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Rewari News: ततारपुर में खेल उत्कृष्टता केंद्र का निर्माण अधर में
Fri, 17 Jul 2026 11:11 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 17 Jul 2026 11:11 PM IST
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विद्यालय के इस जगह पर विकसित होगी सेंटर आफ एक्सीलेंस इन सपोर्ट परियोजना। संवाद
रेवाड़ी। गांव ततारपुर इस्तमुरार स्थित राजकीय संस्कृति मॉडल स्कूल में प्रस्तावित खेल उत्कृष्टता केंद्र (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन स्पोर्ट्स) का निर्माण एक साल से अधर में अटका हुआ है। यह परियोजना समय पर पूरी हो जाती तो सरकारी और निजी स्कूलों के विद्यार्थियों को आधुनिक खेल सुविधाओं का लाभ मिलना शुरू हो जाता।
नेटबॉल और कबड्डी के खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण और अभ्यास की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए खेल उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने की योजना बनाई गई है। करीब एक वर्ष पहले पंचकूला से आई विशेष टीम ने स्कूल का निरीक्षण कर भूमि, खेल मैदान और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का सर्वे किया था।
जांच के बाद प्रस्ताव को मंजूरी भी दे दी गई, लेकिन इसके बावजूद अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। इससे जिले के उभरते खिलाड़ियों और विद्यार्थियों को आधुनिक खेल संसाधनों के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
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एईओ भूपेंद्र ने बताया कि परियोजना की पूरी निगरानी पंचकूला स्तर से की जा रही है। बजट जारी करने और अन्य प्रशासनिक निर्णय भी वहीं से लिए जा रहे हैं। इसलिए स्थानीय स्तर पर निर्माण कार्य शुरू करने का निर्णय नहीं लिया जा सकता।
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनने के बाद राजकीय संस्कृति मॉडल स्कूल में खेल मैदान सहित आधुनिक खेल अधोसंरचना विकसित की जाएगी। इससे जिले के खिलाड़ी नियमित अभ्यास कर सकेंगे और उन्हें राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर तैयारी का अवसर मिलेगा। यह परियोजना रेवाड़ी को खेल क्षेत्र में नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
निदेशालय स्तर पर हर तीन माह में होगी समीक्षा
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन स्पोर्ट्स शुरू होने के बाद इसकी प्रगति और खिलाड़ियों के प्रदर्शन की समीक्षा हर तीन माह में निदेशालय स्तर पर की जाएगी। इस सेंटर के माध्यम से आगामी ओलंपिक खेलों के लिए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का बेस पूल तैयार करने की योजना है। परियोजना का मुख्य उद्देश्य मिशन ओलंपिक को मजबूत करना है, ताकि हरियाणा के अधिक से अधिक खिलाड़ी ओलंपिक में पदक जीतकर प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सकें। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए स्कूलों को खेलों के लिए आदर्श मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके तहत खेल मैदानों का विकास, आधुनिक खेल सामग्री उपलब्ध कराना और प्रशिक्षित कोचों की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा, जिससे खिलाड़ियों को शुरुआती स्तर से ही बेहतर प्रशिक्षण मिल सके।
वर्जन
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन स्पोर्ट्स के लिए शासन से स्वीकृति मिल चुकी है लेकिन अभी तक निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। परियोजना की प्रगति को लेकर कोई नई जानकारी नहीं मिली है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि निर्माण कार्य कब शुरू होगा। -विनोद मेहता, प्राचार्य, राजकीय मॉडल संस्कृति विद्यालय, ततारपुर इस्तमुरार।
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नेटबॉल और कबड्डी के खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण और अभ्यास की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए खेल उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने की योजना बनाई गई है। करीब एक वर्ष पहले पंचकूला से आई विशेष टीम ने स्कूल का निरीक्षण कर भूमि, खेल मैदान और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का सर्वे किया था।
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जांच के बाद प्रस्ताव को मंजूरी भी दे दी गई, लेकिन इसके बावजूद अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। इससे जिले के उभरते खिलाड़ियों और विद्यार्थियों को आधुनिक खेल संसाधनों के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
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एईओ भूपेंद्र ने बताया कि परियोजना की पूरी निगरानी पंचकूला स्तर से की जा रही है। बजट जारी करने और अन्य प्रशासनिक निर्णय भी वहीं से लिए जा रहे हैं। इसलिए स्थानीय स्तर पर निर्माण कार्य शुरू करने का निर्णय नहीं लिया जा सकता।
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनने के बाद राजकीय संस्कृति मॉडल स्कूल में खेल मैदान सहित आधुनिक खेल अधोसंरचना विकसित की जाएगी। इससे जिले के खिलाड़ी नियमित अभ्यास कर सकेंगे और उन्हें राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर तैयारी का अवसर मिलेगा। यह परियोजना रेवाड़ी को खेल क्षेत्र में नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
निदेशालय स्तर पर हर तीन माह में होगी समीक्षा
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन स्पोर्ट्स शुरू होने के बाद इसकी प्रगति और खिलाड़ियों के प्रदर्शन की समीक्षा हर तीन माह में निदेशालय स्तर पर की जाएगी। इस सेंटर के माध्यम से आगामी ओलंपिक खेलों के लिए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का बेस पूल तैयार करने की योजना है। परियोजना का मुख्य उद्देश्य मिशन ओलंपिक को मजबूत करना है, ताकि हरियाणा के अधिक से अधिक खिलाड़ी ओलंपिक में पदक जीतकर प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सकें। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए स्कूलों को खेलों के लिए आदर्श मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके तहत खेल मैदानों का विकास, आधुनिक खेल सामग्री उपलब्ध कराना और प्रशिक्षित कोचों की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा, जिससे खिलाड़ियों को शुरुआती स्तर से ही बेहतर प्रशिक्षण मिल सके।
वर्जन
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन स्पोर्ट्स के लिए शासन से स्वीकृति मिल चुकी है लेकिन अभी तक निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। परियोजना की प्रगति को लेकर कोई नई जानकारी नहीं मिली है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि निर्माण कार्य कब शुरू होगा। -विनोद मेहता, प्राचार्य, राजकीय मॉडल संस्कृति विद्यालय, ततारपुर इस्तमुरार।