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अस्पताल की जमीन पर हो रहा विचार : राव इंद्रजीत

Fri, 04 Jul 2025 12:35 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Fri, 04 Jul 2025 12:35 AM IST
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Consideration is being made on the land of the hospital: Rao Indrajit
केंद्रीय मंत्री बोले- कॉल रिकॉर्ड कर सार्वजनिक करना बड़ा संगीन अपराध
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संवाद न्यूज एजेंसी

रेवाड़ी। 200 बेड के अस्पताल को लेकर उठे विवाद पर केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत ने वीरवार को कहा कि अस्पताल को लेकर अब राजनीति हो रही है। अस्पताल की जमीन पर विचार हो रहा है।
उन्होंने कहा कि परिवार के बारे में गलत बात नहीं कहनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि कॉल रिकॉर्ड कर सार्वजनिक करना अपराध है। इस मामले में सरपंच के पति के खिलाफ एफआईआर तक हो सकती है। सरपंच के पति ने कुछ दिन पहले केंद्रीय राज्यमंत्री के साथ हुई बातचीत को सार्वजनिक कर दिया था।
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उन्होंने कहा कि गांव में अस्पताल को लेकर शहर के कई संगठन उनसे मिल चुके हैं। सब कह रहे हैं कि अस्पताल जिला मुख्यालय पर होना चाहिए। शहर अस्पताल की जगह भी करीब 4 एकड़ जमीन है, लेकिन वो 2 भाग में है। अब उसी जमीन पर भी फिर से विचार किया जाएगा। अगर कोई दूसरी उपयुक्त जगह मिली तो शहर में उस पर भी चर्चा होगी।
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उन्होंने कहा कि रामगढ़ भगवानपुर के लोग कह रहे थे कि उन्होंने रामपुरा हाउस गए लोगों से मुलाकात नहीं की। दिल्ली में बैठक थी जिसके चलते जल्दी निकलना था। यह जानकारी सरपंच प्रतिनिधि को फोन पर दी थी। गांव के लोगों ने मिलने के लिए टाइम भी नहीं लिया था। बेटी खुद गांव गांव जाकर जमीन की तलाश कर रही है।


उन्होंने कहा कि महापंचायत के दौरान कांग्रेस के हारे हुए लोगों को बुलाया गया जिन्होंने अपनी भड़ास निकाली। गलत बोलने वाले बाहर के लोगों को यहां बुलाया गया था।



मनेठी में भी हुआ था धोखा

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार की यह नीति थी कि प्रत्येक प्रांत में एम्स का निर्माण कराया जाएगा। बावल में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने जलसे में एम्स निर्माण की घोषणा की थी। बताया गया कि मनेठी में 200 एकड़ जमीन है। पंचायत ने उनसे फाइल अप्रूव करा कर दिल्ली भेज दी। जब दिल्ली की टीम ने आकर मौका मुआयना किया तो पता चला कि यह जमीन तो वन विभाग की है। माजरा पंचायत को धन्यवाद देते हुए कहा कि अगर माजरा गांव की पंचायत जमीन नहीं देती तो आज एम्स का निर्माण नहीं होता।
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