब एलईडी की मरम्मत नहीं की गई तो देवेंद्र ने कंपनी के विरुद्ध जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के समक्ष याचिका दायर की।
पीड़ित की ओर से एडवोकेट अनूप धनखड़ ने मामले की पैरवी करते हुए आयोग के समक्ष सभी साक्ष्य प्रस्तुत किए। सुनवाई के बाद आयोग के चेयरमैन संजय कुमार खंडूजा व सदस्य ऋषिदत्त कौशिक ने अपने निर्णय में कहा है कि कंपनी उपभोक्ता को डिफेक्ट एलईडी के बदले उसी मॉडल की एलईडी दें या एलईडी की पूरी राशि 26 हजार 650 रुपये नौ प्रतिशत ब्याज के साथ वापस लौटाए। आयोग ने दस हजार रुपये क्षतिपूर्ति राशि व 11 हजार रुपये वाद खर्च देने के आदेश भी दिए है। सभी राशि एक माह में देनी होगी।
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शिकायर्ता उत्तम नगर के रहने वाले देवेंद्र शर्मा ने दो सितंबर 2018 को बीएमजी मॉल स्थित एक रिटेल स्टोर से 26 हजार 650 रुपये में एक एलईडी खरीदी थी। एलईडी पर तीन साल की वारंटी भी दी गई थी। खरीदने के कुछ समय बाद ही एलईडी में स्क्रीन, स्पीकर व डिस्पले सेटिंग से संबंधित खराबी आ गई थी। देवेंद्र द्वारा शिकायत के बाद एलईडी को रिपेयर कर वापस दिया गया था। रिपेयर करने के कुछ समय बाद फिर से एलईडी में खराब आ गई। वह दोबारा रिपेयर के लिए लेकर गए तो कंपनी द्वारा कोई मदद नहीं की गई। बार-बार चक्कर लगाने के बाद भी जब एलईडी की मरम्मत नहीं की गई तो देवेंद्र ने कंपनी के विरुद्ध जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के समक्ष याचिका दायर की।
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पीड़ित की ओर से एडवोकेट अनूप धनखड़ ने मामले की पैरवी करते हुए आयोग के समक्ष सभी साक्ष्य प्रस्तुत किए। सुनवाई के बाद आयोग के चेयरमैन संजय कुमार खंडूजा व सदस्य ऋषिदत्त कौशिक ने अपने निर्णय में कहा है कि कंपनी उपभोक्ता को डिफेक्ट एलईडी के बदले उसी मॉडल की एलईडी दें या एलईडी की पूरी राशि 26 हजार 650 रुपये नौ प्रतिशत ब्याज के साथ वापस लौटाए। आयोग ने दस हजार रुपये क्षतिपूर्ति राशि व 11 हजार रुपये वाद खर्च देने के आदेश भी दिए है। सभी राशि एक माह में देनी होगी।
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