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कोरोना संक्रमित बेटे और मां की तीन दिन के अंतर पर हो गई मौत
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जगदीश यादव
कोसली (रेवाड़ी)। कोरोना महामारी में कई परिवारों उजड़ गए हैं। महामारी के इस दौर में कईयों ने एक साथ अपने दो परिजनों को खो दिया। ऐसी ही एक दर्द भरीं दास्तां है मुमतापुर गांव के एक परिवार का है। घर में पहले 50 वर्षीय रामकिशन के बाद उनकी 80 साल मां माड़ी देवी की तीन दिन के अंतराल में ही दम तोड़ दिया। एक सप्ताह में घर के दो लोगों की मौत से परिवार पर पहाड़ टूट गया। अब घर पर कोई जिम्मेदार नहीं बचा है। राम किशन के दो बेटे और दोनों बाहर है। गांव में राम किशन की पत्नी बची है। कोरोना महामारी से दोनों की मौत से गांव में मातम पसर गया। दोनों बेटा-मां का उपचार कोसली नागरिक अस्पताल में हुआ था। पहले राम किशन को चार मई भर्ती कराया गया था। जांच में उनकी मां को सात मई को संक्रमित मिली। उन्हें भी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान तीन दिन के अंतर में दोनों की मौत हो गई।
मुमतापुर गांव के पूर्व सरपंच ने कीरत सिंह ने बताया कि बुखार होने की शिकायत पर कोसली अस्पताल में पहले राम किशन को भर्ती कराया गया था। जहां पर उसकी और उसकी मां की मौत हो गई। घर पर राम किशन की पत्नी और बुजुर्ग पिता बचे है। बच्चे बाहर रहते थे। बता दें कि गांवों में में मौतों का सिलसिला भी अभी तक थमा नहीं है।नाहड़, भडंगी व मुमताजपुर गांव 10 से ज्यादा मौत होने से ग्रामीणों में दहशत है। तहसीलदार जितेंद्र कुमार का कहना हैं कि नाहड़ , भड़गी में एक सप्ताह में काफी मौत की बात सामने आई है, लेकिन कारणों का कोई खुलासा नहीं हुआ है। ग्रामीणों को टेस्टिंग व टीकाकरण के लिए प्रोत्साहित करने का कार्य भी आपस में एक दूसरे को किया जाए।(संवाद)
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कोसली (रेवाड़ी)। कोरोना महामारी में कई परिवारों उजड़ गए हैं। महामारी के इस दौर में कईयों ने एक साथ अपने दो परिजनों को खो दिया। ऐसी ही एक दर्द भरीं दास्तां है मुमतापुर गांव के एक परिवार का है। घर में पहले 50 वर्षीय रामकिशन के बाद उनकी 80 साल मां माड़ी देवी की तीन दिन के अंतराल में ही दम तोड़ दिया। एक सप्ताह में घर के दो लोगों की मौत से परिवार पर पहाड़ टूट गया। अब घर पर कोई जिम्मेदार नहीं बचा है। राम किशन के दो बेटे और दोनों बाहर है। गांव में राम किशन की पत्नी बची है। कोरोना महामारी से दोनों की मौत से गांव में मातम पसर गया। दोनों बेटा-मां का उपचार कोसली नागरिक अस्पताल में हुआ था। पहले राम किशन को चार मई भर्ती कराया गया था। जांच में उनकी मां को सात मई को संक्रमित मिली। उन्हें भी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान तीन दिन के अंतर में दोनों की मौत हो गई।
मुमतापुर गांव के पूर्व सरपंच ने कीरत सिंह ने बताया कि बुखार होने की शिकायत पर कोसली अस्पताल में पहले राम किशन को भर्ती कराया गया था। जहां पर उसकी और उसकी मां की मौत हो गई। घर पर राम किशन की पत्नी और बुजुर्ग पिता बचे है। बच्चे बाहर रहते थे। बता दें कि गांवों में में मौतों का सिलसिला भी अभी तक थमा नहीं है।नाहड़, भडंगी व मुमताजपुर गांव 10 से ज्यादा मौत होने से ग्रामीणों में दहशत है। तहसीलदार जितेंद्र कुमार का कहना हैं कि नाहड़ , भड़गी में एक सप्ताह में काफी मौत की बात सामने आई है, लेकिन कारणों का कोई खुलासा नहीं हुआ है। ग्रामीणों को टेस्टिंग व टीकाकरण के लिए प्रोत्साहित करने का कार्य भी आपस में एक दूसरे को किया जाए।(संवाद)
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